सात साल के करोड़पति बच्चे ने यूट्यूब से कमाए 75 हजार करोड़ 

यूट्यूब से इस तरह करोड़पति बना ये सात साल का बच्चा...

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यूट्यूब पर 75 हजार करोड़ की कमाई करने वाले छह साल के रयान की कामयाबी कत्तई अविश्वसनीय आश्चर्य से कम नहीं है। वॉलमार्ट जैसी कंपनी ने उसके साथ खिलौनों की डील की है। अक्तूबर से अमेरिका के ज्यादातर स्टोर पर रयान के खिलौने मिलने लगेंगे। खिलौनों के साथ चार अलग-अलग डिजाइन कपड़े भी मिलेंगे। इनमें से एक का डिजाइन पिज्जा के आकार का होगा, क्योंकि रयान को पिज्जा बहुत पसंद है।

यूट्यूब से रयान ने पिछले साल जब 11 मिलियन डॉलर कमाए तो 'फोर्ब्स' पत्रिका की लिस्ट में वह सबसे ज्यादा कमाने वाला दुनिया का 8वें नंबर का करोड़पति हो गया। रयान का पूरा नाम अभी किसी को पता नहीं है।

मात्र छह साल का रयान यूट्यूब पर खिलौनों का रिव्यू कर रहा है। उसने अब रिटेल कंपनी 'वॉलमार्ट' के साथ डील साइन की है। वॉलमार्ट अब अमेरिका में रयान के खुद के ब्रांड के खिलौने अपने 2500 स्टोर्स पर सेल करेगा। वॉलमार्ट ने रयान के खिलौनों के ब्रांड का नाम भी ‘रयान वर्ल्ड’ रखा है। रयान के साथ सबसे बड़ा अचरज ये जुड़ा हुआ है कि वह अब तक यूट्यूब पर 75 हजार करोड़ रुपये कमा चुका है। यूट्यूब पर रयान के छह चैनल हैं, जिन पर अपलोड किए गए वीडियो को करीब 1.5 करोड़ से अधिक लोग देख चुके है। पिछले साल रयान यूट्यूब पर आंठवां सबसे अधिक कमाई करने वाला शख्सियत था। खास बात यह है कि यूट्यूब पर कमाई करने का मामले में वह सबसे छोटा करोड़पति भी है। अब ऐसे में एक सवाल लोगों के मन में उठना स्वाभिक है कि क्या खिलौनों से खेलने का शौक किसी बच्चे को करोड़पति बना सकता है। सवाल सुनने में अजीब लगता है लेकिन, यह सच है।

हर बच्चे को खिलौने से प्यार होता है। लेकिन, कुछ बच्चे खिलौने से खेलते-खेलते खास बन जाते हैं। उनमें से ही है ये अतिविलक्षण रयान। उसकी लोकप्रियता का आलम यह है कि दुनिया की दिग्गज रिटेल कंपनी वॉलमार्ट ने अब उसके साथ ये डील साइन कर ली है। गौरतलब है कि उच्च आर्थिक वृद्धि और मध्यम आय वर्ग की खर्च करने की बढ़ती क्षमता के चलते इस समय अकेले भारत का ही खिलौना उद्योग का आकार 45 करोड़ डॉलर (करीब 2950 करोड़ रुपए) तक पहुंच चुका है। भारत में अहमदाबाद, बेंगलूर, हैदराबाद और पुणे खिलौना उद्योग के प्रमुख विनिर्माण केंद्रो के रूप में उभरे हैं। भारत में भी तेजी से फैलते खिलौना बाजार में परंपरागत, स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय खिलौना कंपनियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। भारतीय खिलौना बाजार का स्वरूप वैश्विक बनता जा रहा है। खिलौना निर्माता कंपनियां अब दुनिया भर में घूम-घूमकर बड़े पैमाने पर खिलौनों के मेले लगाने लगी हैं।

अमेरिका में डिजिटल मार्केट बढ़ने के कारण टॉय बिजनेस पर फर्क पड़ा है। ऐसे में वॉलमार्ट रयान का सहारा लेकर अपने खिलौनों के बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहती है। यूट्यूब से रयान ने पिछले साल जब 11 मिलियन डॉलर कमाए तो 'फोर्ब्स' पत्रिका की लिस्ट में वह सबसे ज्यादा कमाने वाला दुनिया का 8वें नंबर का करोड़पति हो गया। रयान का पूरा नाम अभी किसी को पता नहीं है। उसके माता-पिता ने उसकी कम उम्र के कारण उसका सरनेम और राष्ट्रीयता भी अभी गोपनीय रखी है। यूट्यूब पर उसका पहला वीडियो तीन साल पहले सन् 2015 में आया था, उस वक्त तो वह मात्र तीन वर्ष का था। उस वीडियो में वह मिट्टी के खिलौने (लेगो बॉक्स) से खेलते दिख रहा था। उस वीडिय को लोगों ने बड़ी संख्या में लाइक किया। उसके बाद से लगातार यूट्यूब पर उसके वीडियो आने लगे।

इस समय यूट्यूब पर रयान का चैनल सबसे ज्यादा पॉपुलर है। इस वक्त रयान के पास लगभग दस मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं। रयान की हर महीने विज्ञापन के जरिए ही एक मिलियन डॉलर की कमाई हो जाती है। उसके वीडियोज को अब तक कई अरब व्यूज मिल चुके हैं। रयान अपने हर खिलौने को पहले खूब गौर से देखता, परखता है, उसके बाद उसकी समीक्षा करता है। उसके रिव्यू में मामूली से मामूली बात की भी डिटेल होती है। उसकी यही खूबी करोड़ों लोगों को आज आकर्षित कर रही है।

आम आदमी ही नहीं, वॉलमार्ट जैसी कंपनी का भी रयान के हुनर पर इस तरह रीझ जाना किसी को भी हैरत में डाल सकता है। ‘रयान टॉय रिव्यू’ नाम से खिलौनों के बारे में रयान का रिव्यू इतना अच्छा होता है कि लोग आंखमूंदकर उस पर विश्वास करने लगे हैं। उसके माता-पिता उसकी पहचान को अभी मीडिया और पब्लिक की नजर से अभी बचाकर रख रहे हैं। अब तो रयान ने खुद अपने ब्रांडनेम से खिलौने तैयार करने लगा है। इन खिलौनो की बिक्री का बाजार भी अमेरिका बना है। दो माह बाद, यानी अक्तूबर 2018 से रेयान ब्रांड के खिलौने अमेरिका के ज्यादातर स्टोर पर मिलने लगेंगे। वॉलमार्ट ने ऐसी व्यवस्था बनाई है कि रयान ब्रांड के खिलौनों के साथ तीन साल से ऊपर के बच्चों के लिए चार अलग-अलग डिजाइन में कपड़े भी मिलेंगे। इनमें से एक का डिजाइन पिज्जा के आकार का होगा, क्योंकि रयान को पिज्जा बहुत पसंद है।

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पत्रकार/ लेखक/ साहित्यकार/ कवि/ विचारक/ स्वतंत्र पत्रकार हैं। हिन्दी पत्रकारिता में 35 सालों से सक्रीय हैं। हिन्दी के लीडिंग न्यूज़ पेपर 'अमर उजाला', 'दैनिक जागरण' और 'आज' में 35 वर्षों तक कार्यरत रहे हैं। अब तक हिन्दी की दस किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें 6 मीडिया पर और 4 कविता संग्रह हैं।

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