नोटबंदी: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के 27 वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

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नोटबंदी के बाद लेनदेन में कथित गड़बड़ी में शामिल बैंक कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों के 27 वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित तथा छह अन्य को स्थानांतरित कर दिया गया है। आयकर अधिकारियों द्वारा बेंगलुरू और कुछ अन्य जगहों पर तलाशी एवं भारी मात्रा में नई मुद्रा की जब्ती की रिपोर्ट के बीच बैंक अधिकारियों को निलंबित किया गया है। बेंगलुरू में तलाशी अभियान के दौरान दो व्यापारियों से नई मुद्रा में 5.7 करोड़ रपये नकद बरामद किये गये।  वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कुछ अधिकारियों के रिजर्व बैंक के निर्देशों का उल्लंघन कर अनियमित तरीके से लेन-देन करने में शामिल होने की बात सामने आयी है। इसमें कहा गया है, ‘‘ऐसे कुछ मामलों में कुछ कार्रवाई की गयी है और सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों के 27 अधिकारियों को निलंबित किया गया है। साथ ही छह अधिकारियों का गैर-संवेदनशील पदों पर भेज दिया गया है।’’ मंत्रालय ने आगाह करते हुए कहा है कि सही लेन-देन को सुगम बनाने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं अवैध कार्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अनियमित और अनाधिकृज गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि आठ नवंबर 2016 की मध्यरात्रि से 500 और 1000 रपये के नोटों पर पाबंदी के बाद से लोग पुराने नोट बैंकों में जमा करा रहे हैं। रिजर्व बैंक ने आम ग्राहकों के साथ-साथ कारोबारियों के लिये निकासी सीमा तय की है। बयान में यह भी गया है कि बैंकों ने नोटबंदी के बाद बैंक लेन-देन को प्रबंधित करने के लिये सराहनीय काम किया है। इससे पहले, रिजर्व बैंक ने बैंकों से गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और ग्राहकों के लिये नकद उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा था।

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