रिजर्व बैंक की नई गाइडलाइंस के बाद पेटीएम करेगा 10,000 लोगों की भर्ती

0

पेटीएम अब पेमेंट्स बैंक भी है और आने वाले समय में इसकी योजना देशभर में 100,000 लाख शाखाएं खोलने की योजना पर काम कर रहा है। अभी हाल ही में रिजर्व बैंक ने जो गाइडलाइंस जारी की है उसमें फ्रॉड डिटेक्शन के नॉर्म्स शामिल किए गए हैं ताकि फर्जी वॉलेट ट्रांजैक्शंस को रोका जा सके।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
 वन97 कम्यूनिकेशंस का पेटीएम में 49 पर्सेंट स्टेक है, जबकि बाकी हिस्सेदारी निजी तौर पर उसके फाउंडर विजय शेखर शर्मा के पास है। पेटीएम ने अपना मोबाइल वॉलेट यानी पीपीआई लाइसेंस पेमेंट बैंक को इसी साल ट्रांसफर किया था। 

 आरबीआई ने पिछले हफ्ते ही मोबाइल वॉलेट यूजर्स के लिए फुल केवाईसी नॉर्म्स जरूरी बना दिया था। उसने साथ ही पीपीआई लाइसेंस के ऐप्लिकेशन के लिए मिनिमम नेटवर्थ भी बढ़ा दी थी।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में वॉलेट यूजर्स के लिए गाइडलाइंस जारी कर नियमों को कठोर बना दिया है। इस वजह से वॉलेट कंपनियों को केवाईसी जैसी प्रक्रिया पूरी करने के लिए नए लोगों की भर्ती करनी पड़ रही है। देश की सबसे बड़ी ई-वॉलेट कंपनी पेटीएम ने 10,000 लोगों को अस्थाई रूप से नौकरी पर रखने की घोषणा की है। पेटीएम अब पेमेंट्स बैंक भी है और आने वाले समय में इसकी योजना देशभर में 100,000 लाख शाखाएं खोलने की योजना पर काम कर रहा है। अभी हाल ही में रिजर्व बैंक ने जो गाइडलाइंस जारी की है उसमें फ्रॉड डिटेक्शन के नॉर्म्स शामिल किए गए हैं ताकि फर्जी वॉलेट ट्रांजैक्शंस को रोका जा सके।

रिजर्व बैंक की तरफ से उठाए गए इन कदमों से मोबाइल वॉलेट के कामकाज का दायरा बदल जाएगा। पेटीएम ने एजेंटों की अपनी टीम का साइज डबल करने का प्लान बनाया है। पेटीएम ने तीन साल में 50 करोड़ फुल केवाईसी कस्टमर्स का टारगेट तय किया है। पेटीएम ने प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स या मोबाइल वॉलेट्स के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की हालिया गाइडलाइंस के चलते स्टैंडअलोन मोबाइल वॉलेट्स को केवाईसी के सख्त नॉर्म्स औरअडिशनल रेग्युलेटरी रिक्वायरमेंट का पालन करना होगा जिससे उनकी स्थिति कमजोर हो जाएगी।

पेटीएम पेमेंट्स बैंक की चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर रेणु सत्ती ने कहा, 'हमारे पास पहले से ही 10,000 एजेंट हैं, जो केवाईसी नॉर्म्स पूरा करने में कस्टमर्स की मदद कर रहे हैं। फिजिकल केवाईसी की क्षमता बढ़ाने के लिए हमने दो महीनों में 10,000 और एजेंट्स हायर करने का प्लान बनाया है। हम एक लाख बैंकिंग आउटलेट्स भी खोलेंगे जहां कस्टमर्स बायोमीट्रिक ऑथेंटिकेशन करा सकेंगे और दूसरी बैंकिंग फैसिलटी हासिल कर सकेंगे।'

उन्होंने कहा कि हर एक बैंकिंग आउटलेट दो तीन लोगों वाली मिनी ब्रांच और बिजनस कॉरस्पॉन्डेंस के नेटवर्क का कॉम्बिनेशन होगी। इनमें बेसिक बैंकिंग सर्विस दी जाएगी और कंपनी के कस्टमर्स की केवाईसी फॉरमैलिटी पूरी होगी। वन97 कम्यूनिकेशंस का पेटीएम में 49 पर्सेंट स्टेक है, जबकि बाकी हिस्सेदारी निजी तौर पर उसके फाउंडर विजय शेखर शर्मा के पास है। पेटीएम ने अपना मोबाइल वॉलेट यानी पीपीआई लाइसेंस पेमेंट बैंक को इसी साल ट्रांसफर किया था। आरबीआई ने पिछले हफ्ते ही मोबाइल वॉलेट यूजर्स के लिए फुल केवाईसी नॉर्म्स जरूरी बना दिया था। उसने साथ ही पीपीआई लाइसेंस के ऐप्लिकेशन के लिए मिनिमम नेटवर्थ भी बढ़ा दी थी।

इंडस्ट्री ने डिजिटल वॉलेट बिजनस को मजबूत बनाने के लिए आरबीआई के उठाए कदमों की सराहना की है। हालांकि कुछ कंपनियों का कहना है कि नए नॉर्म्स से अलग पेमेंट बैंक की अवधारणा की खत्म हो जाएगी। सत्ती ने कहा कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक के फुल केवाईसी कंप्लायंट कस्टमर्स को अपने अकाउंट की बैलेंस रकम पर कम से कम 4 पर्सेंट ब्याज मिलेगा। उन्होंने कहा कि नए गाइडलाइंस से स्टैंडअलोन वॉलेट्स की स्थिति कमजोर हो जाएगी क्योंकि वे वॉलेट बैलेंस पर ब्याज नहीं दे पाएंगे जबकि केवाईसी रिक्वायरमेंट पूरा करने पर एक बार में इतनी ही रकम खर्च होने वाली है।

उन्होंने कहा, 'स्टैंडअलोन वॉलेट्स पक्के तौर पर कमजोर स्थिति में होंगे। आपके पेटीएम पेमेंट्स बैंक अकाउंट में रखा गया पैसा कंपनी के वेल्थ मैनेजमेंट सॉल्यूशंस के साथ 4-6 पर्सेंट का रिटर्न दे सकता है जबकि डिजिटल वॉलेट्स में रखे गए पैसों पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा।' पेटीएम ने कस्टमर्स को फुल केवाईसी वाला बनाने के लिए 50 करोड़ डॉलर की रकम अलग रखी है। उसका अनुमान है कि छोटे शहरों और कस्बों सहित देशभर में बड़ी संख्या में कस्टमर्स तक पहुंच बना पाएगा। सत्ती ने कहा, 'हमने 2020 तक 50 करोड़ कस्टमर्स का टारगेट तय किया है।'

यह भी पढ़ें: बेटे की बीमारी से राहुल को मिली दूसरों का दर्द दूर करने की प्रेरणा

यदि आपके पास है कोई दिलचस्प कहानी या फिर कोई ऐसी कहानी जिसे दूसरों तक पहुंचना चाहिए, तो आप हमें लिख भेजें editor_hindi@yourstory.com पर। साथ ही सकारात्मक, दिलचस्प और प्रेरणात्मक कहानियों के लिए हमसे फेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ें...