मार्च 2017 तक झारखंड होगा पूरी तरह से कैशलेस : रघुवर दास

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झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास का कहना है, कि उनकी सरकार ने मार्च, 2017 तक पूरे राज्य को ‘कैशलेस’ प्रणाली से युक्त बनाने का फैसला किया है जिससे सभी लोग बिना नकदी के आपस में नयी प्रणाली के तहत मुद्रा विनिमय कर सकें। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत से मुलाकात के दौरान यह बात कही है।

रघुवर दास, मुख्यमंत्री झारखंड
रघुवर दास, मुख्यमंत्री झारखंड
रघुवर दास का कहना है, कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री की 8 नवंबर की घोषणा के बाद से ही बड़ी तेजी से कैशलेस व्यवस्था पर काम कर रहा है और इस माह के अन्त तक ही झारखंड के 29 ब्लाकों को कैशलेस प्रणाली से युक्त बना दिया जायेगा।

दास ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य है कि मार्च, 2017 तक पूरे राज्य को कैशलेस प्रणाली से युक्त बना दिया जाये और इस उद्देश्य से सभी एजेंसियां द्रुत गति से काम कर रही हैं। शिविर लगाकर सभी लोगों के खाते खोले जा रहे हैं और नयी व्यवस्था के लागू हो जाने के बाद श्रमिकों को भी उनके खाते में ही मेहनताना प्राप्त हो सकेगा। कैशलेस व्यवस्था से सभी को जोड़ने के उद्देश्य से ही पांच हजार रुपये तक के स्मार्ट फोन और पीओएस मशीन को राज्य सरकार ने वैट से मुक्त कर दिया है। राज्य की पंचायतों एवं ब्लाक को कैशलेस व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। लोगों को इस नयी व्यवस्था के बारे में प्रशिक्षित करने के लिए सौ लोगों की डिजिटल आर्मी बनाकर उन्हें सबसे पहले मंडियों में भेजा जा रहा है जिससे वहां लोगों को डिजिटल ट्रांजेक्शन के बारे में सभी आशंकाओं के बारे में बताया जा सके।'

सौ लोगों की सेना आम व्यापारियों को मुद्रा विहीन व्यापार और बैंकिंग के लिए प्रशिक्षित करेगी।

उन्होंने बताया, कि इसके अलावा राज्य के एक लाख, 28 हजार विद्यालयों के शिक्षकों को इस प्रणाली के बारे में प्रशिक्षित कर गांवों के लोगों को प्रशिक्षित करने में लगाया जायेगा। राज्य के विभिन्न हिस्सों में शिविर लगाकर रुपै कार्ड को एक्टिवेट किया जा रहा है। इतना ही नहीं अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह अन्य राज्यों में लागू की जा रही प्रणालियों पर भी नजर रखें और उनमें कुछ बेहतर होने पर उसे झारखंड में भी लागू करें। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कान्त ने कहा कि केन्द्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद कैशलेस व्यवस्था के लिए झारखंड ने सबसे तेजी से काम किया है और वह इस क्षेत्र में अग्रणी है।

मुख्यमंत्री से अमिताभ कान्त की बैठक में राज्य के अपर मुख्य सचिव एवं विकास आयुक्त अमित खरे समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।