पानी पूरी अब गंदे हाथों से नहीं, बल्कि सीधे मशीन से भर कर आएगी

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पानी पूरी को चाहने वाले लोग इस देश में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और कच्छ से लेकर कोलकाता तक मिल जाएंगे। भला पानी पूरी खाना किसे पसंद नहीं, मगर कई बार हाइजीन के चलते लोग इसका सेवन ठेले या नुक्कड़ पर किसी दुकान से करने में परहेज ही करते हैं। आम जनता हो या सेलिब्रिटी गोल-गप्पे हर किसी को पसंद होते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा बुरा तब लगता है जब पानी पूरी वाले भईया इन्हें खिलाने के लिए लंबा इंतजार करवाते है।

समस्या का समाधान खोजा है कर्नाटक स्थित मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों ने। यूनिवर्सिटी में फाइनल ईयर के चार स्टूडेंट्स ने एक ग्रुप बना रखा है, जिसका नाम है इलेक्ट्रोफूडीज़ और ये चार लोग हैं, साहस गम्बाली, नेहा श्रीवास्तव, सुनंदा सोमु, करिश्मा अग्रवाल।

पूरियां लगाने से लेकर उनमें छेदकर इंदर आलू-मटर डालने के बाद ग्राहक के पसंद का पानी डालने तक का काम ये वेंडिंग मशीन कर डालती है। इस मशीन पर सामने की ओर एक पैनल बना हुआ है। ये मशीन किसी शॉपिंग मॉल और कॉम्प्लेक्स में रखे जाने के लिए बिल्कुल मुफीद है। इस मशीन में साथ में एक डिस्प्ले भी लगा है जिसपर एडवर्टाइजमेंट्स भी आते रहेंगे। क्या कमाल का आविष्कार है ये। 

पानी पूरी, गोलगप्पे, फुल्की, पुचका। चीज एक नाम अनेक। और ये चीज भी क्या मस्त चीज है। नाम पढ़ते ही आपके मुंह में भी पानी आ गया होगा अब तक। पानी पूरी एकदम सर्वधर्म समभाव वाली चीज है। हर धर्म, हर वर्ग, हर आयस्तर के लोग उसे उसी दीवानगी से खाते हैं। पानी पूरी खाना किसी उत्सव से कम नहीं होता। पानी पूरी किसी बेस्ट फ्रेंड की तरह होता है। मूड खराब हो तो पानी पूरी, बॉस ने तारीफ की तो पानी पूरी, दोस्त मिलने आए हैं तो पानी पूरी। पानी पूरी को चाहने वाले लोग इस देश में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और कच्छ से लेकर कोलकाता तक मिल जाएंगे। भला पानी पूरी खाना किसे पसंद नहीं, मगर कई बार हाइजीन के चलते लोग इसका सेवन ठेले या नुक्कड़ पर किसी दुकान से करने में परहेज ही करते हैं। आम जनता हो या सेलिब्रिटी पानी पूरी हर किसी को पसंद होते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा बुरा तब लगता है जब पानी पूरी वाले भईया इन्हें खिलाने के लिए लंबा इंतजार करवाते हैं।

लेकिन अब आपको गोल-गप्पे खाने से पहले साफ-सफाई और स्टॉल पर लगी लंबी कतार के बारे ज्यादा सोचना नहीं पड़ेगा। लोगों की इसी समस्या का समाधान खोजा है कर्नाटक स्थित मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों ने। यूनिवर्सिटी में फाइनल ईयर के चार स्टूडेंट्स ने एक ग्रुप बना रखा है आपस में, नाम है इलेक्ट्रोफूडीज़। और ये चार लोग हैं, साहस गम्बाली, नेहा श्रीवास्तव, सुनंदा सोमु, करिश्मा अग्रवाल। ये चारों कुछ न कुछ एक्सपेरिमेंट करते ही रहते हैं। देखो इस बार पानी पूरी के लिए वेंडिंग मशीन ही बना डाली। उनका ये आविष्कार नेशनल फाइनल ऑफ इंक मेकर्स में पहला पुरस्कार भी जीत चुका है।

अपनी मशीन और टीचर के साथ चारों छात्र
अपनी मशीन और टीचर के साथ चारों छात्र

चार छात्रों का जबर आविष्कार

इन 4 छात्रों ने कड़ी मेहनत के बाद इसे बनाया है। इस मशीन को बनाने के लिए उन्हें 6 महीने लगे। मशीन बनाने वाले छात्रों के अनुसार यह मॉल या शॉपिंग सेंटर के लिए परफेक्ट है। इस वेडिंग मशीन को बनाने के पीछे की कहानी भी काफी मजेदार है। स्थानीय चाट की दूकान पर मैन-पावर की कमी के चलते चारों छात्र साहस गम्बाली, नेहा श्रीवास्तव, सुनंदा सोमु, करिश्मा अग्रवाल को ऑटोमैटिक पानी पूरी वेंडिंग मशीन बनाने का आइडिया आया। उन्हें गोल-गप्पे के स्टॉल पर इंतजार करना पड़ा क्योंकि बहुत ज्यादा भीड़ थी और स्टॉल पर साफ-सफाई भी थोड़ी कम थी। इन स्टूडेंट्स ने सोचा कि क्यों ना गोल-गप्पे बनाने वाली मशीन बनाई जाए, ताकि गोल-गप्पा लवर आसानी से कहीं भी इसका मजा ले सके।

उनका बनाया हुआ ये उपकरण बड़े काम काम का है। पूरियां लगाने से लेकर उनमें छेदकर इंदर आलू-मटर डालने के बाद ग्राहक के पसंद का पानी डालने तक का काम ये वेंडिंग मशीन कर डालती है। इस मशीन पर सामने की ओर एक पैनल बना हुआ है। ये मशीन किसी शॉपिंग मॉल और कॉम्प्लेक्स में रखे जाने के लिए बिल्कुल मुफीद है। इस मशीन में साथ में एक डिस्प्ले भी लगा है जिसपर एडवर्टाइजमेंट्स भी आते रहेंगे। क्या कमाल का आविष्कार है ये। टीम के सदस्य बताते हैं कि हम लोग अपने इस प्रोडक्ट में और कई सारे फीचर लेकर आएंगे। इसमें और ऑप्शन डालेंगे जिससे ग्राहक इसे मनमुताबिक इस्तेमाल कर पाएं। अभी तो ये मशीन खुद से ही सारा काम कर लेती है, बस एक बार इसमें सारा रॉ मैटेरियल पड़ता है जिसके लिए किसी इंसान की जरूरत पड़ती है।

पानी पूरी खाने का कॉम्पटीशन दिखाता फिल्म का एक दृश्य
पानी पूरी खाने का कॉम्पटीशन दिखाता फिल्म का एक दृश्य

दोस्तों के साथ पानी पूरी खाने का कॉम्पटीशन

मशीन बनाने वाले छात्रों के अनुसार यह मॉल या शॉपिंग सेंटर के लिए परफेक्ट है। इसमें व्यक्ति को उसके स्वाद अनुसार पानी पूरी मिलेगी, यानी किसे अगर तीखी चाहिए तो उसे तीखी मिलेगी, जिसे मीठा चाहिए उसे मीठी मिलेगी। इस मशीन को बनाने वाली टीम के एक सदस्य ने बताया की वे लोग भविष्य में इसमें और ऑप्शन लाने पर विचार कर रहे है। फिलहाल इसमें फ्लेवर का ही विकल्प मौजूद है। मतलब आपको खट्टा, कड़वा, मीठा या चटपटा जैसे भी गोल-गप्पा खाना हो, ये मशीन आपको पेश कर देगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस मशीन में एक और विशेषता मल्टीप्लेयर मोड है, यानि गोलगप्पे खाते वक्त, दोस्त इसे लेकर एक-दूसरे से कॉम्पटीशन भी कर सकते हैं। इस मशीन के आने से उन लोगों की समस्या हल हो गई है जो हाइजीन की वजह से बाहर पानी पूरी नहीं खाते। 

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