खुद मुश्किल में रहकर गरीबों के लिए जुटा रहे हैं लाखों रु. की मुफ्त में दवाएं 79 साल के 'मेडिसन बाबा'

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दिल्ली की गली-गली में जाकर मांगते हैं गरीबों के लिए दवाएं...

दिल्ली के कई बड़े अस्पतालों में करते हैं दवाओं को डोनेट...

खुद गरीब होकर भी कर रहे हैं गरीब लोगों की मदद...

असली नाम ओंकारनाथ शर्मा है लेकिन लोग उन्हें मेडिसन बाबा के नाम से पुकारते हैं...

हर माह लाखों रुपय की दवाएं इकट्ठा करके गरीबों तक पहुंचाते हैं...


अकसर बाबा शब्द सुनकर किसी के भी जहन में एक वृद्ध व्यक्ति की तस्वीर आती है जो अपने धर्म का प्रचार करता हैं, लेकिन दिल्ली में एक ऐसे बाबा भी रहते हैं जो धर्म, जाति से ऊपर उठकर मानवता के बारे में सोचते हैं जिन्होंने गरीब लोगों की मदद करना ही अपनी जिंदगी का लक्ष्य बनाया है। जो लोगों को मात्र ज्ञान नहीं देते बल्कि वो खुद गरीब लोगों की जिन्दगी बदलने के लिए कार्य कर रहे हैं। वे विकलांग हैं और 79 साल के हैं लेकिन फिर भी अपने जुनून से किसी भी युवा को पीछे छोड़ने का हौंसला रखते हैं।

जी हां, हम बात कर रहे हैं मेडिसन बाबा की जो काफी वृद्ध हैं और पिछले कई वर्षों से दिल्ली, नोएड़ा, गाजियाबाद, गुड़गांव की गली-गली में घूमकर लोगों से पुरानी दवाइयां दान करने की अपील करते हैं। मेडिसन बाबा का वास्तविक नाम ओमकारनाथ है लेकिन उनके बेहतरीन काम को देखते हुए लोग उन्हें मेडिसन बाबा के नाम से पुकारने लगे। ओंकारनाथ जी नोएड़ा के कैलाश अस्पताल में बतौर तकनीशियन काम कर चुके हैं।

मेडिसन बाबा बताते हैं कि "दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में मेट्रो कंस्ट्रक्शन के दौरान हादसा हुआ था जिसमे कई गरीब मजदूरों की जान चली गई थी व कई गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस घटना ने मुझे बेचैन कर दिया, सोने नहीं दिया। फिर मैंने सोचा कि क्यों न गरीबों के लिए कुछ किया जाए। मैंने देखा कि गरीब लोगों के पास दवाई खरीदने के पैसे नहीं होते और डॉक्टर उन्हें कह देते थे कि अभी उनके पास भी दवा नहीं हैं जिस कारण उनका इलाज नहीं हो पाएगा। वे बाजार से पहले दवा लाएं तभी उनका इलाज संभव है, लेकिन इन लोगों के लिए ये दवाइयां लाना काफी मुश्किल काम था क्योंकि वे काफी महंगी थीं।" इसी दिक्कत के कारण उन्हें काफी परेशानी होती है और दवा के अभाव में वे लोग कई और बीमारियों के शिकार हो रहे थे ।

ओंकारनाथ जी ने एक भगवा रंग का कुर्ता बनाया और अपना फोन नंबर ईमेल सब उसमें बड़े बड़े अक्षरों में लिखा और निकल गए दिल्ली की सड़कों पर गरीब लोगों के लिए दवाइयां लेने और तब से लेकर ये सिलसिला आज तक जारी है। वे लोगों के घर- घर जाते हैं उनसे उन दवाओं को दान करने की अपील करते हैं जो उनके अब उपयोग की नहीं होतीं । उसके बाद मेडिकल बाबा उन दवाओँ को अस्पतालों में डॉक्टर्स को दे देते हैं ताकि वो दवाएं गरीब लोगों तक मुफ्त में पहुंच जाएं और उनकी दवांओं से कोई गरीब ठीक हो सकें।

मेडिसन बाबा हर महीने लाखों रुपय की दवाइयां डोनेट करते हैं। वे दिल्ली के एम्स, राम मनोहर लोहिया अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में दवाएं देते हैं।

आज देश ही नहीं विदेशों से भी लोग मेडिसन बाबा को दवाएं भेज रहे हैं ताकि वे उन दवांओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाएं। इसके अलावा लोग वीलचेयर, ऑक्सीजन सिलेंडर, बेड, सिरींज भी देने लगे हैं। उत्तराखंड आपदा के समय भी मेडिसन बाबा ने बढ़ चढ़कर अपना योगदान दिया था और लाखों रुपय की दवाएं वहां पर भिजवाईं थी।

मेडिसन बाबा बताते हैं कि उन्हें दवाईयों के रख रखाव में खासी दिक्कत आती है। वे किराए के एक छोटे से मकान में रहते हैं और वही उनका ऑफिस भी है। वे कहते हैं कि उनके पास जो कुछ भी है वे सबकुछ अपने काम में ही लगा देते हैं, लेकिन इस काम में यदि उन्हें सरकार की तरफ से थोड़ी मदद मिल जाए तो इसे वो और व्यापक तरीके से कर पाएंगे जिससे ज्यादा से ज्यादा गरीब लोगों का फायदा हो सकेगा। वे भविष्य में एक मेडिसन बैंक बनाना चाहते हैं जहां पर जरूरतमंदों को मुफ्त में दवाइयां मिल सके ।

मेडिसन बाबा बताते हैं कि वे ठीक से चल भी नहीं पाते लेकिन लोगों की मदद करने का जुनून उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। वे इस काम को निस्वार्थ भावना से कर रहे हैं और देश को स्वस्थ देखना चाहते हैं। गरीब लोगों की मदद करने को वे अपना धर्म मानते हैं और अपने इस कार्य से वे बेहद खुश हैं। वे मानते हैं कि समर्थ लोगों को देश के गरीब लोगों के लिए आगे आना होगा और उनकी मदद करनी होगी।

अगर आप भी मेडिसन बाबा की इस मुहिम से जुड़ना चाहते हैं और लोगों की मदद करना चाहते हैं तो आप उन्हें सीधा संपर्क कर सकते हैं-

फोन नंबर- - 09250243298

वेब- http://www.medicinebaba.com