अगर स्टार्टअप्स रखें उपभोक्ताओं का ध्यान तो नहीं आएगी फंडिंग में दिक्कत - निकेश अरोड़ा

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कुछ समय पहले निकेश अरोड़ा ने खूब सुर्खियां बटोरी जब उन्होंने जापान की एक इंवेस्टमेंट कंपनी सॉफ्ट बैंक को ज्वाइन किया और उसके कुछ समय बाद ही उस कंपनी ने इंवेस्टमेंट के लिए भारत को चुना। 'स्टार्टअप इंडिया' कार्यक्रम में बोलते हुए निकेश अरोड़ा जोकि सॉफ्ट बैंक में बतौर अध्यक्ष और सीओओ काम कर रहे हैं ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी बात रखी।

भारत उनकी पहली पसंद क्यों है -

निकेश बताते हैं कि जब 18 महीने पहले उन्होंने यह कंपनी ज्वाइन की थी उस समय कंपनी अपने विस्तार के लिए कई स्थानों का चुनाव कर रही थी। तकरीबन उसी समय भारत में भी सत्ता बदली। फिर हमने भी इस ओर ध्यान दिया कि भारत में जिस तेजी से तकनीक का विस्तार हो रहा है उसे देखते हुए आने वाले 10 से 15 साल का समय भारत में नई कंपनियों के लिए बहुत अच्छा रहने वाला है। निकेश ने ओबेर कंपनी के सीईओ ट्रैविस की बात को दोहराते हुए कहा कि इंवेस्टमेंट के लिहाज से बे एरिया, बीजिंग और बैंगलूरु दुनिया की तीन बेहतरीन डेस्टीनेशन हैं।

स्टार्टअप से क्या सीखा -

निकेश ने बताया कि चाहे कोई बड़ी कंपनी हो, स्टार्टअप हो या फिर स्टार्टअप से ही बनी कोई बड़ी कंपनी हो। सबसे एक ही सीख मिलती है कि जो लोग सच में काम करने के मक्सद और अपनी कंपनी के माध्यम से लोगों की समस्या को सुलझाने के लिए बाजार में उतरते हैं वे उन लोगों से ज्यादा सफल रहते हैं जो मात्र फंडिंग और पैसे के लिए बाजार में आए होते हैं।

अपनी कंपनी का चुनाव कैसे करें -

निकेश ने कहा कि आज दिन भर कई लोगों ने अपने विचार रखे जोकि बहुत फायदेमंद और जानकारीयुक्त थे। मुझे लगता है कि सबसे पहले किसी भी कंपनी के लिए यह ज्यादा जरूरी है कि वह फंड जुटाने की बजाय कस्टमर पर ज्यादा ध्यान दे। और जो इस सोच के साथ कंपनी खोल रहे हैं वे ही इंस्वेस्टमेंट के लिए सबसे उपयुक्त हैं।

शिक्षा का महत्व -

शिक्षा सबसे जरूरी है। तकनीक के प्रयोग से हम शिक्षा को और बेहतर बना सकते हैं। निकेश बताते हैं कि हालांकि यह आसान काम नहीं है। इस तरह की तकनीक के लिए पार्टरशिप और सरकारी सहयोग की बहुत जरूरत होती है।

विभिन्न पॉलिसी पैकेजों से उम्मीदें -

निकेश कहते हैं कि मुझे सच में लगता है कि हमने सकारात्मक शुरुआत की है। हम बहुत सारे लोगों को एक मंच पर लेकर आए हैं। चाहे वह सरकारी तंत्र से जुड़े लोग हों या फिर स्टार्टअप्स हों। अच्छा बात यह है कि सभी एक दूसरे के लाभ से जुड़े हैं और एक-दूसरे को लाभ पहुंचा रहे हैं। मुझे लगता है कि यह सफर बहुत लंबा रहेगा। हमने पहला महत्वपूर्ण कदम तो आगे बढ़ा ही दिया है। अब जरूरत है इसे तेजी से और आगे बढ़ाने की। सॉफ्ट बैंक सोलर एनर्जी का भी बड़ा इंवेस्टर है।

अक्षय ऊर्जा में निवेश -

निकेश ने बताया कि भारत के पास इस समय बहुत अच्छा मौका है कि वह अब क्लीन एनर्जी यानी अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़े और काम करे। आगे वे कहते हैं कि मुझे यह देखकर बहुत खुशी है कि सरकार इस दिशा में बहुत बेहतर काम भी कर रही है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विषय में राय -

इसके अलावा निकेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र को भी बहुत उम्मीद से देखते हैं और निवेश की इच्छा रखते हैं।

क्या सर्विस साइड की फंडिंग प्रोडक्ट साइड से ज्यादा है -

भारत में स्टार्टअप्स अभी शुरुआती दौर में हैं। इसलिए यह हम सबकी यह जिम्मेदारी बनती है कि हम फूक-फूक कर कदम रखें। अब समय आ गया है कि हम अपनी योजनाओं को कार्यरूप दें।

आखिर डिस्काउंट मॉडल के भरोसे कब तक -

हमारा सभी कंपनियों से आग्रह है कि वे अपने ग्राहकों को एक अच्छा अनुभव दें। हमने यह ग्राहकों के ऊपर छोड़ दिया है कि वे किस कंपनी को चुनें।

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