जिसने मां से एक लाख रुपये उधार लेकर खोली कंपनी, वो आज है 1700 करोड़ की मालकिन

0

 जब वे प्रेग्नेंट थीं तो बेबी केयर प्रॉडक्ट्स के बारे में पढ़ा करती थीं और दुकानों पर सामान खरीदते वक्त उन प्रॉडक्ट्स के लेबल चेक किया करती थीं। वे यह देखकर हैरान हो गईं कि उन सारे प्रॉडक्ट्स में कई खतरनाक केमिकल्स मिले होते थे।

अपने ऑफिस में जेसिका
अपने ऑफिस में जेसिका
जेसिका शुरू से ही बच्चों के लिए सुरक्षित प्रॉडक्ट तैयार करना चाहती थीं जिसपर माता-पिता आसानी से भरोसा कर सकें। लेकिन उस वक्त ऐसे नॉन-टॉक्सिक कच्चा माल खोजना मुश्किल होता था जिसे प्रॉडक्ट में यूज किया जा सके।

जेसिका ने अपने एक इंटरव्यू में बताया है, कि किसी भी स्किन क्रीम प्रॉडक्ट में अगर सिंथैटिक खुशबू का इस्तेमाल किया जा रहा हो तो उसका प्रयोग हमें नहीं करना चाहिए क्योंकि उसमें हजार तरह के केमिकल मिले होते हैं। 

अमेरिका के कैलिफॉर्निया की रहने वाली जेसिका इक्लिसॉय अब 51 साल की हैं। आज उनकी कुल नेटवर्थ 1700 करोड़ रुपये के आस पास है। आपको जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने अपना सफर अपनी मां से 2000 डॉलर यानी तब के 1 लाख रुपये लेकर किया था। उनके इस सफर की शुरुआत कुछ ऐसे हुई थी कि जब वे प्रेग्नेंट थीं तो बेबी केयर प्रॉडक्ट्स के बारे में पढ़ा करती थीं और दुकानों पर सामान खरीदते वक्त उन प्रॉडक्ट्स के लेबल चेक किया करती थीं। वे यह देखकर हैरान हो गईं कि उन सारे प्रॉडक्ट्स में कई खतरनाक केमिकल्स मिले होते थे जो कि काफी हानिकारक साबित हो सकते थे।

उन्होंने 1990 में घर के किचन में ही बेबी शैंपू मिक्सिंग का काम शुरू कर दिया। 1995 में उन्होंने अपनी मां से 2,000 डॉलर (उस वक्त के एक लाख रुपये) उधार लिए और 'कैलिफॉर्निया बेबी' के नाम से नॉन टॉक्सिक शैंपू-बॉडी वाश का प्रॉडक्शन शुरू किया। उस वक्त वह केवल एक प्रॉडक्ट ही बनाया करती थीं। आज उनकी कंपनी 90 नॉन-टॉक्सिक यानी हानिरहित प्रॉडक्ट बनाती है। ये प्रॉडक्ट वॉलमार्ट, व्होल फूड, और टार्गेट जैसे मशहूर स्टोर में देखने को मिल जाते हैं। 2016 में उनकी कंपनी ने 80 लाख डॉलर यानी 56 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया था। इतना लाभ उन्हें देश की सबसे सफल उद्यमी महिला बनाने के लिए काफी है।

जेसिका शुरू से ही बच्चों के लिए सुरक्षित प्रॉडक्ट तैयार करना चाहती थीं जिसपर माता-पिता आसानी से भरोसा कर सकें। लेकिन उस वक्त ऐसे नॉन-टॉक्सिक सामान खोजना मुश्किल होता था जिसे प्रॉडक्ट में यूज किया जा सके। शायद यही वजह थी कि उन्होंने 2001 में लॉस एंजेल्स में खुद की एक 15,000 स्क्वॉयर फीट की जगह खरीदकर उत्पादन शुरू किया। दरअसल वे मैन्युफैक्चरर और सप्लायर्स से खुश नहीं थीं। अब उनके पास एफडीए का लाइसेंस भी है। यह वो स्टैंडर्ड होता है जिसपर दवाएं भी बनाकर बेची जा सकतीं हैं।

जेसिका की कंपनी के बनाए प्रॉ़डक्ट
जेसिका की कंपनी के बनाए प्रॉ़डक्ट

इसी तरह उन्हें तेल में पड़ने वाला केलैन्डयुला फूल आसानी से नहीं मिल रहा था तो उन्होंने 2011 में 100 एकड़ की जमीन खरीदी और खुद से ही वहां इस फूल की खेती शुरू कर दी। इस प्लांट से वे 4,000 पाउंड फसल का उत्पादन कर लेती हैं। यह कैलिफॉर्निया बेबी प्रॉडक्ट्स और सनस्क्रीन क्रीम में यूज होता है। इन्हीं सब दिक्कतों की वजह से उन्होंने अपने बिजनेस में इन्वेस्टर्स को नहीं शामिल किया। वे बताती हैं कि उन्हें अपने बिजनेस पर पूरा कंट्रोल चाहिए था क्योंकि वे प्रॉडक्ट्स के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं कर सकतीं। इसी का नतीजा है कि वे आज अपनी शर्तों पर कंपनी चला रही हैं।

जेसिका जिमनास्ट भी रही हैं इसलिए उन्हें पता है कि जिंदगी में कोई भी फैसला सोच समझकर लेना चाहिए। वे कहती हैं कि कोई भी काम शुरू करने से पहले हमें होमवर्क और अभ्यास की जरूरत होती है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि किसी भी स्किन क्रीम प्रॉडक्ट में अगर सिंथैटिक खुशबू का इस्तेमाल किया जा रहा हो तो उसका प्रयोग हमें नहीं करना चाहिए क्योंकि उसमें हजार तरह के केमिकल मिले होते हैं। उनका मानना है कि कोई भी प्रॉडक्ट खरीदने से पहले हमें उस कंपनी के बारे में भी जानना चाहिए।

आजकल वे बच्चों के साथ ही बड़ों के लिए नॉन-टॉक्सिक क्रीम बनाने पर काम कर रही हैं। वह कहती हैं कि ऑर्गैनिक चीजों की डिमांड लगातार बढ़ रही है। क्योंकि उपभोक्ता अपने स्वास्थ्य के प्रति दिन ब दिन जागरूक हो रहा है। जेसिका बताती हैं कि जब वे अपने बिजनेस का विस्तार कर रही थीं तो पुरुष उद्यमियों की सफलता की कहानियां पढ़ा करती थीं क्योंकि महिला उद्यमी उस वक्त न के बराबर होती थीं। लेकिन आज का दिन है कि जेसिका की कहानी खुद ही इतनी प्रेरणादायक हो गई है कि महिलाएं क्या पुरुष भी उनकी सफलता से प्रेरित हो रहे हैं।

यह भी पढ़ें: पिकअप वैन चलाने के साथ ही सांपों को पकड़कर जेंडर स्टीरियोटाइप को चुनौती दे रहीं जेआर राजी

यदि आपके पास है कोई दिलचस्प कहानी या फिर कोई ऐसी कहानी जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो आप हमें लिख भेजें editor_hindi@yourstory.com पर। साथ ही सकारात्मक, दिलचस्प और प्रेरणात्मक कहानियों के लिए हमसे फेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ें...

Related Stories

Stories by yourstory हिन्दी