इनकी सादगी पर कौन न हो फिदा

आईपीएस अॉफिसर प्रभाकर चौधरी सरकारी बस से पहुंचे जिले का चार्ज लेने

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पड़ोसी जिले कानपुर देहात के नये एसपी और आईपीएस आफिसर प्रभाकर चौधरी की सादगी पर कौन न फिदा हो जायें । जहां एक ओर नये एसपी जिले का चार्ज लेने सरकारी प्राइवेट गाड़ियों के काफिले से पहुंचते है, वहीं प्रभाकर कानपुर देहात के एसपी का चार्ज लेने लखनऊ से रोडवेज की सरकारी बस से पहुंचे।

साभार: फेसबुक प्रोफाईल
साभार: फेसबुक प्रोफाईल
प्रभाकर चौधरी: इसमें कौन से नयी बात है? जब मैं सरकारी ड्यूटी पर नही होता हूं तो मैं सरकारी बस से ही यात्रा करता हूं, लेकिन जब क्षेत्र में दौरा करने जाता हूं तो मैं सरकारी वाहन का प्रयोग करता हूं। आखिर क्यों मैं अपनी पर्सनल यात्रा के लिये सरकारी वाहन का इस्तेमाल करूं।

चौधरी ने बताया, कि बलिया से ट्रांसफर के बाद वह अपने घर लखनउ गए । तीन दिन वहां गुजारने के बाद वह कल लखनउ बस स्टेशन से रोडवेज बस पकड़कर कानपुर देहात के माती एसपी कार्यालय पहुंचे और कार्यभार संभाला।

कानपुर देहात के पुलिस सूत्रों ने बताया कि कल जब चौधरी एसपी कार्यालय एक बैग के साथ पहुंचे तो वहां लोग उन्हें पहचान ही नहीं पायें । जब उन्होंने खुद को जिले का नया कप्तान बताया तो एसपी आफिस में हड़कंप मच गया ।

प्रभाकर चौधरी वर्ष 2010 बैच के आईपीएस है।

वह एसपी बलिया के पद पर तैनात थे, पांच दिन पहले उनका तबादला कानपुर देहात जिले के एसपी पद पर हुआ । इससे पहले वह कानपुर शहर के एसपी सिटी भी रह चुके है । सादगी पसंद और मृदुभाषी चौधरी व्यवहार में जहां बहुत ही कोमल है वहीं अपराधियों और बदमाशों के खिलाफ बहुत ही सख्त।

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