कम संसाधनों में बेहतर परिणाम देने के लिए हुआ छत्तीसगढ़ में 'किफायती नवाचार सम्मेलन' का शुभारंभ

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यह लेख छत्तीसगढ़ स्टोरी सीरीज़ का हिस्सा है (जल्द आ रहा है योरस्टरी पर) 

"मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वाणिज्य और उद्योग विभाग द्वारा आयोजित ‘किफायती नवाचार सम्मेलन’ का शुभारंभ करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। समस्याओं के समाधान और व्यापार के नये क्षेत्रों में नवाचार के लिए युवाओं के पास अनेक रचनात्मक विचार हैं। इस केंद्र की शुरूआत से उन्हें अच्छे अवसर और स्टार्टअप को विकसित करने के लिए अच्छा वातावरण मिलेगा।"

डॉ. रमन सिंह: “स्टार्टअप के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। नक्सल समस्या से प्रभावित बस्तर में ड्रोन के माध्यम से निगरानी, बस्तर के अंदरूनी इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य और बच्चों की शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने में स्टार्टअप करेंगे काफी मदद कर सकते हैं।” 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के पहले स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर '36inc' के शुभारंभ के बाद 'किफायती नवाचार सम्मेलन' की शुरुआत की। '36inc' की बदौलत अब प्रदेश के युवाओं को सिर्फ अपना आइडिया पेश करना होगा, जिसके लिए संसाधन और गाइडेंस यह इन्क्यूबेशन उपलब्ध कराएगा। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, कि “छत्तीसगढ़ के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। समस्याओं के समाधान और व्यापार के नये क्षेत्रों में नवाचार के लिए युवाओं के पास अनेक रचनात्मक विचार हैं। साथ ही इस केंद्र की शुरूआत से उन्हें अच्छे अवसर और स्टार्टअप्स को विकसित करने के लिए अच्छा वातावरण मिलेगा।”

'किफायती नवाचार सम्मेलन' से पहले इन्क्यूबेशन सेंटर के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने वहां 150 युवाओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के पास अनेक नवाचारी विचार हैं और इन विचारों को उन्होंने विकसित भी किया है। युवा उद्यमी स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, जैविक खेती और खेलों के क्षेत्र में नये-नये नवाचारों पर काम कर रहे हैं। 'किफायती नवाचार सम्मेलन' का आयोजन वाणिज्य और उद्योग विभाग द्वारा आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा, कि “स्टार्टअप के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। नक्सल समस्या से प्रभावित बस्तर में ड्रोन के माध्यम से निगरानी, बस्तर के अंदरूनी इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य और बच्चों की शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने में स्टार्टअप काफी मदद कर सकते हैं।” साथ ही मुख्यमंत्री ने ये भी कहा, कि “स्वास्थ्य के मोबाइल एप्लीकेशन की सहायता से शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण को कम करने में मदद मिल सकती है। छत्तीसगढ़ देश का पावर हब है। स्टार्टअप के माध्यम से बिजली की बचत, सौर ऊर्जा के बेहतर उपयोग और स्ट्रीट लाइट को नियंत्रित करने जैसे कार्यों में मदद मिल सकती है। ऐसी ही छोटी-छोटी बातें जीवन बदल देती हैं।”

इस कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री सुरेश प्रभु ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया और कार्यक्रम की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, 'नवाचार वो होता है जो कुछ बदलाव लाने के उद्देश्य से किया जाता है। ऐसे नवाचार श्रेष्ठ माने जाते हैं जिनमें कम संसाधनों का उपयोग करके बेहतर परिणाम मिलता है। यह सम्मेलन हमारी संस्कृति का हिस्सा है। हमारे पूर्वज भी कहते आए हैं कि किफायती खाओ, किफायती उपयोग करो और किफायती जियो।'

साथ ही श्री प्रभु ने ये भी कहा कि 'यह हमारी जिंदगी का मंत्र होना चाहिए। अगर आप कम संसाधनों के इस्तेमाल से कोई प्रॉडक्ट डेवलप करते हैं तो यह हमारे पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि हमारे संसाधन सीमित हैं। किफायती नवाचार सम्मेलन इसी सोच का हिस्सा है इसलिए मैं इसकी सफलता के लिए बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।' 

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सुरेश प्रभु को अटल इनोवेशन मिशन में छत्तीसगढ़ को शामिल करने के लिए भी धन्यवाद दिया।

छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की नवाचार नीति का शुभारंभ किया था। इस नीति और उद्योग नीति में राज्य सरकार की स्टार्टअप के लिए अनेक योजनाएं हैं।” साथ ही उन्होंने ये भी बताया, कि स्टार्टअप के लिए प्रदेश के सभी जिलों से चार हजार आवेदन बूट कैम्प में मिले थे। वर्तमान में 90 स्टार्टअप का पंजीयन किया गया है। राज्य में वर्तमान में पांच स्टार्टअप 300 लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। आज प्रारंभ हुए इंक्यूबेशन सेंटर से युवा उद्यमियों को बेहतर अवसर मिलेंगे।

प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अजय सिंह ने कहा, कि किफायती नवाचार के माध्यम से कम संसाधनों से अधिक लाभ वाले स्थाई उद्यम विकसित किए जा सकते हैं। स्टार्टअप उद्यमों के बाजार में बने रहने के लिए उत्पाद की कम लागत, स्थायित्व और गुणवत्ता महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के दौरान सूचना और प्रौद्योगिक विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह ने बताया कि बस्तर में नवाचार के माध्यम से सार्वजनिक-निजी क्षेत्र-राज्य सरकार की भागीदारी से प्रदेश में रेल नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।

इन पहलों से छत्तीसगढ़ में नए स्टार्टअप्स को एक नई दिशा मिलने वाली है। '36 इंक' के शुभारंभ के साथ ही राज्य में एक नये दौर की शुरूआत हो रही है। इस केंद्र के माध्यम से युवा स्टार्टअप उद्यमियों को अपने नवाचारों और विचारों को लाभदायक व्यापार के रूप में विकसित करने का बेहतर अवसर मिलेगा। युवाओं के नवाचारों से छत्तीसगढ़ और देश को नई दिशा मिलेगी। इस मौके पर कई युवा उद्यमी, उद्योगपति और देश-विदेश से आए विशेषज्ञ बड़ी संख्या में मौजूद थे।

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