जब आपका 'बेटा' एक लड़की बन जाए तो ये करना चाहिए

यदि आप नहीं जूझ रहे हैं इस समस्या से तो किसी अपने को समझने के लिए पढ़ें...

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आमतौर एक समाज के रूप में हम ट्रांसजेंडर्स को अपने बराबर नहीं मानते, उनसे दोराव रखते हैं। उनको हेय दृष्टि से देखते हैं, कई बार उनका जीना मुहाल कर देते हैं। हमारे पूर्वाग्रहों के वजह से उनको नौकरी नहीं मिलती, पेट पालने के लिए उन्हें कमतर काम करने पड़ते हैं। लेकिन अब बदलाव की बयार बह रही है और उसी बदलाव का उदाहरण पेश कर रहा है यूट्यूब पर वायरल हुआ 'My First Women's Day' नाम का वीडियो...

फोटो साभार: यूट्यूब
फोटो साभार: यूट्यूब
ट्रांसजेंडर, वो लोग जो पैदा किसी और पहचान के साथ होते हैं लेकिन एक समय बाद उन्हें पता चलता है कि वो अंदर से किसी और ही जेंडर के हैं।

ट्रांसजेंडर को दो कैटेगरी में बांटा जाता है, एक ट्रांसमेन दूसरा ट्रांसवुमन। ट्रांसवुमन वो होती हैं जो पैदा मर्दों वाले जेनेशियल अंगों के साथ हुई थीं लेकिन सर्जरी कराकर औरत बन गईं। ट्रांसमेन वो होते हैं, जो पैदा एक लड़की के तौर पर हुए थे लेकिन बाद में खुद को लड़का बना दिया।

मान लीजिए कोई लड़के के रूप में पैदा हुआ है मगर 13-14 साल में उसे लगने लगता है कि उसकी आदतें, रुझान, पसंद-नापसंद, इच्छाएं लड़कियों सरीखी हैं या फिर कोई लड़की है जिसे लगता है कि वो एक लड़के की जिंदगी जीना चाहती है क्योंकि वो एक लड़की नहीं लड़का है। ऐसे में सर्जरी कराकर अपना लिंग-परिवर्तन कराया जा सकता है। ट्रांसजेंडर को दो कैटेगरी में बांटा जाता है, एक ट्रांसमेंन दूसरा ट्रांसवुमन। ट्रांसवुमन वो होती हैं जो पैदा मर्दों वाले जेनेशियल अंगों के साथ हुई थीं लेकिन सर्जरी कराकर औरत बन गईं। ट्रांसमेन वो होते हैं, जो पैदा एक लड़की के तौर पर हुए थे लेकिन बाद में खुद को लड़का बना दिया।

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ट्रांसजेंडर, मानव सभ्यता का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। वो कम संख्या में हैं तो जाहिर तौर पर उनके अस्तित्व को बहुसंख्यक मर्द और औरत मानने से इंकार कर देते हैं। जानकारी के अभाव में कई लोग ऐसा मानते हैं कि ये एक दिमागी बीमारी है या ऐसे लोग भटके होते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है, उनकी शारीरिक संरचना ही ऐसी होती है, उनके क्रोमोसोम इस कदर होते हैं कि उन्हें खुद को पहचानने में दिक्कत होती है। लेकिन जब उनमें समझ आती है, उनके जननांग विकसित होने लगते हैं तब उनको अपनी असल पहचान समझ में आती है।

आमतौर एक समाज के रूप में हम ट्रांसजेंडरों को अपने बराबर नहीं मानते, उनसे दोराव रखते हैं। उनको हेय दृष्टि से देखते हैं, कई बार उनका जीना मुहाल कर देते हैं। हमारे पूर्वाग्रहों की वजह से उनको नौकरी नहीं मिलती, पेट पालने के लिए उन्हें कमतर काम करने पड़ते हैं। लेकिन अब बदलाव की बयार बह रही है।

सरकार ने ट्रांसजेंडरों के लिए कानूनों में ढील दी है, उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं। ट्रांसजेंडरों ने भी अपनी प्रतिभा का पूरा परिचय दिया है। सरपंच, मॉडल, नेता, ड्राइवर, प्रिंसिपल जैसे तमाम ओहदों पर पहुंचकर वो अपना परचम लहरा रहे हैं।

एक समाज के तौर पर हमें अब अपना चक्षु खोलने चाहिए। तमाम पूर्वाग्रहों को पीछे छोड़कर ट्रांसजेंडरों को अपनाना चाहिए। ऐसा ही बहुत कुछ सिखा देने वाला और खूबसूरत वीडियो बनाया है अर्बन क्लैप ने। वीडियो महिला दिवस पर जारी हुआ था। लेकिन उसमें जो मुद्दा उठाया गया वो हर वक्त प्रासंगिक है। एक परिवार है, जो अपने बेटे के बेटी बन जाने का पहला उत्सव मना रहा है। इस पर बाकी के लोगों की क्या प्रतिक्रिया है, वो जानना बहुत ही रोचक और प्रेरक है।

वीडियो देखिए-

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