इस व्यक्ति के जीवन पर आधारित है अक्षय कुमार की फिल्म 'पैडमैन' 

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इस फिल्म में अक्षय कुमार कोयंबटूर के अरुणाचलम मुरुगनाथम की जिंदगी को रुपहले पर्दे पर दिखाते नजर आएंगे। मुरुगनाथमन ने अपनी असल जिंदगी में महिलाओं के लिए वो काम किया है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती...

अरुणाचलम मुरुगनाथम देने (फाइल फोटो)
अरुणाचलम मुरुगनाथम देने (फाइल फोटो)
 आपको जानकर हैरानी होगी कि स्कूल से ड्रॉप आउट अरुणचालम आज हार्वड जैसी यूनिवर्सिटी में जाकर लेक्चर देते हैं। समय-समय पर उन्हें आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों में भी बोलने के लिए आमंत्रित किया जाता है। 

उनके बारे में पहले ही देश और विदेशी मीडिया ने काफी कुछ कवर किया है। अरुणाचलम ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की मासिक धर्म के वक्त होने वाली गंदगी और उनसे हो रही बीमारि‍यों से बचाव के लिए जागरूकता फैलाने का काम करते हैं। 

बॉलिवुड फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार इन दिनों सामाजिक मुद्दों बन रही फिल्मों में ज्यादा काम कर रहे हैं। हाल ही में शौचालय के बारे में जागरूक करने वाली फिल्म बनाने के बाद अब वे महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड की जरूरत पर एक बायोपिक लेकर हमारे सामने हैं। इस फिल्म का नाम 'पैडमैन' है। इस फिल्म में अक्षय कुमार कोयंबटूर के अरुणाचलम मुरुगनाथम की जिंदगी को रुपहले पर्दे पर दिखाते नजर आएंगे। मुरुगनाथमन में अपनी असल जिंदगी में महिलाओं के लिए वो काम किया है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने गरीब और कमजोर तबके की महिलाओं के लिए किफायती दाम में सैनिटरी नैपकिन बनाने की नई तकनीक ईजाद की है।

अक्षय कुमार की यह फिल्म मुरुगनाथम की जिंदगी पर आधारित है। इस फिल्म में अक्षय के साथ राधिका आप्टे और सोनम कपूर काम कर रही हैं। भारत जैसे देश में जहां अभी भी पीरियड्स/मासिक धर्म जैसे विषयों पर बात करना टैबू माना जाता है वहां पर मुरुगनाथम की जिंदगी पर आधारित पैडमैन जैसी फिल्में बन रही हैं। हालांकि मुरुगनाथम तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन फिल्म में उन्हें मध्य प्रदेश का दिखाया गया है।

बताया जाता है कि इस विषय पर फिल्म का आइडिया ट्विंकल खन्ना ने दिया था। फिल्म 'पैडमैन' ट्विंकल खन्ना और गौरी शिंदे का प्रॉडक्शन वेंचर है। ट्विंकल खन्ना का प्रॉडक्शन हाउस 'मिस्टर फनीबोन्स मूवीज' इसे प्रॉड्यूस कर रहा है। डायरेक्टर आर बाल्की द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अमिताभ बच्चन का भी कैमियो रोल है। फिल्म का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है और इसे सोशल मीडिया पर काफी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। बतौर प्रड्यूसर ट्विंकल खन्ना की यह पहली फिल्म होगी।

मुरुगनाथम को इंडिया का मेंस्ट्रुअल मैन भी कहा जाता है। उनके बारे में पहले ही देश और विदेशी मीडिया ने काफी कुछ कवर किया है। अरुणाचलम ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की मासिक धर्म के वक्त होने वाली गंदगी और उनसे हो रही बीमारि‍यों से बचाव के लिए जागरूकता फैलाने का काम करते हैं। इस काम के लिए उन्हें दुनिया के 100 प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल किया गया था। उन्‍हें भारत सरकार की तरफ से साल 2016 में 'पद्मश्री' पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

लेकिन मुरुगनाथम की जिंदगी हमेशा से कष्टपूर्ण रही है। उनके पिता का एक एक्सिडेंट में देहांत हो गया था। उनकी मां मजदूरी करती थीं। इस वजह से उन्हें भी 14 साल की उम्र में स्कूल छोड़ देना पड़ा। आपको जानकर हैरानी होगी कि स्कूल से ड्रॉप आउट अरुणचालम आज हार्वड जैसी यूनिवर्सिटी में जाकर लेक्चर देते हैं। समय-समय पर उन्हें आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों में भी बोलने के लिए आमंत्रित किया जाता है। दरअसल मुरुगनाथम ने अपनी पत्नी को सैनिटरी पैड की जगब गंदा कपड़ा इस्तेमाल करते हुए देखा था। इसके बाद उन्होंने इस पर काफी रिसर्च किया और फिर उनके भीतर सस्ते सैनिटरी पैड बनाने की तमन्ना जागी। उन्होंने पहले कॉटन से सैनिटरी पैड बनाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए।

अरुणाचलम ंमुरुगनाथम
अरुणाचलम ंमुरुगनाथम

टेडएक्स से बातचीत में उन्होंने अपनी जिंदगी के बारे में बताते हुए कहा, 'एक दिन मेरी पत्नी अपने पीछे कुछ छिपाए हुए थी। पूछने पर उसने जवाब दिया तुम्हारे काम की चीज नहीं है। दरअसल, वो पीरियड्स के लिए इस्तेमाल करने वाला कपड़ा छिपा रही थी। मैंने उससे पूछा तुम कपड़ा क्यों इस्तेमाल करती हो? उसका जवाब था कि पैसे बचाने के लिए। फिर क्या पत्नी को इम्प्रेस करने के लिए मैंने उसे सेनेटरी नैपकिन गिफ्ट किया। मैंने 20-30 की उम्र में पहली बार नैपकिन को छुआ था।' लेकिन मुरुगनाथम की पत्नी और बहन ने इसे इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज की लड़कियों से संपर्क किया और अपने प्रॉडक्ट को ट्रायल करने के लिए कहा। लेकिन वे भी इसके लिए राजी नहीं हुईं। इसके बाद उन्होंने खुद पर सैनिटरी नैपकिन इस्तेमाल करने के बारे में सोचा।

मुरुगनाथम ने अपने अंडरवियर में एक पैड रखा और जानवरों के खून की बोटल को उससे कनेक्ट किया। जो कि एक अंतराल में खून का रिसाव करती थी। ये सब देखते हुए उनकी पत्नी नाराज हो गईं और तंग आकर घर छोड़कर जाने की बात कहने लगीं। इतना ही नहीं उनकी पत्नी ने तो तलाक का नोटिस भी पकड़ा दिया था। लेकिन मुरुगनाथन अपने काम पर लगे रहे। आखिर में उन्होंने एक ऐसा सिस्टम ईजाद ही कर लिया जिसके जरिए काफी आसानी से सैनिटरी नैपकिन बनाया जा सकता है। 2014 में उन्हें प्रतिष्ठित टाइम ने दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया था।

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