इतनी लंबी उम्र में भी क्रिकेट-योगा की महारती महिलाएं ऐलीन और नन्नामल

0

दुनिया की सबसे बुजुर्ग टेस्ट क्रिकेटर इलीन ऐश ने अभी हाल ही में अपना 107वां जन्मदिन मनाया है। कोयंबटूर की 98 वर्षीय बुजुर्ग नन्नामल रोजाना योगा करती ही नहीं, लोगों को सिखाती भी हैं। उन्हें भारत की सबसे बुजुर्ग योगगुरु कहा जाता है।

दुनिया की सबसे बुजुर्ग टेस्ट क्रिकेटर इलीन ऐश ने अभी हाल ही में अपना 107वां जन्मदिन मनाया है। वर्ष 1937 में इंग्लैंड महिला टीम के लिए डेब्यू करने वाली इलीन का जन्म 1911 में हुआ था।

वह कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) की सक्रिय बुजुर्ग 87 साल की कौशल्या देवी हों या इसी माह सिरसा (हरियाणा) में आयोजित 'रन फॉर यूनिटी' मैराथन में दौड़ लगाने वाले बुजुर्ग लाल चंद गोदारा अथवा इसी साल अप्रैल में 117 साल की उम्र में दुनिया से विदा होने वाली दक्षिणी जापान की वृद्धा नबी ताजीमा, सबकी सेहत का राज मजबूत इच्छा शक्ति ही नहीं, जीवन की कठिन साधना भी है। आंध्र प्रदेश की 106 साल की बुजुर्ग महिला मस्तनम्मा तो यूट्यूब पर वीडियो अपलोड कर दुनिया भर में फेमस हो गई हैं। अमेरिकी ‘गेरोनोलॉजी रिसर्च ग्रुप’ का कहना है कि अब जापान की ही एक अन्य महिला शियो योशिदा विश्व की सबसे बुजुर्ग इंसान हैं, जो 116 वर्ष की हो चुकी हैं।

जमैका की 117 वर्षीय जवायलेट ब्राउन ने अपनी जिंदगी का ज्यादातर समय अपने घर के पास गन्ना काटते हुए बिताया। वह नियमित चर्च जातीं। उन्होंने कहा था कि वह अचंभित हैं लेकिन इतने लंबे समय तक जीने के लिए आभारी हैं। मुझे सक्रिय तरीके से लंबा जीवन स्वीकार करना है। फिलहाल, आइए, हम विश्व की उन दो बुजुर्ग महिलाओं की सक्रिय-प्रेरक जिंदगी से रू-ब-रू होते हैं, जिनमें एक 107 वर्षीय क्रिकेटर ऐलीन एश हैं और दूसरी कोयंबटूर की 98 वर्षीय नन्नामल, जिनका शरीर इस उम्र में भी बच्चों की तरह लचीला है।

कोयंबटूर की 98 वर्षीय बुजुर्ग नन्नामल रोजाना योगा करती ही नहीं, लोगों को सिखाती भी हैं। उन्हें भारत की सबसे बुजुर्ग योगगुरु के रूप में जाना जाता है। वह एकदम आसानी से बीस से अधिक तरह के कठिन योगासन कर लेती हैं। योग की शिक्षा उनको अपने चिकित्सक पिता से मिली थी। नन्नामल का शरीर आज भी छोटे बच्चों की तरह लचीला है। वह रोजाना सुबह उठकर आधा लीटर पानी पीती हैं और बच्चों को योग सिखाने निकल जाती हैं। वह अपने खान-पान में विशेष सावधानियां बरतती हैं। हमेशा सादा भोजन करती हैं। रात का खाना शाम सात बजे तक खाकर जल्दी सो जाती हैं। वह फल और शहद का सेवन करना कभी नहीं भूलती हैं।

वह योग प्रशिक्षक होने के साथ ही नेचुरोपैथी की भी समर्थक हैं। उनका मानना है कि प्रकृति के नजदीक रहने से आदमी स्वस्थ रहता है और उसमें भरपूर एनर्जी बनी रहती है। जो भी उनसे मिलने आता है, उसको प्राकृतिक औषधियों के फ़ायदे बताना नहीं भूलती हैं। इस समय पूरी दुनिया में उनके लगभग छह सौ छात्र हैं। पहले वह सिर्फ अपने घर वालों को योग सिखाती थीं। एक प्रतियोगिता में भाग लेने के बाद जब उनको प्रसिद्धि मिली तो बाहर के लोग भी उनसे योगा का प्रशिक्षण लेने आने लगे।

क्या क्रिकेट प्रेमियों को यह बात पता है कि दुनिया की सबसे बुजुर्ग क्रिकेटर कौन हैं और उनकी उम्र क्या है? दुनिया की सबसे बुजुर्ग टेस्ट क्रिकेटर इलीन ऐश ने अभी हाल ही में अपना 107वां जन्मदिन मनाया है। वर्ष 1937 में इंग्लैंड महिला टीम के लिए डेब्यू करने वाली इलीन का जन्म 1911 में हुआ था। उन्होंने 12 साल के लंबे करियर में सात टेस्ट खेले। इस दौरान उन्होंने औसतन 10 विकेट लिए। उन्होंने अपना पहला मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। इलीन ने क्रिकेट के साथ ही योगा को भी अपना लिया। वह तीस साल से भी ज्यादा समय से योगा कर रही हैं। योग करते हुए उनके एक विडियो को आईसीसी ने ट्विटर पर शेयर किया था, जिसमें इलीन के साथ इंग्लैंड महिला टीम की कप्तान हेथर नाइट को भी देखा जा चुका है।

गेंदबाज रहीं एलीन को दूसरे विश्व युद्ध के कारण पहले तीन टेस्ट खेलने के बाद अगला मैच खेलने के लिए 12 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। उनको 1949 में चौथा टेस्ट खेलने का मौका मिला। उसके बाद उन्होंने फिर चार मैच खेले। एश 2011 में 100 साल तक जीवित रहने वाली पहली महिला टेस्ट क्रिकेटर बन गई थीं। एमसीसी ने उस खास मौके पर उन्हें आजीवन सदस्यता से सम्मानित किया था। अफ्रीका के जॉन वॉटकिंग 95 की उम्र में सबसे उम्रदराज जीवित पुरुष टेस्ट क्रिकेटर हैं। दो साल पहले एलीन को लॉर्ड्स की बालकनी में घंटी बजाने के लिए आमंत्रित किया गया था। आईसीसी ने इस साल अक्तूबर में एलीन को 107 साल पूरे करने पर अनोखे अंदाज में शुभकामनाएं दीं। आईसीसी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर पिछले साल इंग्लैंड की खिलाड़ी हीथर नाइट्स के साथ एलीन की मुलाकात का वीडियो शेयर किया। नाइट्स ने ऐलीन से मुलाकात के बारे में कहा था कि वह उन सबसे बेहतरीन महिलाओं में से एक हैं, जिनसे वह अपने जीवन में मिली हैं। नाइट्स ने ये भी बताया कि वह ये देखकर हैरान हैं कि ऐलीन आज भी हर हफ्ते योगा करती हैं।

'साइन्स ऑफ़ एजिंग' के राइटर एवं स्पेन के नेशनल सेंटर फ़ॉर ऑन्कोलॉजिकल इन्वेस्टिगेशन्स के डॉक्टर मैन्युअल सेरानो कहते हैं- 'मुझे जैविक तौर पर तो ऐसी किसी भी चीज़ के बारे में नहीं पता, जो ढलती उम्र के साथ बेहतर हुई हो।' उनकी किताब में शोधकर्ताओं ने शरीर के भीतर होने वाली उन मुख्य प्रक्रियाओं का उल्लेख किया है, जो उम्र बढ़ने के साथ होती हैं। ये वो प्रक्रियाएं हैं, जो निश्चित रूप से होती ही हैं। वह हर इंसान में कम या ज़्यादा नज़र आ सकती हैं और इसका सारा श्रेय किसी की लाइफ़स्टाइल और आनुवांशिकी को जाता है लेकिन वह व्यक्ति में सतत रूप से होती रहती हैं। इसके नौ लक्षण इंसानों को भी अपना एहसास दिलाते रहते हैं कि वे बूढ़े होने लगे हैं। सवाल उठता है कि क्या 98 वर्षीय नन्नामल और 107 साल की ऐलीन को भी कभी खुद के वृद्ध हो जाने का एहसास हुआ होगा!

हुआ जरूर होगा, लेकिन अपने संयमित जीवन, कड़ी मेहनत और प्रबल इच्छाशक्ति के कारण वह आज पूरी दुनिया के लिए मिसाल बनी हुई हैं। वैज्ञानिक बताते हैं कि हमारा डीएनए एक तरह का जेनेटिक कोड होता है, जो कोशिकाओं के बीच संचरित होता है। उम्र बढ़ने से इन जेनेटिक कोड के संचरण में गड़बड़ी होनी शुरू हो जाती है। धीरे-धीरे यह कोशिकाओं में जमा होना शुरू हो जाती हैं। इस प्रक्रिया को आनुवांशिक अस्थिरता के रूप में जाना जाता है और यह विशेष रूप से तब प्रासंगिक होता है जब डीएनए स्टेम कोशिकाओं को प्रभावित करता है। हम जैसे-जैसे उम्रदराज़ होते जाते हैं, शरीर की कैप रूपी संरचना हटने लगती है और क्रोमोसोम की सुरक्षा ढीली पड़ने लगती है, तरह-तरह की बीमारियां का ख़तरा बढ़ जाता है। इतनी लंबी उम्र में युवाओं की तरह सक्रिय नन्नामल और ऐलीन के बारे में चिकित्सकों का मानना है कि वह अपनी जिंदगी खुलकर जी रही हैं।

यह भी पढ़ें: जिनका कोई नहीं, उनके पालनहार रवि कालरा 

यदि आपके पास है कोई दिलचस्प कहानी या फिर कोई ऐसी कहानी जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो आप हमें लिख भेजें editor_hindi@yourstory.com पर। साथ ही सकारात्मक, दिलचस्प और प्रेरणात्मक कहानियों के लिए हमसे फेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ें...

पत्रकार/ लेखक/ साहित्यकार/ कवि/ विचारक/ स्वतंत्र पत्रकार हैं। हिन्दी पत्रकारिता में 35 सालों से सक्रीय हैं। हिन्दी के लीडिंग न्यूज़ पेपर 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'आज' में 35 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं। अब तक हिन्दी की दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 6 मीडिया पर और 4 कविता संग्रह हैं।

Related Stories

Stories by जय प्रकाश जय