रिजल्ट की टेंशन को दीजिए पेंशन

एग्जाम18.कॉम की मदद से कीजिए एग्जाम की तैयारी

0

एग्जाम18 एक ई-कॉमर्स पोर्टल है जो शिक्षकों के साथ मिलकर छात्रों की परीक्षा की सबसे बेहतर तैयारी करवाता है। पहले इसकी शुरुआत एग्जामगेसपेपर्स.कॉम के नाम से हुई थी जो स्कूल के प्रीलिम पेपर्स बेचा करती थी। ये आईसीएसई के शिक्षकों के साथ करार कर आईसीएसई के गेस पेपर्स बुक्स और ई-बुक्स तैयार करती और एग्जामगेसपेपर्स.कॉम पर छात्रों को मुहैया कराती थी। जयपुर में स्थित एग्जाम18 की शुरुआत दिसंबर, 2012 में हुई। यह चिराग अग्रवाल के दिमाग की उपज है जो जयपुर के ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के फाइनल ईयर इंजीनियरिंग के छात्र हैं।

शुरुआत

चिराग जब स्कूल में थे तब उन्होंने अलग-अलग कंपनियों के लिए पांच से ज्यदा वेबसाइट की डिजाइन की थी। उन्होंने कबूल किया कि वो पढ़ाई में बिलकुल भी अच्छे नहीं थे और बड़ी मुश्किल से परीक्षा पास कर पाते थे। हालांकि, जब वो दसवीं में पहुंचे तो उन्होंने अपना ध्यान केंद्रित किया और जितना हो सकता था अपने शिक्षकों से नोट्स जमा किए। हैरानी की बात ये रही कि वो दसवीं की परीक्षा डिस्टिंक्शन के साथ पास हुए।

कॉलेज ज्वाइन करने के बाद उन्होंने एक अंतर्राष्ट्रीय कंपनी हेब्रूगार्डेन.कॉम के लिए वेबसाइट बनाने का काम जारी रखा। इससे उनकी अच्छी कमाई होने लगी। एक शिक्षक के साथ बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि छात्रों के लिए प्रश्न पत्र हासिल करना काफी मुश्किल है। यह उनके लिए एक सुनहरा मौका था कि वो छात्रों को ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल मुहैया कराएं। इससे शिक्षकों को भी अपने स्टडी मटेरियल को बेचने में मदद मिलेगी। कुछ अध्ययन के बाद उन्होंने अपनी कंपनी की शुरुआत करने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने उन स्कूल प्रीलिम पेपर्स को अपलोड किया, जिन्हें उनहोंने अपनी दसवीं की परीक्षा के दौरान जमा किए थे।

तरक्की करना

अपने माता-पिता से लगातार प्रेरणा मिलने और अपनी कंपनी शुरू करने की इच्छा ने कॉलेज की पढ़ाई की व्यस्तता के बीच चिराग इसके लिए वक्त निकालते थे। चिराग ने बताया, “मैंने कभी भी कुछ नया शुरू करने के लिए पढ़ाई खत्म होने का इंतजार नहीं किया। दो साल के अंदर ही एग्जामगेसपेपर्स के बड़ी संख्या में पंजीकृत यूजर्स हो गए थे। पिछले महीने एग्जाम18.कॉम में तब्दील होने से पहले हमारे पोर्टल पर चार लाख से ज्यादा पंजीकृत सदस्य हो चुके थे।”

एग्जाम18 ने अगस्त, 2013 से ऑर्डर लेना शुरू किया और चार महीने के अंदर ही 4000 ऑर्डर्स पूरे कर लिए। ये दो कार्यालयों से संचालित करते हैं, एक जयपुर से और दूसरा मुंबई से।

आगे का सफर

चिराग के मुताबिक, फ्लिपकार्ट, इन्फिबीम, इंडियाटाइम्सशॉपिंग जैसी ई-कॉमर्स साइट्स की कामयाबी ने उनके काम को आसान बना दिया क्योंकि लोग पहले से ही पढ़ने के लिए स्टडी मैटेरियल ऑनलाइन खरीद रहे थे।

एग्जाम18 उन छात्रों को टारगेट करता है, जो अपने सिलेबस की पढ़ाई पारंपरिक किताबों और गाइड के बजाए उन्नत किस्म के नोट्स से करना चाहते हैं। इनके पास एक ऑथर्स प्रोग्राम भी है, जहां वे शिक्षकों के साथ समझौता कर उनसे कंटेंट लेते और इसके बदले वे उन्हें पैसे देते थे।

मैकडॉवेल्स नंबर 1 प्लैटिनम चिराग अग्रवाल जैसे लोगों का सम्मान करता है जो न सिर्फ अपने जुनून को पूरा करने की हिम्मत दिखाते हैं बल्कि दूसरों को भी अपने सपने को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। इतना ही नहीं उनके इस असाधारण सफर में भागीदार भी बनते हैं।