दो राष्ट्राध्यक्षों की सनक से बढ़ा तीसरे विश्वयुद्ध का खतरा

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जैसी कि सूचनाएं आ रही हैं, दुनिया पर तीसरे विश्वयुद्ध का खतरा मंडरा रहा है! दक्षिण कोरिया कह रहा है, अगर यह साफ हो जाए कि उत्तर कोरिया उस पर परमाणु हमला कर सकता है तो वह ऐसा होने से पहले ही उत्तर कोरिया पर न्यूक्लियर बम गिरा सकता है।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
अमेरिका के सुरक्षा सचिव ने स्वयं यह बात जगजाहिर कर दी है कि न्यूक्लियर हमले का खतरा बढ़ गया है। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया युद्धाभ्यास तो कर ही रहा है, संभवतः अपनी हमले की मंशा को ध्यान में रखते हुए ही वह आपात हालात से निपटने के लिए अपनी राजधानी राजधानी प्योंगयांग सहित अन्य संवेदनशील दायरे में आने वाले शहरों को खाली कराने की तरकीबों पर अमल शुरू कर चुका है।

इसी माह यूएन अधिवेशन में जापान नॉर्थ कोरिया की मुखालफत कर चुका है। इससे खफा होकर कोरिया ने परमाणु हथियारों से जापान को भी नष्ट करने की धमकी दी है। अधिवेशन में जापान ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से नॉर्थ कोरिया से संबंध विच्छेद करने की बात कह दी थी। 

जैसी कि सूचनाएं आ रही हैं, दुनिया पर तीसरे विश्वयुद्ध का खतरा मंडरा रहा है! दक्षिण कोरिया कह रहा है, अगर यह साफ हो जाए कि उत्तर कोरिया उस पर परमाणु हमला कर सकता है तो वह ऐसा होने से पहले ही उत्तर कोरिया पर न्यूक्लियर बम गिरा सकता है। इस बीच और कोई नहीं, बल्कि अमेरिका के सुरक्षा सचिव ने स्वयं यह बात जगजाहिर कर दी है कि न्यूक्लियर हमले का खतरा बढ़ गया है। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया युद्धाभ्यास तो कर ही रहा है, संभवतः अपनी हमले की मंशा को ध्यान में रखते हुए ही वह आपात हालात से निपटने के लिए अपनी राजधानी राजधानी प्योंगयांग सहित अन्य संवेदनशील दायरे में आने वाले शहरों को खाली कराने की तरकीबों पर अमल शुरू कर चुका है। 

उधर, इसी माह यूएन अधिवेशन में जापान नॉर्थ कोरिया की मुखालफत कर चुका है। इससे खफा होकर कोरिया ने परमाणु हथियारों से जापान को भी नष्ट करने की धमकी दी है। अधिवेशन में जापान ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से नॉर्थ कोरिया से संबंध विच्छेद करने की बात कह दी थी। नॉर्थ कोरिया का कहना है कि जापान अपना सैन्यीकरण करने, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के कारण संकट का सामना कर रहे जापानी शासकों को बचाने की कोशिश कर रहा है।

इस समय नॉर्थ कोरिया के न्यूक्लियर अटैक मसले पर कोरियाई प्रायद्वीप ही नहीं, पूरी दुनिया में तनाव है। अमेरिका की तरफ से भी उसे लगातार आक्रामक कार्रवाई की धमकियां मिल रही हैं। नॉर्थ कोरिया भी अमेरिका समेत पूरी दुनिया को परमाणु हथियारों का भय दिखा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर नॉर्थ कोरिया से युद्ध छिड़ता है तो परमाणु हथियारों के इस्तेमाल नहीं होने की स्थिति में भी लाखों लोग मारे जाएंगे। एक वैश्विक अनुमान के मुताबिक स्थिति इतनी भयावह हो सकती है कि युद्ध के पहले ही दिन लोग मौत के घाट उतर सकते हैं। अमेरिकी कांग्रेस के थिंक टैंक कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की एक रिपोर्ट के हवाले से ब्लूमबर्ग ने नुकसान का आकलन किया है। 62 पन्नों की यह रिपोर्ट अमेरिकी सांसदों को भेजी गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, अगर युद्ध छिड़ता है तो उससे ढाई करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हो सकते हैं, जिनमें लगभग एक लाख तो अमेरिकी नागरिकों के तबाह होने की आशंका रहेगी। नॉर्थ कोरिया के पास 10 हजार राउंड प्रति सेकंड रफ्तार से फायरिंग की क्षमता है।

सुरक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि एक बार जंग का ऐलान होने के बाद यह तेजी से फैल कर चीन, जापान और रूस की भी सेनाओं को इसमें शामिल कर सकता है। नॉर्थ कोरिया के कदम से सबसे ज्यादा नुकसान अमेरिका और जापान को होने का अंदेशा है। मुकाबले के कोरियाई प्रायद्वीप ही युद्ध का मैदान बन सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन का कहना है कि प्योंगयांग के साथ भारत के कूटनीतिक संबंध संपर्क-माध्यम के रूप में काम कर सकते हैं। भारत तो अमेरिका को सूचित भी कर चुका है कि उत्तर कोरिया के साथ उसका न्यूनतम व्यापार है और प्योंगयांग में एक छोटा सा भारतीय दूतावास है, जो वहां रहना चाहिए, ताकि संपर्क का कोई माध्यम खुला रहे। 

गौरतलब है कि भारत ने प्योंगयांग में अपना दूतावास बंद करने से इनकार कर दिया है। एक ताजा अंदेशा यह भी जताया जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप भी कमोबेश नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग जैसे ही कड़क मन मिजाज वाले हैं और आगामी 3 नवंबर से 12 दिनों के लिए वह एशिया दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वह जापान, दक्षिण कोरिया के अलावा चीन भी जाने वाले हैं। इसी बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को किम जोंग ने बधाई दी है और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर उत्तर कोरिया को मदद पहुंचाने के आरोप लग रहे हैं। उधर, उत्तर कोरिया धमकी दे रहा है कि वह एक बार फिर प्रशांत महासागर में हाइड्रोजन बम फोड़ेगा। डोनाल्ड ट्रंप के एशिया दौरे पर आने से जंग छिड़ सकती है। उससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी उत्तर कोरिया को पूरी तरह बर्बाद करने की धमकी दे चुके हैं। 

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पत्रकार/ लेखक/ साहित्यकार/ कवि/ विचारक/ स्वतंत्र पत्रकार हैं। हिन्दी पत्रकारिता में 35 सालों से सक्रीय हैं। हिन्दी के लीडिंग न्यूज़ पेपर 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'आज' में 35 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं। अब तक हिन्दी की दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 6 मीडिया पर और 4 कविता संग्रह हैं।

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