नोटबंदी का निर्णय साहसिक कदम : रतन टाटा

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टाटा संस के अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा ने 500 और 1000 रुपये के नोट पर पाबंदी के सरकार के निर्णय की आज सराहना करते हुए, इसे साहसिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे कालाधन और भ्रष्टाचार की समस्या दूर होगी।

बड़ी राशि वाली पुरानी मुद्रा पर पाबंदी एक साहसिक कदम है जो कालाधन तथा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएगा। यह हमारे समर्थन का हकदार है। 

उल्लेखनीय है, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को 500 और 1,000 रुपये के नोट के उपयोग पर पाबंदी लगा दी। इस कदम का मकसद कालाधन पर अंकुश लगाना, नकली मुद्रा को प्रचलन से बाहर करना तथा आतंकवादियों को मिलने वाली सहायता पर लगाम लगाना है।

उधर दूसरी तरफ एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक आदित्य पुरी ने आज नोटबंदी को एक आवश्यकता बताते हुए कहा, कि इससे अर्थव्यवस्था को दीर्घावधि में दरों में कटौती, जाली मुद्रा पर रोक तथा कर दायरा बढ़ने से लाभ होगा। उन्होंने बैंक के खाताधारकों के नाम जारी नोट में कहा, ‘एचडीएफसी बैंक का मानना है कि यह एक प्रशंसनीय कदम है और इससे अर्थव्यवस्था और लोगों को दीर्घावधि में लाभ होगा।’ 

नोटबंदी की घोषणा जाली नोटों को हटाने के लिए आवश्यक थी। इसका आतंकवाद के वित्तपोषण से सीधा संबंध है: आदित्य पुरी

पुरी ने कहा, कि लोग अपना कारोबार ईमानदार और पारदर्शी तरीके से करें, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी देश की 10 प्रतिशत से कम आबादी आयकर देती हो, तो वह देश प्रगति नहीं कर सकता। इससे भ्रष्टाचार को समाप्त करने और बैंकिंग सेवाओं की लागत नीचे लाने में मदद मिलेगी।

साथ ही सरकार के ऊंचे मूल्य वर्ग के नोट बंद करने के फैसले का समर्थन करते हुए नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने कहा कि आज देश पूरी तरह डिजिटल भुगतान प्रणाली की ओर बढ़ रहा है, जिससे दीर्घावधि में अर्थव्यवस्था को भारी लाभ होगा। कांत ने आज ‘इंडिया पावर फोरम’ के मौके पर अलग से बातचीत में संवाददाताओं से कहा, ‘नोटबंदी से देश को दीर्घावधि का लाभ होगा। देश डिजिटल भुगतान अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ेगा। यह एक पूरी तरह औपचारिक अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ेगा।’ कांत ने 500 और 1000 के नोट को बंद करने के कदम को शानदार और अच्छा कदम बताते हुए कहा कि इससे लघु अवधि में कुछ मुद्दे होंगे, लेकिन दीर्घावधि में इसका बड़ा लाभ होगा। उन्होंने यह भी कहा, कि ‘यह एक बड़ा काम है। सीमित अवधि में इससे कुछ मुद्दे खड़े हो सकते हैं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि हमें चिंतित होने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने काले धन को समाप्त करने के लिए 50 दिन मांगे हैं।’ कांत ने कहा कि देश गैर औपचारिक से औपचारिक अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को धैर्य और भरोसा रखना चाहिए। सरकार ने आठ नवंबर की मध्यरात्रि से 500 और 1,000 रुपये के नोट अमान्य करने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद से बैंकों और एटीएम के बाहर नकदी लेने वालों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं। लोग अपने पुराने नोट जमा करने और नकदी पाने के लिये घंटों प्रतीक्षा कर रहे हैं। 

नोटबंदी की घोषणा के अब दो सप्ताह बाद लोगों को कुछ राहत महसूस हो रही है। बैंकों और एटीएम के बाहर पंक्तियां छोटी हुई हैं और करीब 40 प्रतिशत एटीएम पर नये नोट मिलने लगे हैं। 

हालांकि, अभी भी कई स्थानों पर नकदी उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें हैं।

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