स्क्रैमजेट रॉकेट इंजन के सफल परीक्षण के बाद भारत प्रतिष्ठित क्लब में शामिल

अमेरिका, रूस और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के बाद भारत स्क्रैमजेट इंजन का परीक्षण उड़ान करने वाला चौथा देश बन गया है।

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कुछ देशों के चुनिंदा क्लब में शामिल होते हुए भारत ने आज अपने अत्याधुनिक स्कै्रमजेट रॉकेट इंजन का सफल परीक्षण किया। वायुमंडल की ऑक्सीजन का इस्तेमाल करते हुए इंजन का प्रक्षेपण किया गया जिससे प्रक्षेपण की लागत कई गुना कम हो सकती है और हवा से ऑक्सीजन लेने वाले इंजन डिजाइन करने के इसरो के प्रयास में मदद मिल सकती है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने कहा कि आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सुबह छह बजे स्क्रैमजेट इंजन के पहले प्रायोगिक मिशन का सफलतापूर्वक संचालन किया गया। इसरो ने मिशन को सामान्य लेकिन वायुमंडल से ऑक्सीजन लेकर चलने वाले आधुनिक इंजनों को डिजाइन और विकास करने के प्रयास में महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

अमेरिका, रूस और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के बाद स्क्रैमजेट इंजन के प्रक्षेपण परीक्षण का प्रदर्शन करने वाला भारत चौथा देश है। इसरो ने कहा कि 12 घंटे की निर्बाध उल्टी गिनती के बाद स्क्रैमजेट इंजन को लेकर आधुनिक प्रौद्योगिकी यान (एटीवी) ने सुबह छह बजे उड़ान भरी और 300 सैकंड की उड़ान श्रीहरिकोटा से करीब 320 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी में समाप्त हुई।

श्रीहरिकोटा से उड़ान के दौरान अंतरिक्षयान पर सफलतापूर्वक नजर रखी गयी। इसरो ने कहा कि उसके डिजाइन किये गये स्क्रैमजेट इंजनों में ईंधन के रूप में हाइड्रोजन का इस्तेमाल होता है और ये ऑक्सीकारक के रूप में वायुमंडल की वायु से ऑक्सीजन लेते हैं।

सामान्य तौर पर रॉकेट के इंजनों में दहन के लिए ईंधन और ऑक्सीकारक दोनों होते हैं। स्क्रैमजेट इंजनों का इस्तेमाल इसरो के रियूजेबल लांच व्हीकल को हाईपरसोनिक रफ्तार में संचालित करने के लिए भी किया जाएगा। 

बेंगलूरू में ही मौजूद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सफल परीक्षण के लिए इसरो को बधाई दी।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘भविष्य के स्क्रैमजेट रॉकेट इंजन के सफल परीक्षण पर इसरो को हार्दिक बधाई। भारत को आप पर गर्व है।’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्क्रैमजेट रॉकेट इंजन का सफल परीक्षण करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन :इसरो: के वैज्ञानिकों को आज बधाई दी और कहा कि उन्होंने एक बार फिर भारत को गौरवान्वित किया है।

मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘स्क्रैमजेट रॉकेट इंजन का सफल परीक्षण हमारे वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत और उत्कृष्टता का प्रमाण है। इसरो को बधाई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने बार बार देखा है कि हमारे वैज्ञानिकों एवं अंतरिक्ष कार्यक्रम ने कैसे भारत को गौरवान्वित किया है।’’ अमेरिका, रूस और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के बाद भारत स्क्रैमजेट इंजन का परीक्षण उड़ान करने वाला चौथा देख बन गया है।

मोदी ने स्क्रैमजेट रॉकेट इंजन के सफल परीक्षण के लिए इसरो को बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्क्रैमजेट रॉकेट इंजन का सफल परीक्षण करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों को आज बधाई दी और कहा कि उन्होंने एक बार फिर भारत को गौरवान्वित किया है।

मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘स्क्रैमजेट रॉकेट इंजन का सफल परीक्षण हमारे वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत और उत्कृष्टता का प्रमाण है। इसरो को बधाई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने बार बार देखा है कि हमारे वैज्ञानिकों एवं अंतरिक्ष कार्यक्रम ने कैसे भारत को बहुत गौरवान्वित किया है।’’ वायुमंडल में मौजूद ऑक्सीजन का इस्तेमाल करने वाला भविष्य के स्क्रैमजेट रॉकेट इंजन का सफल परीक्षण करके भारत चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है। इससे प्रक्षेपण की लागत में कई गुना कमी लाने में मदद मिल सकती है। इसरो ने कहा कि स्क्रैमजेट रॉकेट इंजन का पहला प्रायोगिक परीक्षण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्षक केंद्र से सुबह छह बजे किया गया। अमेरिका, रूस और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के बाद भारत स्क्रैमजेट इंजन का परीक्षण उड़ान करने वाला चौथा देश बन गया है।

पीटीआई

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