अपनी या अपने प्रियजनों की तस्वीरों को केरीकेचर में बदलवाना है तो Caricme पर जाएं

3 पेशेवर चित्रकार कुछ नया करने की ललक में लेकर आए कैरिकमी की अवधारणाकिसी को उपहार के रूप में देने के लिये अब उसका चित्र इन्हें उपलब्ध करवाएं और व्यंग्य-चित्र तेयार पाएंबैंगलोर स्थित इंफोसिस के संचार डिजाइन समूह की अच्छी नौकरी को छोड़कर शुरू किया ई-काॅमर्स मंचइतने कम समय में ही प्रतिमाह लगभग 350 कैरीकेचर तैयार कर रही है यह टीम

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रीतेश राव, राजेश आचार्य और कोटरेश चर्टीकी तीनों भीतर से एक कलाकार हैं। रीतेश और कोटरेश ललित कला में स्नातक की डिग्री हासिल कर चुके हैं और राजेश चित्रकारी में स्नातकोत्तर हैं। अपना जीवन सुचारू रूप से बिताने के लिये इन तीनों ने विभिन्न कंपनियों में नौकरी करनी शुरू की और किस्मत इन तीनों को बैंगलोर स्थित इंफोसिस के संचार डिजाइन समूह में खींच लाई। यहां पर इन तीनों ने 6 से भी अधिक वर्षों तक एक टीम के रूप में काम करने के अलावा एक व्यक्ति के रूप में कई बड़ी परियोजनाओं में शामिल रहने के अलावा कई कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संभाला। इस अनुभव ने इन तीनों को अपनी व्यक्तिगत क्षमताओं का आंकलन करने के साथ-साथ एक-दूसरे को समझने, अपनी विशेषज्ञताओं को आंकने का मौका दिया। लीक से हटकर चलते हुए कुछ नया करने की बेकरारी में इस तिकड़ी ने अपने बूते पर एक स्टार्टअप शुरू करने का फैसला किया।

राजेश को व्यंग्य चित्र (कैरीकेचर) बनाने में महारत हासिल थी और इसीलिये इन लोगों ने एक ऐसा उद्यम शुरू करने का फैसला किया जो इस कला को आम व्यक्ति के लिये सुलभ बनाने में सक्षम हो। और इस सोच के नतीजतन विभिन्न रूपों में और विभिन्न सामग्रियों पर अनुकूलित कैरीकेचर बनाकर उपलब्ध करवाने वाले एक ई-काॅमर्स स्टोर Caricme की नींव पड़ी। किसी का भी कैरीकेचर बनवाने के इच्छुक व्यक्ति को बस इतना करना है कि उसे उस व्यक्ति की तस्वीर को इनकी वेबसाइट पर अपलोड करते हुए आॅनलाइन आॅडर्र देना होता है। आॅर्डर मिलने के बाद यह टीम अपने काम में जुट जाती है और पहले तैयार की हुई कलाकृति की समीक्षा के लिये एक साॅफ्ट काॅपी तैयार की जाती है। बाद में इसी साॅफ्अ काॅपी से अंतिम उत्पाद को तैयार करते हुए उपभोक्ता तक पहुुचा दिया जाता है।

‘कैरिकमी’ को काम करते हुए अब करीब दो वर्ष का समय बीत चुका है और चार लोगों की यह छोटी सी जुनूनी टीम वर्तमान में प्रतिमाह लगभग 350 के कैरीकेचर तैयार करने के आॅर्डर पाने में सफल रहती है। शुरुआती दिनों में तो इन्हें अपने इस काम को जमाने के लिये दोस्तों ओर सहकर्मियों का सहारा लेना पड़ा और ये लोग उनके कैरीकेचर तैयार कर उन्हें देते। धीरे-धीरे जब लोगों को इनके काम के बारे में जानकारी होने लगी तब जुबानी प्रचार और फेसबुक पोस्ट्स ने इन्हें प्रसिद्धी दिलवानी शुरू की और उसके बाद से ही इन्हें पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं पड़ी। रीतेश बताते हैं, ‘‘शुरुआती दिनों में हमने कुछ छोटे आॅनलाइन खिलाडि़यों के साथ हाथ मिलाया जिसके नतीजतन हमें नियमित रूप से काम मिलने लगा। एक बार काम मिलने लगा तो इससे हमारे भीमर भी अपने उतपाद को लेकर आत्मविश्वास का भाव आने लगा और साथ ही साथ हमें लगने लगा कि हमारा उत्पाद बाजार में बिकने के लायक है। इसके बाद हमनें अमेज़न, स्नैपडील, फर्न एण्ड पेटल्स इत्यादि जैसे बाजार के दिग्गजों की तरफ रुख किया। हमने इन आॅनलाइन माध्यमों की मदद से एक अच्छा और सुदृढ़ ग्राहक आधार बनाते हुए अच्छी बिक्री करने में सफलता प्राप्त की। जल्द ही हम अपना एक ई-काॅमर्स मंच लेकर सामने आए और वर्तमान में हमारे पास हजार से भी अधिक संतुष्ट उपभोक्ताओं का समर्थन प्राप्त है।’’

कैरिकमी खुद को बाजार में मौजूद अन्य खिलाडि़यों की तरह एक उपहार संबंधित बाजार में तब्दील नहीं करना चाहता है। कोटरेश कहते हैं, ‘‘हमारे व्यापार की सबसे बड़ी अवधारणा यही है कि हम एक व्यक्तिगत चित्र भी तैयार करके उपलब्ध करवाते हैं जबकि बाजार में मौजूद दूसरे प्रतिस्पर्धी मात्रा के ऊपर निर्भर रहते हैं और शायद ही कोई ऐसा कर रहा है। हम अपने उपभोक्ताओं को सबसे अनूठा व्यक्तिगत उत्पाद उपलब्ध करवाना चाहते हैं।’’ कैरिकमी फिलहाल बी2बी और बी2सी दोनों माध्यमों के आधार पर व्यापार कर रहा है। कैरिकमी अपने उपयोगकर्ताओं को जन्मदिन के लिये बेहतरीन स्मृति चिन्ह उपलब्ध करवाने के अलावा काॅर्पोरेट पुरस्कार और मान्यता, शादी की वर्षगांठ पर देने के लिये एक बेहतरीन उपहार देने के विकल्प उपलब्ध करवाता है। इन्होंने अपने उत्पादों का लंबा जीवनचक्र सुनिश्चित करने के लिये उन्हें तैयार करने की प्रक्रिया में खासा अनुसंधान किया है और इसमें एक अच्छी रकम का भी निवेश किया है। कोटरेश कहते हैं, ‘‘हम अपने उत्पाद की छपाई के लिये सर्वश्रेष्ठ तकनीक का प्रयोग करते हैं ताकि हमारी तैयार की हुई कलाकृतियां हमारे उपभोक्ताओं के साथ हमेशा के लिये बनी रहें। हम एक ऐसी प्रक्रिया का पालन करते हैं जिसे द्वारा हमारा सिर्फ 0.5 प्रतिशत काम ही अस्वीकृत होता है। और इस तरह से हम यह सुनिश्चित करत हैं कि हमारे उपभोक्ता उच्च संतुष्टि को हासिल कर सकें।’’

कैरीकमी का संचालन करने वाले कोई बहुत बड़े महत्वाकांक्षी नहीं हैं औह यह तिकड़ी सिर्फ अपनी पसंद के काम को करने का पूरा आनंद ले रही है। हो सकता है कि आने वाले समय में ये लोग एक ऐसे संवादात्मक स्थान का निर्माण करें जहां लोग आएं ओर सुकून से अपने डिजाइन विशेषज्ञों के साथ समय बिताते हुए अपने उपहारों को तैयार करवा सकें। फिलहाल इनका पूरा ध्यान चरित्र आधारित उत्पादों के लिये पूरी तरह से समर्पित एक आॅनलाइन माध्यम के रूप में खुद को साबित करने पर है।

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Worked with Media barons like TEHELKA, TIMES NOW & NDTV. Presently working as freelance writer, translator, voice over artist. Writing is my passion.

Stories by Nishant Goel