युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के लिए 15 टूल रूम

कानपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले टूल रूम का शिलान्यास

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केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और नौकरी के लिए बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के वास्ते आज कानपुर में टूल रूम का शिलान्यास किया। देश में विश्व बैंक की मदद से 15 टूल रूम खोले जाने हैं, जिसमें से उत्तर प्रदेश में एक कानपुर और एक ग्रेटर नोएडा में खोला जायेगा।

मिश्र ने कहा कि लगभग 100 करोड़ की लागत से खुलने वाले इस टूल रूम में प्रतिवर्ष आठ हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा। केंद्रीय सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग मंत्री कलराज मिश्र और कानपुर के सांसद मुरली मनोहर जोशी ने आज टेक्सटाइल मंत्रालय की बंद पड़ी अर्थटन कपड़ा मिल में एमएसएमई टेक्नालोजी सेंटर के लिए भूमि पूजन किया और भवन निर्माण का शिलान्यास किया।

मिश्र ने कहा इसके लिये कपड़ा मंत्रालय ने करीब नौ एकड़ ज़मीन एक समझौते के तहत उपलब्ध कराई है जबकि इस टूल रूम की स्थापना के लिये करीब 15 एकड़ ज़मीन की जरूरत थी। विश्व बैंक की मदद से बन रहे इस टूल रूम की स्थापना में अभी करीब 100 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। अगर 15 एकड़ ज़मीन मिल गयी तो इसमें छात्रावास आदि भी बनायें जायेंगे तब इसकी लागत करीब 135 करोड़ होगी।

उन्होंने कहा कि इसमें शहर की टेक्सटाईल इंडस्ट्री, लेदर इंडस्ट्री, होजरी इंडस्ट्री शामिल होंगी, इसमें शहर और आसपास के पढ़े लिखे युवाओं को रोजगार परक प्रशिक्षण दिया जायेंगा ताकि ग्रेजुएट और बीटेक छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रोज़गार प्राप्त कर सकेंगे। इससे राज्य के उद्योगों को प्रशिक्षित युवा उपलब्ध होंगे और उनके उद्योगों को नयी दिशा मिलेंगी।

 देश में चल रहे है 18 टूल रूम 

मिश्र ने बताया कि देश में इस समय 18 टूल रूम चल रहे है जबकि 15 और खोले जाने है। शहर की बंद कपड़ा मिलों के बारे में उन्होंने कहा कि इस बारे में कपड़ा मंत्री से बात की जा रही है जल्द ही इसका भी समाधान निकलेगा।  उन्होंने कहा कि लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये केंद्र सरकार बड़े पैमाने पर कार्यक्रम और योजनायें बना रही है और उन्हें अमल में ला रही है। अभी तक लघु उद्योगों के पंजीकरण में कई तरह की परेशानियां आती थी, लेकिन अब यह सुविधा आन लाइन एक पन्ने के फार्म में उपलब्ध है। इसमें 20 बिंदु हैं जिन्हें भर कर कोई भी उद्यमी पांच मिनट में अपना फार्म भर पंजीकरण करा सकता है। अब तक करीब 12 लाख उद्यमी इसके ज़रिए अपना पंजीकरण करा चुके हैं।

इसके अलावा लघु उद्योगों का माल बाजार में न बिकने की समस्या थी इसको देखते हुये सरकार ने सभी सार्वजनिक उपक्रमों और पीएसयू में इस बात के आदेश दिये है कि वह अपनी जरूरत का 20 प्रतिशत सामान इन लघु उद्योगों से ही खरीदे। सरकार लघु मध्यम और कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने के लिये हर संभव प्रयास कर रही है और कोशिश कर रही है कि अधिक से अधिक युवा इन उद्योगों से जुड़कर रोज़गार प्राप्त कर सकें।

इस अवसर पर क्षेत्र के सांसद मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि आज जापान जर्मनी ने सूक्ष्म लघु उद्योगों की मदद से ही अपना आर्थिक विकास किया है। इस लिये आर्थिक विकास के लिये सूक्ष्म लघु उदयोगो को बढ़ावा दिया जाना चाहियें। इसी दिशा में कानपुर में टूल रूम की स्थापना की जा रही है। कानपुर में कपड़ा मंत्रालय की कई बंद पड़ी मिलें है जिन्हें बेचने की कोशिश करने के बजाय वहां इस तरह के कौशल विकास के कार्यक्रम शुरू किये जायें और बंद पड़ी मिलों को फिर से खोलने का प्रयास होना चाहिये।- पीटीआई

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