1 अप्रैल से साउथ दिल्ली के होटल और रेस्तरां के टॉयलेट बनेंगे पब्लिक टॉयलेट

ये कोई मज़ाक या अफवाह नहीं बल्कि सच है, कि 1अप्रैल से आम जनता सिर्फ 5 रुपये देकर साउथ दिल्ली के किसी भी होटल या रेस्तरां का टॉयलेट इस्तेमाल कर सकती है।

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कम ही लोग हैं दुनिया में जो शॉपिंग करने से जी चुराते हैं, लेकिन एक चीज़ है जो शॉपिंग से रोकती है और वो है शॉपिंग के दौरान यदि टॉयलेट का इस्तेमाल करना हो, तो क्या किया जाये। शॉपिंग मॉल तक तो ठीक है, लेकिन बात जब खुले बाज़ारों में खरीदारी की होती है तो शॉपिंग करने से पहले कई बार सोचना पड़ता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि साउथ दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने एक बेहतरीन पहल कर दी है और इस पहल के चलते कोई भी व्यक्ति साउथ दिल्ली के किसी भी होटल या रेस्तरां का टॉयलेट सिर्फ 5 रुपये देकर इस्तेमाल कर सकता है। 

साउथ दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन की हालिया पहल के चलते दिल्ली के 4000 टॉयलेट्स को जनता के लिए उपलब्ध कराया जा सकेगा।

हमारे देश में पब्लिक टॉयलेट्स की कमी से अक्सर लोगों को गुज़रना पड़ता है और जहां टॉयलेट्स हैं वहां उनकी स्थिति इतनी खराब है कि इंसान चाह कर भी नहीं जाना चाहता, लेकिन साउथ दिल्ली इलाके में आम जनता को अब इस समस्या से रू-ब-रू नहीं होना पड़ेगा, क्योंकि यहां के होटल, रेस्तरां और अन्य फूड आउटलेट्स के वॉशरूम 1 अप्रैल से सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए खोल दिये जायेंगे। अगले महीने से कोई भी व्यक्ति सिर्फ 5 रुपये देकर ये सेवा ले सकता है, जो कि महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभदायी है।

साउथ दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (SDMC) ने रेस्तरां मालिकों को हेल्थ ट्रेड लाइसेंस जारी कर दिया है। एसडीएमसी ने ये फैसला लेते हुए कहा है, कि इससे आम जनता के लिए 4000 से अधिक वॉशरूम तक एक आसान पहुंच बन जायेगी। एसडीएमसी कमिश्नर पुनीत कुमार गोयल ने बताया है, कि 'इस लाइसेंस के लिए एक शर्त है, जिसे कॉर्पोरेशन किसी भी समय बदल सकता है। इस तरह की सुविधाएं यूरोपीय देशों में है। यह ट्रेंड सेटिंग कदम है और इससे दिल्ली और दूसरे शहरों के नगर निगम भी प्रेरणा लेंगे।' 

होटल व रेस्तरां को हेल्थ ट्रेड लाइसेंस दिया जाता है, जिसमें ये शर्त होती है कि नगर निगम अपने नियम को कभी भी बदल सकता है।

उधर दूसरी तरफ रेस्तरां/होटल प्रबंधक इस तरह की पहल को लेकर संदेह में है। ट्रेड एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह किसी पर दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रियाज अमलानी का कहना है, कि 'इस तरह हमारे प्रवेश के अधिकार का हनन होगा और होटल की सिक्योरिटी भी खतरे में आ सकती है।' लेकिन, नगर निगम की तरफ से ये बयान सामने आया है, कि उप राज्यपाल अनिल बैजल ने एसडीएमसी को रेस्तरां और होटल में आम लोगों के लिए टॉयलेट खोलने की संभावना तलाशने को कहा था। जिसके बाद काफी सोच-विचार के बाद ये फैसला लिया गया है।' रेस्तरां एसोसिएशन आगे की कार्रवाई से पहले इसकी बारीकियों को देखना चाहता है।

एसडीएमसी ने 4.586 हेल्थ ट्रेड लाइसेंस जारी किये हैं। गोयल ने कहा, 'हमने जिनमें लाइसेंस जारी किया है, उनमें कई टॉयलेट काफी छोटे हैं और कुछ जगहों पर तो टॉयलेट ही नहीं हैं, लेकिन 4000 से अधिक होटल/रेस्तरां में टॉयलेट हैं, जो टैक्स पेयर्स पर बिना अतिरिक्त बोझ डाले खोले जा रहे हैं। आम जनता से 5 रुपये इसलिए लिए जा रहे हैं, क्योंकि यदि हम ज्यादा पैसे लेंगे तो आर्थिक रूप से कमज़ोर लोग इन टॉयलेट्स का इस्तेमाल नहीं कर पायेंगे। वैसे तो होटल और रेस्तरां मालिक चाहें तो ये सुविधा फ्री में दे सकते हैं, लेकिन यहां बात टॉयलेट के रख रखाव की भी आ जाती है।'

यह एक बेहतरीन पहल है, जिसका स्वागत हर नागरिक को करना चाहिए, साथ ही एसडीएमसी से प्रेरित होकर बाकी के शहरों में भी इस सुविधा को शुरू कर देना चाहिए।