“मोसेप्ट” से मुश्किल पढ़ाई मुठ्ठी में

अनूठे ढंग से लें पढ़ाई का मजा20 हजार शब्दों की एनिमेटेड डिक्सनरीएनिमेटेड वीडियो की मदद से पढ़ाई

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"शिक्षा वो महत्वपूर्ण हथियार है जिसके माध्यम से संसार को बदला जा सकता है" ये बात अफ्रीका के राष्ट्रपति नेल्शन मंडेला ने कही थी। दूसरों की तरह गोमती शंकर भी बचपन से अध्यापक बनना चाहते थे। वो हर समय सोचते थे कि पढ़ाई को आसान और मजेदार कैसे बनाया जाए। आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग करने वाले गोमती शंकर अपनी पढ़ाई के दौरान भी इस बारे में अपने साथियों के साथ चर्चा करते और आज वो पढ़ाई के आसान तरीके बताकर एक सफल उद्यमी बन गए हैं। उद्यमी बनने से पहले गोमती ने “मोसेप्ट” की स्थापना की।

मोसेप्ट एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो पढ़ाई को अनूठे ढंग से पेश करता है। इसे मोबाइल की मदद से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें एनिमेटेड वीडियो के सहारे पढ़ाई को आसान बनाया गया है। मोसेप्ट ने अपने पहले उत्पाद के तौर पर इलस्ट्रेट का इस्तेमाल करते हुए 20 हजार शब्दों की एक एनिमेटेड डिक्सनरी तैयार की।

गोमती शंकर के मुताबिक आपको भले ही जो विषय पसंद हो जरूरत इस बात की है कि शब्दों को अच्छी तरह से समझा जाये। अगर आप शब्दों की प्रासंगिकता को समझते हैं तो वो चीज आपको ज्यादा बेहतर समझ आएगी। उदाहरण के लिए अगर कोई इंजीनियरिंग या एसएटी की तैयारी कर रहा हो तो वो शब्दकोश के माध्यम से किसी भी चीज को अच्छी तरह समझ सकता है।

कोई व्यस्क जब पहली बार किसी शब्द को याद करता है तो वो उसके अर्थ को समझ कर बेहतर तरीके से जितना याद नहीं रख सकता, जितना वो उसका मतलब समझ कर याद रख सकता है। शब्दकोश के सहारे किसी शब्द को याद करना आज के दौर में काफी पुराना तरीका हो गया है। इसकी वजह है कि शब्दकोश में पिछले सौ सालों के दौरान कोई बदलाव नहीं आया। गोमती के मुताबिक उनके बनाये वीडियो में शब्दों की ऐनिमेशन के माध्यम से व्याख्या कर समझाया जाता है।

कहते हैं एक फोटो हजार शब्दों के बराबर होती है। तो निश्चित तौर पर वीडियो में लाखों शब्दों के बराबर क्षमता होती है। गोमती शंकर के मुताबक उनकी नजर ई-लर्निंग और भाषा सीखने का 50 बिलियन डॉलर का बाजार है। इसके लिए मोसेप्ट अपने को तैयार कर रहा है ताकि ज्यादा ज्यादा नौजवानों को अपने साथ जोड़ा जा सके। इसके लिए कंपनी की नजर लेटिन अमेरिका, एशिया और अमेरिका के दूसरे हिस्सों पर है। जल्दी ही इनकी बनाई वीडियो डिक्शनरी ऐप कई नये तरह के उत्पाद बाजार में लेकर उतरने वाली है। इसमें एसएटी,जीआरई, जीएमटी और दूसरी कई परीक्षाओं के लिए उत्पाद शामिल है जिन्हे जल्द ही स्थानीय बाजारों में उतारा जाएगा।

बेंगलौर की ये कंपनी अपनी पूरी ताकत से अपने एक बड़े सपने का पीछा कर रही है। अब उनकी कोशिश पढ़ाई के मॉडल को बदलने की है साथ ही कोशिश है सार्थक शिक्षा को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की। तकनीक के विकास के साथ ऐसा मुश्किल भी नहीं है बस जरूरत है इस पर ध्यान केंद्रित करने की। इलस्ट्रेट ऐप तो अभी शुरूआत भर है। अब कोशिश है विभन्न डोमिन के लिए लर्निंग ऐप बनाने की। फिलहाल ये ऐप सभी आईओएस पर है और जल्द ही गूगल प्ले स्टोर में भी ये मिलना शुरू हो जाएगा।