कैंसर मरीजों के लिए टाटा का दिवाली गिफ्ट, इन शहरों में खुलेंगे कैंसर अस्पताल

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टाटा ट्रस्ट को रतन टाटा लीड करते हैं। इन अस्पतालों की शुरुआत के लिए रतन टाटा ने केंद्र सरकार की सहायता के लिए 1 हजार करोड़ रुपये और अन्य संसाधनों को देने का वादा किया है।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
उत्तराखंड राज्य में कैंसर हॉस्पिटल शुरू करने के लिए सर्वे का काम शुरू हो गया है। अस्पताल के लिए देहरादून में डोईवाला और बुल्लावाला में उपलब्ध भूमि के विकल्प दिए गए हैं। 

राजस्थान, झारखंड, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में बनने वाले कैंसर हॉस्पिटल में टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल की तर्ज पर सारी सुविधाएं होंगी। इससे इन राज्यों के मरीजों को वहीं पर इलाज मिल सकेगा।

देश का टॉप कैंसर ट्रीटमेंट हॉस्पिटल टाटा मेमोरियल अस्पताल अब देश के बाकी शहरों में भी कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट खोलने जा रहा है। इससे गरीब कैंसर मरीजों को इलाज करवाने में काफी सहूलियत होगी। मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल देश का सबसे अच्छा कैंसर अस्पताल माना जाता है। जहां गरीबों को लगभग मुफ्त में कैंसर का इलाज उपलब्ध करवाया जाता है। जिन नए शहरों में कैंसर अस्पताल खोलने की घोषणा की गई है उसमें झारखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं। दिवाली के मौके पर इस बात की घोषणा करके रतन टाटा ने दिवाली पर कैंसर के मरीजों को बड़ा तोहफा दिया है।

टाटा ट्रस्ट को रतन टाटा लीड करते हैं। इन अस्पतालों की शुरुआत के लिए रतन टाटा ने केंद्र सरकार की सहायता के लिए 1 हजार करोड़ रुपये और अन्य संसाधनों को देने का वादा किया है। उनका यह प्रयास कैंसर के मरीजों को अच्छी सुविधा देने के लिए है। उन्होंने कहा कि राजस्थान, झारखंड, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में बनने वाले कैंसर हॉस्पिटल में टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल की तर्ज पर सारी सुविधाएं होंगी। इससे इन राज्यों के मरीजों को वहीं पर इलाज मिल सकेगा।

वहीं वाराणसी स्थित पूर्वोत्तर रेलवे का कैंसर संस्थान और शोध केंद्र का भी टाटा संस्थान ने अधिग्रहण कर लिया है। अब टाटा मेमोरियल इसे अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल के रूप में विकसित करेगा। 14 अक्तूबर को यहां आ रही मेमोरियल की टीम आगे के कार्यों को विस्तार देगी। अगले चार से पांच माह में इसे अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इस अस्पताल के बन जाने के बाद पूर्वांचल के कैंसर मरीजों को हाई क्वॉलिटी की मेडिकल सुविधाएं मिलेंगी।

टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल 60 प्रतिशत कैंसर के मरीजों को मुफ्त इलाज के साथ ही सलाह भी मुफ्त में देता है। यहां आने वाले कैंसर के मरीज ऐसे होते हैं जिनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं होते। अब ऐसे में मुंबई जैसे महंगे शहर में आकर मरीज का इलाज कराना सभी के लिए संभव नहीं है। इस समस्या को देखते हुए पांच राज्यों में टाटा ने नए हॉस्पिटल खोलने की घोषणा की है। इन अस्पतालों को बनाने में लगभग 1000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रतन टाटा के कैंसर हॉस्पिटल खोलने के लिए 1 हजार करोड़ रुपये देने की बात कही है। इस पैसे से चिकित्सकीय उपकरण और अन्य तकनीकी सामानों को खरीदा जाएगा। डॉक्टर और नर्स स्टॉफ टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल से प्रशिक्षण लेंगे।

वहीं लगभग सभी राज्यों में कैंसर अस्पताल खोलने के लिए जमीन के अधिग्रहण की बात शुरू हो गई है। उत्तराखंड राज्य में कैंसर हॉस्पिटल शुरू करने के लिए सर्वे का काम शुरू हो गया है। अस्पताल के लिए देहरादून में डोईवाला और बुल्लावाला में उपलब्ध भूमि के विकल्प दिए गए हैं। टाटा हॉस्पिटल के प्रतिनिधियों ने हाल ही में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की थी। इसमें उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार परक शिक्षा देने के अलावा कैंसर हॉस्पिटल की स्थापना की बात तय हुई थी। इस मुलाकात के बाद विभिन्न स्तरों पर बैठकें हुईं, जिसके बाद कैंसर हॉस्पिटल को देहरादून जिले में ही स्थापित करने को लेकर कवायद आगे बढ़ी।

टाटा ट्रस्ट की मानें तो उन्होंने असम सरकार के साथ इस नए प्रॉजेक्ट के लिए करार कर लिया है। असम में कैंसर अस्पताल गुवाहाटी में खुलेगा। हॉस्पिटल में कीमोथेरेपी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के साथ ही अन्य सुविधाएं होंगी। पहले तीन चरण में इस प्रॉजेक्ट के लिए 540 करोड़ रुपये मिलेंगे। जयपुर कैंसर हॉस्पिटल के लिए 200 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। रांची और झारखंड में हॉस्पिटल के लिए टाटा ट्रस्ट ने 23.5 एकड़ जमीन लिया है। आंध्र प्रदेश में तिरुपति बालाजी मंदिर ट्रस्ट को 25 एकड़ जमीन कैंसर हॉस्पिटल के लिए दिया गया है। टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टर ने कहा कि मुंबई के बाहर भी अन्य राज्यों में कैंसर हॉस्पिटल खुल जाएं तो मरीजों और उनके परिजनों के लिए सुविधा होगी।

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