नोट बदलने के नियम हुए और अधिक कठोर

अन्य नियमों में सरकार ने शादियों के जारी मौसम को देखते हुए दूल्हा, दुल्हन या उनके माता-पिता को बैंक खाते से ढाई लाख रुपये तक नकदी निकासी की अनुमति दी है।

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नोट बदलने की प्रक्रिया अब और अधिक कठिन नियमों के तहत आ गई है, जिसके अंतर्गत पुराने नोटों को बदलने की सीमा को सरकार ने 2000 रुपये कर दिया है। यह व्यवस्था शुक्रवार 18 नवंबर से प्रभाव में आयेगी।

भारतीय आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास, फोटो साभार : thehindu
भारतीय आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास, फोटो साभार : thehindu

बंद किए गए 1000 और 500 रुपये के पुराने नोटों को बदलने की सीमा को सरकार ने 4500 रुपये से घटाकर 2000 रुपये कर दिया है। यह व्यवस्था कल से प्रभावी होगी। अन्य नियमों में सरकार ने शादियों के जारी मौसम को देखते हुए दूल्हा, दुल्हन या उनके माता-पिता को बैंक खाते से ढाई लाख रुपये तक नकदी निकासी की अनुमति दी है। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा है, कि ‘ज्यादा लोगों को पुराने 1000 और 500 रुपये के नोट बदलने की सुविधा मिल सके इसलिए बैंकों के काउंटर से नोट बदलने की सीमा को 4500 रुपये से घटाकर 2000 रुपये किया गया है। यह व्यवस्था कल से प्रभावी होगी।’ काउंटर से बड़े मूल्य के पुराने नोट बदले नयी मुद्रा लेने की सुविधा ‘30 दिसंबर तक एक व्यक्ति एक बार’ के आधार पर उपलब्ध रहेगी

शक्तिकांत दास ने कहा, ‘इससे बड़ी संख्या में लोग नोट बदल सकेंगे। नकदी की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में नकदी उपलब्ध है।’ सरकार ने नोट बदलने की सीमा को कम करने का फैसला लोगों की तर्जनी उंगली पर ना मिटने वाली स्याही लगाने की घोषणा के एक दिन बाद किया है। उंगली पर स्याही लगाने का निर्णय सरकार ने एक व्यक्ति के बार-बार नोट बदलने की स्थिति में पहचान करने के लिए किया था। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर की मध्यरात्रि से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर किए जाने की घोषणा की थी। इसे उन्होंने कालेधन, आतंकवाद को वित्तपोषण और नकली नोटों के खिलाफ जंग बताया था। तब से अब तक प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को कई प्रतिनिधियों से शादी इत्यादि के लिए नकदी निकासी के नियमों को आसान बनाने की मनुहार की गई है। दास ने कहा कि इसलिए शादियों के लिए नकदी निकासी सीमा को आसान बनाया गया है, जिस बैंक खाते से उन्हें नकदी का आहरण करना है उसकी केवाईसी (अपने ग्राहक को पहचानो) नियमों की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ढाई लाख रपये केवल एक खाते से निकाले जा सकते हैं।

उधर दूसरी तरफ मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश जिला प्रशासन ने उन लोगों को बैंक खातों से 24,000 रुपये निकालने की अनुमति दे दी है जिनके परिवार में विवाह  है।

यह व्यवस्था इस महीने के लिए ही है। जिला मजिस्ट्रेट डी के सिंह ने कहा है, कि संबद्ध बैंक के प्रबंधक से बात करने के बाद परिवार के लोग प्राथमिकता के आधार पर एक बार में 24,000 रूपये नगद निकाल सकते हैं, इसके लिए उन्हें कतार में भी खड़ा नहीं होना पड़ेगा। पैसे की किल्लत से जूझ रहे कई परिवारों ने जिला मजिस्ट्रेट के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया था और शादी के कार्ड लहराए थे। उनका कहना था कि नोटबंदी के बाद बैंक खाते से पैसा नहीं निकाल पाने के कारण विवाह की तैयारियों में उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शादी की तैयारियों के लिए उन्होंने पर्याप्त पैसा उपलब्ध करवाने की मांग की थी।

उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपा था और विवाह की तैयारियों के लिए खाते से पर्याप्त पैसा निकालने देने की मांग की थी जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।