विवाह समारोहों की फोटोग्राफी के क्षेत्र में एक जाना-माना नाम हैं मोनिशा अजगांवकर

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वाईएस टीमहिंदी

लेखकः स्वास्ति मुखर्जी

अनुवादः निशांत गोयल


‘द फोटो डायरी’ की संस्थापक और निदेशक मोनिशा अजगांवकर कहती हैं, ‘‘काॅलेज के दिनों में मेरे पास नोकिया 6600 फोन होता था और मैं उसके कैमरे से शुटिंग करने को लेकर काफी बेकरार रहती थी। वह तो जेजे काॅलेज में दाखिला लेने के बाद हुआ कि मैंने फोटग्राफी के क्षेत्र में अधिक जानने और सीखने का प्रयास प्रारंभ किया।’’ मोनिशा मुंबई आधारित एक व्यवसायिक फोटोग्राफर हैं और वे फोटोग्राफी की लगभग सभी शैलियों में अपना हाथ आजमा चुकी हैं।

मोनिशा कहती हैं कि जेजे काॅलेज में वे फोटोग्राफी के बारे में अधिक नहीं सीख सकीं क्योंकि वह एक अंशकालिक पाठ्यक्रम था।

मोनिशा कहती हैं, ‘‘कुछ भी नया सीखने के लिये स्कूल और काॅलेज सबसे अच्छे और सुदृढ़ माध्यम हैं लेकिन कुछ ऐसे व्यवहारिक अनुभव भी होते हैं जो आपको अधिक पेशेवर होने की दिशा में अधिक मददगार होते हैं। आप किसी एक निश्चित काम या फिर व्यवसाय के बारे में गहराई और नजदीक से तभी जान पाते हैं जब आप वास्तव में उसका एक भाग बनते हैं। फिर चाहे वे आवश्यक कौशल हों, आवश्यक लोग हों या फिर आपके द्वारा बनाए गए संबंध हों सभी आपके व्यवसायिक अनुभव का एक बड़ा हिस्सा होते हैं। मैं अपने इस काम में हर दिन कुछ नया सीखने में कामयाब रहती हूँं।’’ मोनिशा यह जोड़ना नहीं भूलतीं कि उन्हें हमेशा ऐसा लगता है कि वे एक निश्चित कैमरा कोण या फिर प्रकाश व्यवस्था के साथ काम करतीं तो नतीजा और भी अधिक बेहतर हो सकता था।

हालांकि रास्ते में आने वाली कोई भी चुनौती या परेशानी उन्हें शूटिंग करने और तस्वीरें खींचने से रोकने में सफल नहीं रही। ब्लू फ्राग वह पहला संगीत कार्यक्रम था जहां उन्होंने शुटिंग की थी। मोनिशा कहती हैं, ‘‘वास्तव में संगीत से रूबरू होने पर मेरे अंदर काम को लेकर और अधिक जुनून आ जाता है और यह मुझे आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करता है।’’

मोनिशा का इरादा फोटोग्राफी के क्षेत्र में आने का तो बिल्कुल भी नहीं था और वे माहिम स्थित डीजे रुपारेल काॅलेज से मनोविज्ञान के क्षेत्र में स्नातक की शिक्षा ले रही थीं। उसी दौरान एक दिन उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि वे उस एक विषय विशेष का अध्ययन नहीं करना चाहती हैं और उन्होंने उसी वक्त उस कोर्स को छोड़ने का फैसला कर लिया। इसके बाद के एक वर्ष तक उनके पास करने के लिये कुछ नहीं था और वे लगातार घर पर खाली बैठी रहीं। हालांकि उस दौरान वे जीवन से संबंधित नए क्षेत्रों को खोजने के काम में लगी रहीं।

और इस प्रकार आखिरकार मोनिशा फोटोग्राफी के क्षेत्र में उतरीं।

मोनिशा कहती हैं, ‘‘मुझे यह लड़की बेहद पसंद थी और मैं उसके साथ संगीत समारोहों में जाने के लिये बेकरार रहती थी। सिर्फ उसे प्रभावित करने के लिये मैं अपना कैमरा लेकर उसके साथ एक संगीत समारोह में तस्वीरें खींचने के लिये चली गई। हालांकि यह सिर्फ एक डेट के साथ ही समाप्त हो गया लेकिन इसके नतीजतन मैं फोटोग्राफी के प्रति अपने जुनून से रूबरू होने में सफल रही। ऐसे में मैंने कैमरे के साथ खेलना प्रारंभ कर दिया और रोलिंग स्टोन्स, पेज थ्री पार्टियों और फैशन शो इत्यादि की फोटोग्राफी प्रारंभ कर दी। इसके बाद मैंने अपनी एक मित्र की शादी की तस्वीरें अपने कैमरे से उतारीं और फिर उसके बाद मैं मैरिज फोटोग्राफी के क्षेत्र में उतर गई।’’ मानिशा ने उसी कैथेलिक शादी की फोटोग्राफी के बाद ‘द फोटो डायरी’ की नींव रखी।

संगीत से बेहद प्रभावित मोनिशा हमेशा से ही संगीत समारोहों की फोटोग्राफी के काम को काफी पसंद करती रही हैं। इसके अलावा फोटोग्राफी के बहाने से प्रतिदिन इतने सारे नए कलाकारों से मिलने का मौका और संगीत और फोटोग्राफी के प्रति उनके दृष्टिकोण को जानने की लालसा उन्हें आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करती है।

कई सारे संगीत समारोहों को शूट करने के बाद आज भी एनएच7 उनका सबसे पसंदीदा है। इसके अलावा उन्होंने हाल ही में टेन हैड्स फेस्टिवल को भी अपने कैमरे से शूट किया है।

सीखने का दौर

एक फोटोग्राफर के तौर पर मोनिशा ने एक अच्छी याद को सहेजने का सिर्फ एक ही रास्ता सीखा है और वह है पूरी तरह से उस पल में डूब कर उसको अपने भीतर अंगीकार करना। इसके अलावा उनका मानना है कि फोटोग्राफी के तौर-तरीके दिन-प्रतिदिन बदल रहे हैं और वे फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के अपने काम के दौरान विभिन्न लोगों के साथ होने वाली बातचीत के दौरान लगातार कुछ नया सीखने का प्रयास करती रहती हैं।

मोनिशा कहती हैं, ‘‘विशेषकर विवाह समारोह के दौरान उस पल लोगों को इस बात का तनिक भ्ी अहसास नहीं होता है कि यह विशेष क्षण उनके लिये आने वाले जीवन में कितना अधिक महत्व रखेगा इसलिये मुझे यह अपनी जिम्मेदारी लगती है कि मैं उस पल को जहां तक हो सके उतने बेहतर और वास्तविक तरीके से अपने लेंस में उतार सकूं।’’

मोनिशा वजीर फिल्म के दौरान अमिताभ बच्चन के साथ शूटिंग के दौरान हुए अनुभव को लेकर काफी रोमांचित हैं। वे कहती हैं, ‘‘मेरे लिये इतनी बड़ी और मशहूर हस्ती के साथ शूट करना वास्तव में एक यादगार पल था। उनसे बहुत सी चीजें सीखने को मिलीं लेकिन सबसे अच्छी चीज यह सीखने को मिली कि सिर्फ अनुभव ही वह इकलौती चीज है जो किसी भी व्यक्ति को निपुण बनाता है।’’

‘द फोटो डायरी’ के साथ विस्तार की योजनाएं

मोनिशा शादी समारोहों, संगीत कार्यक्रमों और फैशन शूट के क्षेत्र में महारत रखती हैं। विवाह से संबंधित फोटोग्राफी के क्षेत्र में ‘द फोटो डायरी’ उन चुनिंदा फोटोग्राफी कंपनियों में से एक है जो एक ही मंच पर शादी से पहले की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के अलावा शादी की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी इत्यादि की सुविधा उपलब्ध करवाने में विशेषज्ञ हैं। मोनिशा कहती हैं कि वे अधिक से अधिक विवाह समारोहों की फोटोग्राफी करने की इच्छुक हैं क्योंकि इस क्षेत्र में रचनात्मकता की असीम संभावनाएं हैं।

भविष्य के दिनों में वे अपने व्यापार को अधिक विस्तार देने के क्रम में विभिन्न बाजारों और अवसरों को तलाश करना चाहती हैं। उनका इरादा अगले वर्ष तक अमरीका या फिर कनाडा में इकाईयां स्थापित कर ‘द फोटो डायरी’ को अंतर्राष्ट्रीय ले जाने का है।

Worked with Media barons like TEHELKA, TIMES NOW & NDTV. Presently working as freelance writer, translator, voice over artist. Writing is my passion.

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