कंपनी का आईना है लोगो (Logo), बनाते समय इन बातों का ध्यान रखें

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 इस लेख के लेखक विवेक राघवन मानव संसाधन के क्षेत्र के अनुभवी हैं और क्रोस्टूडियो के सह-संस्थापक हैं।

हर व्यवसाय को अपने संभावित ग्राहकों तक पहंचाने और मार्केटिंग के लिये एक ब्रांड की पहचान जरूरत होती है और स्टार्टअप्स के लिये भी मामला इससे जुदा नहीं है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका व्यवसाय अभी प्रारंभिक चरणों में है या अभी सिर्फ निवेश के चरणों तक ही पहुंचने में सफल रहा है, एक अच्छा प्रतीक चिन्ह या लोगो हमेशा ही एक अच्छा चेहरा होने के बराबर है जिसपर लोग हर हाल में ध्यान देने को मजबूर होते हैं।

अगर आप प्रतीक चिन्ह तैयार करने के कुछ बुनियादों सिद्धांतों को भूलकर अपने स्टार्टअप के लिये एक लोगो तैयार कर रहे हैं तो कई बार यह आपको फायदा देने के स्थान पर नुकसानदेह भी हो सकता है। मैंने बहुत से लोगों को अपना प्रतीक चिन्ह को नए सिरे से तैयार करवाने में और इस पूरी प्रक्रिया में एक अच्छी खासी रकम से हाथ धोते हुए देखा है।

मैं एक पेशेवर ग्राफिक डिजायनर और एक रचनात्मक स्टूडियो के सहसंस्थापक के रूप में अपने 8 वर्ष के कार्मिक अनुभव के आधार पर प्रतीक चिन्ह तेयार करने के मामले में अपने अन्य साथियों से कहीं आगे खड़ा हूँ। इसलिये मैंने फैसला किया कि क्यों न अपने इस अनुभव और ज्ञान का लाभ पूरे स्टार्टअप समुदाय तक पहुंचाने के लिये इसे आपके माध्यम से साझा करूं। आईये आगे बढ़ते हैंः

1. कभी भी अपना लोगो तैयार करने के लिये किसी परिचित पर निर्भर न रहें

हो सकता है कि आपकी नजरों में प्रतीक चिन्ह को तैयार करना एक सरल और आसान काम हो। यकीन मानिये, ऐसा बिल्कुल नहीं है! एक प्रतीक चिन्ह सिर्फ रंगों, आकार और लिपि या शब्दों का संयोजन न होकर आपके ब्रांड की एक पहचान और व्यापार का एक चेहरा दुनिया के सामने लाने का काम करता है। एक अच्छा प्रतीक चिन्ह कई दिनों की मेहनत के अलावा अनुसंधान, योजना और रचनात्मकता के बाद सामने आ पाता है। इसलिये कृपया इतने हल्के में न लें और इस दिशा में लापरवाही न बरतें। इस काम को भी थोड़ा-बहुत सम्मान दें। सिर्फ थोड़े से समय और पैसों की बचत करने की खातिर इस काम को अपने किसी मिलने वाले को सिर्फ इसलिये न सौंप दें कि उसके पास एक कंप्यूटर है और वह फोटोशाॅप या प्रतीक चिन्ह बनाने वाले अन्य साॅफ्टवेयरों के बारे में जानता है।

2. किसी का पहले से तैयार लोगो प्रयोग में न लाएँ

आपको हर जगह पहले से तैयार प्रतीक चिन्ह मिल जाएंगे। आप एक तैयार प्रतीक चिन्ह को 5 डाॅलर से भी कम की रकम चुकाकर पा सकते हैं। वर्तमान में इंटरनेट की दुनिया में कई प्रतीक चिन्ह तैयार करने वाले साॅफ्टवेयर और वेबसाइट मौजूद हैं जो आपको यह सेवाएं निःशुल्क प्रदान कर रहे हैं। लेकिन इनके तैयार किये हुए प्रतीक चिन्ह इस्तेमाल करने से पहले यह जान लीजिये कि वह सिर्फ आपका अपना प्रतीक चिन्ह नहीं होगा बल्कि दुनियाभर में आपके जैसे कई और सैंकड़ों लोग उसी एक डिजाइन के प्रतीक चिन्ह का प्रयोग कर रहे होंगे। सिर्फ कुछ पैसों को समय की बचत के लिये आप एक ऐसा प्रतीक चिन्ह अपनाने जा रहे हैं जो मुखि़्तलिफ नहीं है और ऐसा होना असंभव भी है।

3. अपना लोगो कभी भी स्वयं तैयार न करें

एक प्रारंभिक उद्यमी होने के चलते हम सबकुछ अपने आप ही करने का प्रयत्न करते हैं। अगर आपको ग्राफिक डिजाइनिंग का कोई अनुभव नहीं है या आपको प्रतीक चिन्ह तैयार करने के बारे में बुनियादी बातों का ज्ञान नहीं है तो हो सकता है कि आप एक ऐसा खराब लोगो दुनिया के सामने लाएं जो देखने मेें बचकाना लगे और साथ ही साथ उसे कई सेटिंग्स में साधना भी असंभव हो।

एक प्रतीक चिन्ह को कई अनुप्रयोगों और माध्यमों के साथ दुरुस्त लगना चाहिये। हो सकता है आप उसे अपने बिजनेस कार्ड पर मुद्रित करवायें, उसे अपनी वेबसाइट या मोबाइल एप्लीकेशन पर प्रयोग करने के अलावा उसे उसे कांच के दरवाजे पर गुदवायें या वीडियो में वाटरमार्क करवाने के अलावा ग्रेस्केल प्रिंट्स में इस्तेमाल करें। अगर आपका प्रतीक चिन्ह पेशेवर तरीके से तैयार किया गया है तो वह आपको हर जगह प्रयोग करने की आजादी देगा और हो सकता है कि आपको वह एक उपयोग निर्देशिका के साथ भी मिले।

4. कभी भी धारा के साथ न बहें

रुझान और प्रचलन तो आते-जाते रहते हैं लेकिन एक अच्छा प्रतीक चिन्ह हमेशा टिका रहता है। हो सकता हे जो डिजाइन दो वर्ष पहले तक लोगों की नजरों पर चढ़कर बोल रहा हो आज वह एक सामान्य डिजाइन में तब्दील हो चुका हो। आप अपनी वेबसाइट या प्रतीक चिन्ह को तो शहर की नवीतम शैली के अनुरूप ढाल सकते हैं लेकिन अपने प्रतीक चिन्ह को नहीं। एक प्रतीक चिन्ह को हमेशा अपना उद्देश्य पूरा करने के क्रम में स्थिरता का एक निश्चित स्तर बनाए रखना चाहिये ताकि वह जनता को आपका ब्रांड उनकी यादों में रखने में मदद कर सके।

अगर आप मौजूदा चलन या रिवाज को ध्यान में रखकर अपना प्रतीक चिन्ह तैयार करते हैंै तो हो सकता है कि बदलते समय के साथ आपको उसे भी बदलना पड़े। यह लोगों को भ्रमित तो करेगा ही इसके अलावा बार-बार आपका प्रतीक चिन्ह बदलना आपके लक्षित उपभोक्ताओं के मन-मस्तिष्क में आपके प्रति संदेह को उत्पन्न करेगा। और अगर आप बदलते समय के साथ अपना ऐसा प्रतीक चिन्ह नहीं बदलेंगे तो वह अप्रचलित या कालविरुद्ध लगेगा और दोनों ही सूरतों में नुकसान आपके व्यपसाय का होगा।

5. नकल न करें

कायदे से तो यह पहला बिंदु होना चाहिये था लेकिन मैंने इसे बिल्कुल आखिर में इसलिये रखा ताकि आप और सब चीजें भूल भी जाएं तो भी इसे याद रख सकें। किसी अन्य के प्रतीक चिन्ह की नकल करना न सिर्फ अनैतिक है बल्कि यह एक बहुत बड़ा अपराध भी है। प्रतीक चिन्ह बौद्धिक संपदा कानूनों के अंतर्गत आते हैं और इनकी नकल करना ट्रेडमार्क और काॅपीराइट एक्ट का गंभीर उल्लंघन है।

कई लोग इन कानूनी और नैतिक बातों की जानकारी होने के बावजूद भी मौजूदा डिजाइनों की नकल करने में लगे रहते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उन्हें पकड़ पाना असंभव है। मेरे दोस्त, यह सिर्फ आपकी गलतफहमी है! खासकर प्रौद्योगिकी की इस दुनिया में जहां गूगल बाबा की छवि खोजने की एप्लीकेशन का प्रयोग करते हुए नकल किये हुए डिजाइनों को खोजना चुटकियों का काम है।

इसलिये इस बात को सुनिश्चित करें कि आप या आपका डिजाइनर प्रतीक चिन्ह को कहीं से कॉपी तो नहीं कर रहे हैं। एक नकल किये हुए प्रतीक चिन्ह के प्रयोग से तो बिना प्रतीक चिन्ह के व्यापार करना एक बेहतर निर्णय होगा।

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