आप स्टार्टअप्स हैं और आपकी कंपनी को पीआर, मीडिया से जुड़ी मदद चाहिए? theprophets से जुड़ें.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर स्टार्टअप्स को लगातार प्रोप्साहित करने की तमाम कोशिशें रंग लाने लगी हैं। नए-नए स्टार्टअप्स के आइडिया और उसको सही तरीके से लागू कर देश और समाज को एक दिशा देने की पुरज़ोर कोशिश जारी है। ऐसे में एक चीज़ की लगातार ज़रूरत महसूस हो रही है--स्टार्टअप्स को बेहतर तरीके से चलाने के लिए, उनके अन्य कार्य जैसे मीडिया, पीआर को सुचारू संचालित करना भी एक चुनौती बन जाती है। 

स्टार्टअप में नई नई सफलता और उसके मीडिया के काम को देखते हुए ही इस क्षेत्र में http://theprophets.in की शुरुआत की गई. Prophets की शुरुआत मई 2015 में हुई. वे खुद को स्टार्टअप्स के लिए स्टार्टअप बताते हैं. उनका दावा है कि उनकी सेवा अन्य पीआर कंपनी से बिल्कुल जुदा है और वे बहुत ही क्रिएटिव हैं. Prophets के विचार के बारे में संस्थापक त्रिगम मुखर्जी कहते हैं, 

"जब मैं मेंबर ऑफ पार्लियामेंट राजीव चंद्रशेखर के लिए पब्लिक रिलेशंस का काम संभाल रहा था उस वक्त मुझे लगा कि इस क्षेत्र में कई अवसर मौजूद हैं और मैंने स्टार्टअप इको सिस्टम को बारीकी से देखा. मीडिया में स्टार्टअप्स को लेकर बहुत ही उत्साह था और उसके बारे में विस्तार से लिखा जा रहा था. लेकिन मैंने यह भी सोचा कि क्या अन्य पीआर एजेंसी खास स्टार्टअप के लिए वैल्यू एडिशन का काम कर पा रही है, जो अपने उत्पाद को पब्लिक डोमेन में लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. देश भर में कई पीआर एजेंसी हैं और उनकी सेवा आम तौर पर महंगी होती है और वे कई वर्टिकल्स और क्लाइंट्स को देखते हैं ऐसे में किसी स्टार्टअप के लिए पूरा ध्यान दे पाने की संभावना कम रहती है. आमतौर पर स्टार्टअप शुरुआत के दिनों में वित्तीय को लेकर खासे तनाव में रहते हैं और हर किसी स्टार्ट अप के पास महंगी पीआर एजेंसी की सेवा ले पाना मुमकिन नहीं है. राजीव चंद्रशेखर के साथ काम करते हुए जिन मूल्यों और सिद्धांतों को मैंने सीखा और जो अनुभव मेरे पीआर एजेंसी के साथ काम करते हुए थे उन्हें लेकर मैं एक मिशन पर निकल पड़ा. मैंने इस्तीफा दिया और Prophets की शुरुआत की. यह एक स्टार्टअप एजेंसी है जिसका इरादा स्टार्टअप्स को सर्विस देना है."
कंपनी के संस्थापक त्रिगम मुखर्जी
कंपनी के संस्थापक त्रिगम मुखर्जी

दिलचस्प शुरुआत

त्रिगम मुखर्जी बताते हैं कि उन्होंने शुरुआती दिनों में किसी आम स्टार्टअप की ही तरह ऑफिस शेयर किया और लागत को कंट्रोल में रखने के लिए कम से कम ऊपरी खर्च की और मल्टी टास्किंग की जैसे की स्टार्टअप वाले करते हैं.

त्रिगम के मुताबिक, “सच्चाई ये है कि मेरे पास तकनीक क्षेत्र की कंपनियों की पीआर संभालने का अनुभव नहीं था और इसी कारण स्टार्टअप कारोबार के लिए काफी अलग दृष्टिकोण अपनाने में मुझे मदद मिली.”

Prophets की पहली कामयाबी

त्रिगम के मुताबिक, 

“हमें पता था कि हमें अपने आपको साबित करना होगा और हमें MoveInSync के साथ काम करने का अवसर मिला. MoveInSync एक बेहतरीन उत्पाद था और वह कारोबार के लिहाज से बेहतर कर रहा है. लेकिन उसके बारे में मीडिया में कोई जिक्र नहीं हुआ. वैसे भी किसी स्टार्टअप के बारे में तभी जिक्र होता है जब उसे फंडिंग मिलती है. MoveInSync के साथ हमने काम करते हुए हमारा उद्देश्य उसे बाजार में महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाना था. और हमने इसे बड़ी आसानी के साथ किया, कई अपरंपरागत रणनीतियों और तरीकों को अपनाकर ऐसा मुमकिन हो पाया.”

बड़ी एजेंसी से अलग हटकर काम करते हुए त्रिगम ने सभी क्लाइंट्स को निजी तौर पर समय देना शुरू किया. आम तौर पर बड़ी एजेंसियां हर एक क्लाइंट के लिए एक मल्टीपल एक्जिक्यूटिव्स रखतीं हैं लेकिन त्रिगम ने ऐसा ना करते हुए हर एक क्लाइंट के लिए समय निकाला और उनकी बात सुनी. उन्होंने यह भी तय किया कि वे एक सीमित संख्या से ज्यादा क्लाइंट्स के साथ काम नहीं करेंगे ताकि प्रोडक्टिविटी बेहतर हो. कंपनी सीधे सीईओ और संस्थापकों के साथ संपर्क करती है, इस मामले में भी कंपनी की अप्रोच अनोखी है.

कंपनी अब तक VizExperts, MoveInSync, ApnaComplex, Saama capital के साथ सफल काम कर चुकी है. 

http://www.theprophets.in/ 


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