बुनकरों की बेहतरी के लिए 11 शहरों के कलाकारों की अनोखी पहल

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मशीनों के युग में लुप्त हो रही बुनाई की परंपरा की ओर लोगों का ध्यान खींचने और उसे प्रासंगिक बनाए रखने के लिए 11 शहरों के कलाकारों ने पानीपत के बुनकरों के साथ एक टीम बनाई है। यह टीम फैशन प्रदर्शनी, फोटोग्राफ, वीडियो और ध्वनि कलाकृतियों इत्यादि कला स्वरूपों के माध्यम से इस परंपरा को लोगों के बीच ले जाने के लिए एक प्रदर्शनी आयोजित करने के लिए काम कर रही है।

पानीपत के राज समूह के बुनकरों के साथ इन कलाकारों ने लगभग एक साल तक काम किया है ताकि आगामी ‘फाइबर फैबल्स’ प्रदर्शनी का आयोजन किया जा सके। यह प्रदर्शनी 21 नवंबर से शुरू होगी।

इस प्रदर्शनी के क्यूरेटर शैलिन स्मिथ ने बताया, ‘‘पिछले साल दिसंबर से अब तक इन सभी कलाकारों ने बुनकरों के साथ मिलकर कारखाने में ही काम किया। हर कलाकृति में बुनाई से जुड़ी तकनीकों का प्रयोग किया गया जिसमें टफटिंग, ब्रेडिंग, किलिम इत्यादि तो बस कुछ नाम हैं।’’ इस प्रदर्शनी का विचार पिछले साल जुलाई में राज समूह द्वारा अपनी 75 वीं वषर्गांठ पर आयोजित एक प्रदर्शनी से आया था। उस दौरान कंपनी ने अपने बुनकरोंे के सामान को प्रदर्शित किया था जिसके बाद कंपनी के प्रबंध निदेशक सुमित नाथ ने निर्णय किया कि इस कार्य में समकालीन कलाकारों, फोटोग्राफरों और डिजायनरों को सम्मिलित किया जाए और उन्हें कारखाने में काम करने का मंच प्रदान किया जाए।

इस विचार के बाद ही आगामी प्रदर्शनी आयोजित होने जा रही है। इस टीम में बुनकरों के साथ अबीर गुप्ता, ब्रह्म मायरा, ध्वनि बहल, दुर्गा कैंथोला, निधि खुराना, निखिल अपाह्ले, पुनीत कौशिक, सहाया शर्मा, संदीप बिस्वास, शिवानी अग्रवाल और विभू गल्होत्रा जैसे कलाकारों ने काम किया है।

यह प्रदर्शनी यहां स्टेनलैस आर्ट गैलरी में 31 दिसंबर तक चलेगी।

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