जीएसटी के बाद भी मप्र में निवेशकों को करों में छूट मिलेगी

प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में काम करने वाली कम्पनियों को मूल्य संवर्धित कर (वैट) में राहत देते हुए इस कर की प्रतिपूर्ति करेगी।

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 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है, कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद भी उन्हें अलग-अलग करों में प्रदेश सरकार की ओर से पहले की तरह छूट मिलती रहेगी।

चौहान ने आयोजित सीईओ कॉन्क्लेव में कल देर रात कहा, जीएसटी लागू होने के बाद भी हम निवेशकों को अलग-अलग करों में वे तमाम छूट देंगे, जो फिलहाल दी जा रही हैं। ये छूट जीएसटी के अमल में आने के बाद भी जारी रहेंगी।

उन्होंने वैश्विक निवेशक सम्मेलन की पूर्व संध्या पर निवेशकों को लुभाते हुए कहा कि सूबे में औद्योगिक निवेश के लिये एकल खिड़की प्रणाली लागू की गयी है और सरकारी नीतियों को निवेशकों की जरूरतों के मुताबिक ढाला गया है। 

मुख्यमंत्री ने 100 से ज्यादा कम्पनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) से चर्चा में बताया कि प्रदेश में 1.25 लाख हेक्टेयर का विशाल भूमि बैंक है, जिसमें 50,000 हेक्टेयर विकसित जमीन शामिल है।

चौहान ने बताया, कि किसान अपनी जमीन उद्योग को लीज पर दे सकें, इसके लिये प्रदेश सरकार केन्द्र से कानून में संशोधन का आग्रह कर रही है।

प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में काम करने वाली कम्पनियों को मूल्य संवर्धित कर (वैट) में राहत देते हुए इस कर की प्रतिपूर्ति करेगी।

साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, कि प्रदेश सरकार सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने को तैयार है।

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