पसंद आपकी, पार्टी के लिए खाने की चिंता 'शेफहोस्ट' की

मनपसंद शेफ की ऑनलाइन बुकिंग5 हजार से ज्यादा शेफ जुड़े150 बिलियन डॉलर का बाजार

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शेफहोस्ट एक ऑनलाइन कम्युनिटी है जो शेफ को ग्राहकों के साथ जोड़ती है। ताकि आम लोग अपनी निजी पार्टियों, समारोह और खान पान के दूसरे मौकों पर लजीज खानों का लुत्फ उठा सकें। इस अनूठी योजना का ख्याल आया वारविक बिजनेस स्कूल के दो पूर्व छात्र अभिनंदन बालासुब्रह्रमण्यम और यिउ यिन याउ को। शेफहोस्ट एक ऐसा मंच है जहां पर खाना बनाने वालों के लिए ये एक जुनून है और खाने वालों के लिए उनकी जरूरतों के साथ शेफ की विशेषज्ञता का मिश्रण।

अभिनंदन कहते हैं कि “ये संसार जहां हम रहते हैं वो आपस में जुड़ा हुआ है। सोचिये आज के दौर में कितने सारे सोशल नेटवर्क तरीके हैं। हम 5 लोग अलग-अलग जगहों से आकर मिले हैं और हम आपस में जुड़े रहना चाहते हैं। सबसे अच्छी बात ये है कि हम मांग और आपूर्ति इसके माध्यम से बनाये रख सकते हैं। इसने संभावनाओं के बाजार को जन्म दिया है आप देख सकते हैं एयरबीएनबी, उबेर, ईबे इत्यादी को। भारत में खाद्य और पेय पदार्थ, हास्पटैलटी इन्डस्ट्री का कुल कारोबर 150 बिलियन डॉलर से ज्यादा का है। हमारी कोशिश इस बाजार में खलबली पैदा करने की है।“ अपने विचार साझा करते हुए वो कहते हैं कि “मुझे खाना पसंद है और मैं लंदन में रोज खाने के लिए बाहर जाता था धीरे धीरे खाने के पंसददीदा स्थान मुझे बोर लगने लगे। आप अपने दोस्तों के साथ खाने की कितनी नई जगह तलाश कर लोगे जहां पर आप अपने साथियों और परिवार के साथ खाने का मजा नहीं ले सकते जबकि वहां पर आप 100 से ज्यादा बार खाना खा चुके हों?”

एक दिन अभिनंदन ने सोचा कि क्यों ना एक शेफ को घर बुलाया जाए और उससे मनमुताबिक खाना बनवाया जाए। उनके इस विचार को सभी दोस्तों ने ना सिर्फ पसंद किया बल्कि उस दिन सभी ने राजाओं को तरह खाना भी खाया। अगले दिन अभिनंदन ने सोचा कि क्यों ना इसे एक संभावित व्यवसाय के रूप में देखा जाए। इस तरह उन्होने अपने विचार, रिसर्च और उसे लागू करने की योजना के साथ एक बिजनैस मॉडल तैयार किया। इस संबंध में उन्होने कई लोगों से बातचीत की, उनके साथ अपने कारोबार के बारे में विचार साझा किये और डेवलपर्स, डिजाइनर आदि की खोज की।

अभिनंदन के मुताबिक “मैंने अपने विचार वारविक बिजनेस स्कूल में मेरे दोस्ते रहे यिउ यिन याउ जिनको हम वाईवाई भी कहते थे के साथ बांटे। वो खुदरा तकनीक में उद्यमी के तौर पर उभर रहे थे। हम दोनों साथ साथ बी स्कूल गए थे और हम हमेशा बाजार को लेकर अपने विचार बांटते थे। वाईवाई ने ही मुझे बताया कि कैसे वो इसे हांगकांग, चीन और दक्षिण पूर्व एशिया में ले जा सकते हैं। मुझे इस बात की खुशी हुई कि वो मेरे विचार से जुड़ने को तैयार हो गए और मैंने उनको सह-संस्थापक के तौर पर अपने साथ शामिल कर लिया। बाकि की टीम हमने वारविक से ही बनाई इन लोगों को खानपान और हास्पटैलटी का अनुभव था”

अभिनंदन एक सफल उद्यमी बनना चाहते थे लेकिन उद्यमशीलता के बारे में उनका दृष्टिकोण साल भर में पूरी तरह से बदल गया। उनके शब्दों में “शुरूआत में मैं समझता था कि इसमें एक ही मालिक होता है लेकिन एक साल के दौरान मैं समझ गया कि आप खुद ही नौकर होते हो।”

अभिनंदन ने अपना बचपन चैन्नई और बेंगलौर में बिताया। उन्होने अपने स्कूल की पढ़ाई चैन्नई के डीएवी बॉएज से की। यहां पर उनके साथ पढ़ने वाले बच्चे पढ़ाई में काफी तेज थे। वो कहते हैं कि “मेरे साथी आईसी बोर्ड परीक्षा में ज्यादा से ज्यादा नंबर लाना चाहते थे लेकिन मैंने कभी भी इस बारे में नहीं सोचा मैं उन लोगों से बिल्कुल अलग था। मैं विभिन्न स्कूलों के बीच होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेता उसके बाद मैं स्कूल जाता और ये सिलसिला वीआईटी विश्वविद्यालय में पढ़ने तक जारी रहा जहां से मैंने कम्प्यूटर सांइस इंजीनियरिंग में बीटेक किया। मैं ज्यादा से ज्यादा वक्त कॉलेजों में होने वाले उत्सव में बिताता था। हाल ये था कि अंत में मेरे रिज़ूम में पढ़ाई से ज्यादा गतिविधियां एक्स्ट्रा करिक्यलर की थीं।”

वो अपनी जानकारी को व्यापार और प्रबंधन में बढ़ाना चाहते थे। विरविक ने उनको फाइनेंस की दुनिया से प्यार करना सिखाया। “वॉल स्ट्रीट” फिल्म को अभिनंदन ने 100 से ज्यादा बार देखा। वो गॉर्डन गेको के विचार “लालच अच्छा है” से अच्छी तरह परिचित थे। अभिनंदन बताते हैं कि उन्होने लिक्विटी के संस्थापक बैरी श्रीअर से मुलाकात की जहां पर वो बिजनैस हेड के तौर पर काम कर रहे थे। बैरी हर उद्यमी के लिए मेंटोर हैं। उनके मुताबिक वो हर रोज बैरी से 2-3 बातें सीखते कि कैसे व्यापार में प्रबंधन कैसे किया जाता है।

अच्छे खाने के लिए हमारे पास रेस्टोरेंट और होटल हमारे पास विकल्प के तौर पर थे, लेकिन अगर हम घर पर रात्रिभोज या ब्रंच पार्टी का आयोजन करना चाहते हैं तो सीमित विकल्प होते हैं जैसे लोकल कैटरिंग या कोई रेस्टोरेंट, लेकिन ये महंगे विकल्प हैं और जिनके बारे में हमारे पास ज्यादा जानकारी भी नहीं होती। हम जरूरत से ज्यादा आराम पर जोर देते हैं बावजूद शेफ होस्ट सिर्फ आला बाजार तक सीमित नहीं है बल्कि ये एक वैकल्पिक भोजन का अनुभव भी देता है। अभिनंदन के मुताबिक “मैं होटल या रेस्टोरेंट को कोई दोष नहीं देता लेकिन हम जानते हैं कि इस उद्योग में ज्यादा लागत की वजह से बहुत कम मुनाफा है। बावजूद शेफ शानदार काम कर रहे हैं लेकिन उनको कम मुनाफा हो रहा है। बावजूद अंत में होटल या रेस्तरां को अपने ब्रांड का लाभ मिल सकता है। संक्षेप में हर शेफ अपने आप में रेस्तोरां बन सकता है बिना कोई पूंजी लगाए। मैं शौक के तौर पर खुद खाना बनाता हूं लेकिन मुझे उस वक्त ज्यादा संतुष्टि मिलती है जब मैं दूसरों के लिए रात्रिभोज तैयार करता हूं।”

वो कहते हैं कि शेफ खानपान और हास्पटैलटी उद्योग के साथ कोई मुकाबला नहीं कर रहे हैं वो सिर्फ वैकल्पिक अनुभव देने की कोशिश कर रहे हैं। जो की शेफ और रात्रिभोज के हिसाब से अब तक नहीं था।

शेफहोस्ट अपने प्लेटफॉर्म में होने वाली बुकिंग का एक छोटा सा अंश लेता है। जहां पर केवल रात्रिभोज के लिए वेबसाइट पर भुगतान करना होता है। रात्रिभोज तय होते ही शेफ इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद होता है। शेफहोस्ट फीस के तौर पर छोटा सा हिस्सा लेता है। साल भर में शुरूआत की 12 बुकिंग के लिए 20 से 25 प्रतिशत तक हिस्सा शेफहोस्ट लेता है उसके बाद ये प्रतिशत घटकर 15 से 20 प्रतिशत तक आ जाता है।

अभिनंदन बताते हैं कि "हमारे पास अनुभवी और शानदार शेफ हैं जो अपने ग्राहक और मेजबान की बढ़िया पसंद होते हैं। हमने मास्टर्स शेफ के कई प्रतियोगियों से बात की। हमारे डाटा बेस में 5 हजार से ज्यादा शेफ हैं जो भारत, हांगकांग और चीन की टायर 1 शहरों से हैं। हमारी योजना है कि हर बड़े शहर में हमारे पास 100 से ज्यादा शेफ हों। फिलहाल हमारा ध्यान भारत और हांगकांग जैसे बड़े बाजार पर है।"

शेफहोस्ट उन लोगों की सेवा करना चाहता है जो आराम से अपने दोस्त, परिवार और साथियों के साथ खाना, खाना चाहते हैं। लेकिन ये उन पेशवर लोगों के लिये ज्यादा उपयोगी है जो इवेंट प्लानर हैं, खाने के प्रति उत्साही रहते हैं, जो बिना शॉपिंग किये लोगों का मेजबान बनना चाहते हैं। तो शेफ के लिए लिए यहां मौका है अपने हुनर को दिखाने का और पैसे बनाने का। अभिनंदन के मुताबिक हम शेफहोस्ट का मूल्यांकन करने के लिए होटल श्रंखला चाहते हैं। इस संबंध में हमारी कई बड़े होटलों के साथ बातचीत जारी है। इसके अलावा हम लोग साझेदारी कर रहे हैं गिफ्ट देने वाली सर्विस कंपनियों से, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों और दूसरी बड़ी कपंनियों से।

शेफहोस्ट ने अपना काम शुरू कर दिया है और उसकी टीम में ऐसे लोग हैं जिनका जुनून खाना और नई तकनीक है। यही वजह है कि जल्द ही ये टीम बढ़ने वाली है और जिसके जरूरत है काबिल सीटीओ और सीएक्सओ की।

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