पहले प्रयास में ही आईएएस की परीक्षा में टॉपर रहीं 22 साल की टीना डाबी

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भारतीय प्रशासनिक सेवा का सपना देखने वाले लाखों युवाओं में से कईयों के लिए 10 मई खुशखबरी भरा दिन रहा। यूपीएससी द्वारा आयोजित इस परीक्षा से भारत सरकार के लिए विभिन्न सेवा के अधिकारी चयनित होते हैं। आईये जानते हैं सफल उम्मीदवारों के बारे में जिन्होंने अपने मेहनत और लगन से उच्चतम स्कोर हासिल कर बन गए टॉपर्स।

कैसे पहले प्रयास में ही टॉपर बनी दिल्ली की टीना

इस बार यूपीएससी के रिजल्ट में सर्वोच्च स्थान हासिल कर टॉपर बनने वाली लड़की दिल्ली से हैं और वो भी महज 22 साल की। जी हां दिल्ली की टीना डाबी ने लोक सेवा परीक्षा में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। टीना डीयू के एलएसआर कॉलेज से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक हैं और अपने पहले ही प्रयास में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। योर स्टोरी से बात करते हुए अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को देते हुए टीना बताती हैं,  

"ये सफलता सिर्फ मेरी मां कि वजह से मिली है। मुझे सफल होने की उम्मीद तो थी लेकिन सर्वोच्च स्थान मिल जाएगा इसका पता नहीं था।"

ग्यारहवीं में पहले साइंस स्ट्रीम और फिर आर्ट्स स्ट्रीम चुनने वाली टीना ने अपनी मां को मोटिवेशन का सोर्स बताया। आगे अपनी रणनीति के बारे में टीना बताती हैं कि उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए रुटीन बना रखा था और उसके मुताबिक लक्ष्य भी तय कर रखे थे कि कब किस विषय को पढ़ना है और कितने वक्त में उसे खत्म कर लेना है। टीना आगे अपनी तैयारी के बारे में बताती हैं कि जो मेरा मजबूत पक्ष है उस पर मैंने ज्यादा फोकस किया और उसे और मजबूत किया।

टीना डाबी, धैर्य और अनुशासन को इस बड़ी सफलता की कुंजी मानती हैं। इतना ही नहीं उनका मानना है कि परीक्षा की तैयारियों के दौरान सफलता हासिल करने के लिए आपको कई चीजों का बलिदान देना होता है। उन युवाओं के लिए जिन्हें इस बार सफलता नहीं मिली या जो तैयारी करना चाहते हैं उनके लिए टीना कहती हैं,  

"जब आपका प्रदर्शन वैसा नहीं हो पाया जैसा कि आप उम्मीद करते थे तो धैर्य रखिए और हार मत मानिए।" 

टीना के मुताबिक सकारात्मक सोच और कठिन परिश्रम से ना सिर्फ इस परीक्षा में सफल हुआ जा सकता है बल्कि अच्छे स्थान भी हासिल किए जा सकते हैं। योर स्टोरी ने यूपीएससी की सफलतम उम्मीदवार टीना की मां से जब जानना चाहा कि टीना पढ़ने में कैसी हैं तो मां ने कहा कि वो बहुत मेहनती और आज्ञाकारी हैं। शुरुआत से ही वो कॉलेज में भी टॉप करती रही थीं। टीना की पढ़ाई के बारे में बताते हुए टीना की मां कहती हैं कि वो बारहवीं में तो इतिहास और राजनीतिक विज्ञान में सौ में सौ अंक हासिल किए थे।

जम्मु-कश्मीर के अनंतनाग से दूसरा टॉपर अतहर

यूपीएससी की परीक्षा में दूसरा सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाले अतहर आमिर हैं जिनका ताल्लुक जम्मू-कश्मीर से है। आमिर का ये दूसरा प्रयास था और अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने इस परीक्षा में भी दूसरा सर्वोच्च स्थान हासिल किया। दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के रहने वाले 23 वर्षीय अतहर आमिर का लोकसेवा परीक्षा में यह दूसरा प्रयास था अपने पहले प्रयास में उन्हें 560 वां स्थान मिला था। आईआईटी रूड़की से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद आमिर ने 2014 की परीक्षा में अपने पहले प्रयास में रेल यातायात सेवा :आईआरटीएस: हासिल किया था और फिलहाल वो लखनऊ में भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान में प्रशिक्षण ले रहे हैं।

अतहर ने योर स्टोरी से कहा, 

"मेरा सपना साकार हो गया और अब मैं लोगों की बेहतरी के लिए काम करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ूंगा। मैंने जम्मू-कश्मीर कैडर का चुनाव भी इसलिए किया है कि अगर मुझे वहां काम करने का मौका मिला तो खुशी होगी। मुझे लगता कि मेरे राज्य के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की बहुत गुंजाइश है और मैं इसमें अपना योगदान देना चाहता हूं।" 

योर स्टोरी ने जब उनकी सफलता की कुंजी के बार में पूछा तो आमिर का जबाव था "कठिन परिश्रम से ही सफलता मिलती है" आगे आमिर बताते हैं कि बड़ी योजना या उसकी सफलता के लिए आपमें प्रतिबद्धता और पैशन का होना जरुरी है। अपनी तैयारियों पर बात करते हुए आमिर बताते हैं कि आप कितने घंटे पढ़ते हैं ये मायने नहीं रखता बल्कि उतने घंटे में आपने कितनी लगन और मेहनत से अपनी तैयारी कि ये ज्यादा मायने रखता है। फिलहाल आमिर अपने घरवालों से मिलने कश्मीर जा रहे हैं और अपनी सफलता से बेहद खुश हैं।

टॉपर्स की लिस्ट में दिल्ली की दोहरी सफलता...जसमीत बने तीसरे टॉपर

अब बात करते हैं इस परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल करने वाले जसमीत की। दिल्ली के जसमीत सिंह संधू ने यूपीएससी की परक्षा में तीसरा सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। जसमीत फिलहाल भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी हैं। उनके पिता भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद :आईसीएआर: में काम करते हैं। योर स्टोरी से बात करते हुए जसमीत अपनी कामयाबी के लिए अपने माता-पिता और शिक्षकों का आभार प्रकट कहा कि उऩके बिना ये सफला मुमकिन नहीं थी। जसमीत ने कहा, 

"यह सब मेरे परिवार, मित्र और कोचिंग शिक्षकों की वजह से संभव हुआ कि मैंने इस परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल किया।" 

जसमीत ने साल 2014 की परीक्षा में भी सफल हुए थे और भारतीय राजस्व सेवा के लिए चुने गए थे। फिलहाल वो फरीदाबाद स्थित राष्ट्रीय सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क एवं नारकोटिक्स आकदमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह उनका चौथा प्रयास था, 2014 की परीक्षा में जसमीत को 322 वां स्थान हासिल हुआ था। योर स्टोरी द्वारा इस सेवा की तैयारी करने वाले युवाओं और युवतियों को संदेश देने के आग्रह पर जसमीत कहते हैं कि कड़ी मेहनत से बड़े से बड़े लक्ष्य का हासिल किया जा सकता है इसके साथ ही सफलता के लिए सकारात्मक सोच का होना भी बेहद जरुरी है।

यूपीएससी के रिजल्ट में इस बार लोक सेवा परीक्षा में कुल 1,078 लोग चयनित हुए हैं जिनमें सामान्य श्रेणी से 499, ओबीसी कोटे से 314, अनुसूचित जाति कोटे से 176 और अनुसूचित जनजाति कोटे से 89 लोग शामिल हैं।

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