प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सही मार्गदर्शन चाहिए तो जुड़िए ‘टेस्टबुक’ से

आईआईटी मुंबई और दिल्ली के 7 पूर्व छात्रों ने मिलकर शुरू किया यह उपक्रमविभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे छात्रों को माॅक टेस्ट के माध्यम से करवाते हैं तैयारफिलहाल 55 हजार उपयोगकर्ता इनके पास खुद को करवा चुके हैं पंजीकृतफिलहाल छात्रों के लिये पूरी तरह निःशुल्क है यह सेवा'टेस्टबुक' को मिला 1.5 करोड़ रुपये का निवेश

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भारत में गेट, कैट, एसबीआई पीओ, एसबीआई क्लर्क, आईबीपीएस पीओ सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होना एक अच्छी नौकरी की गारंटी माना जाता है और देशभर के युवा इन परीक्षाओं की चुनौती से निबटने के लिये जी तोड़ मेहनत में लगे रहते हैं। भारत में आॅनलाइन आयोजित इन परीक्षाओं की तैयारी को अंतिम रूप देने में लगे युवाओं को कृत्रिम परीक्षा (माॅक टेस्ट) के माध्यम से और निखारने के इरादे से जनवरी 2014 में ‘टेस्टबुक’ की स्थापना की गई। इस कंपनी ने हाल ही में यह घोषणा करके लोगों को चौका दिया है कि इन्हें लेट्सवेंचर और आह! वेंचर्स के अलावा कुछ अन्य बाहरी निवेशकों से 1.5 करोड़ रुपये का निवेश मिला है। इन्हें मिले इस दौर के निवेश की अगुवाई दिल्ली स्थित निवेशक उत्सव सोमानी और कार्लाइल समूह के एमडी शंकर नारायण ने की है जिसमें इनके अलावा कुछ निवेश बैंकर, शैक्षिक पेशेवर, मोबाइल विशेषज्ञ और कुछ उद्यमी मुख्य रूप से शामिल हैं।

आईआईटी मुंबई के 6 पूर्व छात्रों ने आईआईटी दिल्ली के एक पूर्व छात्र के साथ मिलकर इस उपक्रम की परिकल्पना को अमली जामा पहनाया और बीते एक वर्ष में यह उपक्रम निरंतर सफलता के नये कीर्तिमानों को छू रहा है। बीते वर्ष मार्च के महीने में ये सिर्फ गेट की प्रतियोगिता की तैयारियां करवा रहे थे और उस समय इनके पास लगभग 13 हजार पंजीकृत उपयोगकर्ता थे। कंपनी का दावा है कि फिलहाल इनके 55 हजार पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं जो 30 लाख से भी अधिक प्रशनों को हल कर चुके हैं। इनके दावों पर यकीन करें तो इसका सीधा मतलब यह निकलता है कि इनके प्रत्येक उपयोगकर्ता ने औसतन 55 सवालों को हल करने में सफलता पाई है। टेस्टबुक पर उपलब्ध समस्त पाठ्यसामग्री संबंधित परीक्षा के टाॅपरों और संबंधित क्षेत्रों में कई वर्षों का शिक्षण का अनुभव रखने वालों द्वारा तैयार की गई है।

फिलहाल यह सेवा पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध है और कंपनी आने वाले समय में कुछ प्रीमियम सुविधाओं को भी सामने लाने की योजना बना रही है। फिलहाल इनकी प्राथमिकता ताजे मिले हुए निवेश को अपने मौजूदा उत्पाद को बेहतर बनाने और अपने उपयोगकर्ता आधार को बढ़ाने में इस्तेमाल करने की है। अभी तक इनका यह उत्पाद सिर्फ नेटवक्र्स के माध्यम से फैलने में सफल रहा है और अब ये अपने उत्पाद को बाजार में बेहतर तरीके से पेश करने के प्रयास में लगे हैं।

आॅनलाइन परीक्षाओं की तैयारी करवाना वर्तमान में भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में एक उभरता हुआ बाजार है। ऐसा मुख्यतः इसलिये है अगर कोई उत्पाद किसी भी छात्र को एक प्रतियोगी परीक्षा पास करने मे मदद करता है तो एक बड़ा वर्ग इस सेवा के लिये कोई भी भुगतान करने के लिये बिल्कुल तैयार बैठा है। हमनें पहले भी भारत में आॅनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले उपक्रमों की एक सूची तैयार की थी ओर अब यह क्षेत्र और भी अधिक चुनौतीपूर्ण रूप लेता जा रहा है। इस क्षेत्र में कार्यरत ‘टाॅपर’ ने एसएआईएफ पार्टनर्स और हेलियन वेंचर्स से 2.2 मिलियन डाॅलर का निवेश पाने में और एंबाइब ने कलारी से 4 मिलियन डाॅलर का निवेश पाया है। इसके अलावा कई ओर खिलाड़ी इस क्षेत्र में अपने पांव पसारने की तैयारी में लगे हुए हैं। उपभोक्ताओं द्वारा साइट पर बिताया जाने वाला समय, मौजूद प्रश्नों के साथ जुड़ाव और सफलता की दर आने वाले समय में इन स्टार्टअप्स का भविष्य निधार्रित करने वाले मुख्य कारक होंगे। टेस्टबुक अभी अपने प्रारंभिक में ही है और ऐसे में निवेश के रूप में मिले इस ईंधन का ठीक तरीके से इस्तेमाल वे अपने विकास में ध्यान लगाते हुए बाजार से बड़े से बड़े हिस्से पर कब्जा करने की कोशिशों में लगाएं।

Worked with Media barons like TEHELKA, TIMES NOW & NDTV. Presently working as freelance writer, translator, voice over artist. Writing is my passion.

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