ड्यूटी के वक्त गरीब बच्चों को पढ़ाने वाले देहरादून के एटीएम गार्ड को वीवीएस लक्ष्मण का सलाम

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देहरादून में एक एटीएम में बतौर गार्ड की नौकरी करने वाले बिजेंद्र सिंह शाम को अपनी ड्यूटी के दौरान ही गरीब बच्चों को मुफ्त में बैठाकर पढ़ाने का काम करते हैं। 

इस बार वीवीएस लक्ष्मण के द्वारा फोटो शेयर करने के बाद उन्हें और भी अधिक लोगों द्वारा तारीफें और सम्मान प्रदान किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे अपने वेतन का एक बड़ा हिस्सा इन बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर देते हैं।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक एटीएम के गार्ड को इन दिनों काफी सराहना और शुभकामनाएं मिल रही हैं। दरअसल देहरादून में एक एटीएम में बतौर गार्ड की नौकरी करने वाले बिजेंद्र सिंह शाम को अपनी ड्यूटी के दौरान ही गरीब बच्चों को मुफ्त में बैठाकर पढ़ाने का काम करते हैं। उनकी तस्वीरों को पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर कीं तो बिजेंद्र की तारीफ करने वालों का तांता लग गया।

बिजेंद्र भारतीय सेना से रिटायर हो चुके हैं और इन दिनों देहरादून में एक एटीएम में गार्ड के तौर पर नौकरी करते हैं। उनकी तस्वीरों को ट्वीट करते हुए लक्ष्मण ने लिखा, 'सेना से रिटायर होने के बाद भी बिजेंद्र देश की सेवा कर रहे हैं। वे एटीएम के बाहर ही आसपास के गरीब बच्चों को पढ़ाने का काम करते हैं। सलाम ऐसे व्यक्ति को। उनका काम अतुलनीय है।' लक्ष्मण ने सेना के पूर्व सैनिक की तस्वीरों को ट्विटर के अलावा फेसबुक पर भी शेयर किया है।

बिजेंद्र सिंह की उम्र 67 साल हो गई है और वे भारतीय सेना की गढ़वाल राइफल रेजीमेंट में तैनात थे। अभी फिलहाल वह देहरादून के पटेल नगर में रहते हैं और पास ही इलाहाबाद बैंक के एटीएम में बतौर गार्ड की नौकरी कर रहे हैं। बिजेंद्र इससे पहले ‌एशियन स्कूल में गार्ड थे। वह रोज शाम को कई गरीब बच्चों को एटीएम की रोशनी में दो घंटे फ्री ट्यूशन पढ़ाते हैं। बिजेंद्र की बड़ी बेटी 12वीं में और बेटा 10वीं कक्षा में पढ़ता है। रात 11 बजे तक ड्यूटी करने बाद बिजेंद्र घर जाकर दो घंटे अपनों बच्चों को भी पढ़ाते हैं।

हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब बिजेंद्र की तारीफें हो रही हों। इससे पहले भी 2016 में उनकी तस्वीरें वायरल हुई थीं जब वे नजदीकी स्लम इलाके में बच्चों के लिए काम करते नजर आए थे। इस बार वीवीएस लक्ष्मण के द्वारा फोटो शेयर करने के बाद उन्हें और भी अधिक लोगों द्वारा तारीफें और सम्मान प्रदान किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे अपने वेतन का एक बड़ा हिस्सा इन बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर देते हैं।

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