पुराने नोट पकड़े जाने पर देना होगा 10,000 रूपये जुर्माना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में विनिर्दिष्ट नोट (दायित्व का समापन) अध्यादेश-2016 को मंजूरी प्रदान की गई थी। इसके अनुसार कोई भी व्यक्ति पुराने नोटों को 10 से ज्यादा संख्या में नहीं रख सकता है।

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सरकार ने चलन से बाहर किए जा चुके पुराने 500 और 1000 रूपये के नोटों को किसी व्यक्ति द्वारा 10 से ज्यादा संख्या में रखे जाने को दंडनीय अपराध घोषित किया है और इस पर न्यूनतम 10,000 रूपये जुर्माने का प्रावधान किया है और इसमें चार साल जेल की सजा के प्रस्ताव को छोड़ दिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में विनिर्दिष्ट नोट (दायित्व का समापन) अध्यादेश-2016 को मंजूरी प्रदान की गई थीइसके अनुसार कोई भी व्यक्ति ऐसे पुराने नोटों को 10 से ज्यादा संख्या में नहीं रख सकता है केवल शोधार्थियों और विद्वानों को ऐसे 25 नोट रखने की अनुमति इस अध्यादेश में दी गई है

इस अध्यादेश को जल्द ही राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और यह 31 दिसंबर से प्रभावी होगा।

इस अध्यादेश को लाने का सरकार का मकसद 31 मार्च के 1000 और 500 रूपये के बंद किए जा चुके पुराने नोट रखने को एक दंडनीय अपराध बनाना है। इसके लिए सरकार ने न्यूनतम 10,000 रूपये या पायी गई राशि का पांच गुना जो भी ज्यादा हो जुर्माना तय किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है, कि गलत जानकारी के साथ एक जनवरी से 31 मार्च के बीच पुराने नोट जमा कराने पर 5,000 रूपये या राशि का पांच गुना जो भी ज्यादा हो, जुर्माना वसूला जाएगा। इसके लिए विशेष खिड़कियां खोली जाएंगी जिस पर सिर्फ नोटों को बदला जा सकेगा।

साथ ही पुराने 500 और 1,000 के नोटों को जमा कराने की समयसीमा आज समाप्त हो रही है। हालांकि नकदी संकट तथा एटीएम के बाहर कतारों को समाप्त होने में अभी कुछ समय और लगेगा क्येमकि नए नोटों की छपाई मांग की तुलना में काफी कम है। 

हालांकि, 30 दिसंबर के बाद भी लोग पुराने नोटों को जमा नहीं कराने की वैध वजह बताकर रिजर्व बैंक काउंटरों से इन्हें 31 मार्च, 2017 तक बदल सकते हैं। जैसा की ऊपर खबर में कहा गया है, कि सरकार एक सीमा से अधिक 500 और 1,000 के पुराने नोट रखने पर जुर्माना लगाने को अध्यादेश लाने की भी तैयारी कर रही है। 

गैरतलब है कि सरकार ने 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की थी। हालांकि, बैंकों में स्थिति अब काफी सुधर गई है, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे एटीएम हैं जिनसे अभी भी पैसा नहीं निकल पा रहा हैं। नोटबंदी को लेकर कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष ने सरकार पर जोरदार हमला बोला था। वहीं इस अवधि में रिजर्व बैंक ने एक के बाद एक नए सर्कुलर जारी किए, जिससे असमंजस और बढ़ा। हालांकि सरकार ने नकदी निकासी की सीमा 24,000 रूपये सप्ताह तय की है लेकिन नकदी की कमी की वजह से बैंक ग्राहकों को इससे कम नकदी उपलब्ध करा रहे थे। बैंकरों का मानना है कि बैंकों और एटीएम से नकदी निकासी पर अंकुश 30 दिसंबर के बाद भी जारी रहेगा।

नोटबंदी के बाद देशभर में कालेधन के खिलाफ चलाए गए अभियान में आयकर विभाग ने 4,172 करोड़ रूपये से अधिक की अघोषित आय का पता लगाया है और 105 करोड़ रूपये के नए नोट जब्त किए हैं।

उधर दूसरी तरफ आधिकारिक सूत्रों ने बताया है, कि 500 और 1,000 के नोटों को बंद करने के बाद कर अधिकारियों ने कुल 983 छापेमारी, सर्वे तथा जांच अभियान किए। वहीं विभाग ने विभिन्न इकाइयों को कर चोरी तथा हवाला जैसे सौदों के लिए कुल 5,027 नोटिस जारी किए। विभाग ने कहा कि इस अवधि में उसने 549 करोड़ रूपये की नकदी तथा आभूषण जब्त किए। वहीं 105 करोड़ रूपये के नए नोट पकड़े गए। इनमें से ज्यादातर 2,000 के नोट हैं। कुल नकदी और आभूषण में 458 करोड़ रूपये की नकदी थी। 28 दिसंबर तक विभाग ने 4,172 करोड़ रूपये की अघोषित आय का पता लगाया।

एजेंसी ने 477 मामले अन्य एजेंसियों मसलन सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय को भेजे हैं। ये एजेंसियां इन मामलों में वित्तीय अपराधों मसलन मनी लांड्रिंग, आय से अधिक संपत्ति तथा भ्रष्टाचार की जांच करेंगी।

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