ऑनलाइन लें, ऑफलाइन डिस्काउंट के मजे

‘रिंग एंड ऑर्डर’ से लें ऑफलाइन डिस्काउंट कूपन

दिल्ली और देहरादून में दे रहे हैं सेवाएं

सेल्स और सर्विस में लें डिस्काउंट

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ऑनलाइन बाजार में यूं तो डिस्काउंट कूपन की भरमार रहती है, लेकिन कभी आपने सोचा कि अगर ये डिस्काउंट कूपन ऑफलाइन बाजार के लिए भी मिलने लगे तो जिंदगी कितनी आसान हो जाएगी। कुछ इसी सोच के साथ इस काम को शुरू किया है अंकुर अवस्थी और अनुराग जैन ने ‘रिंग एंड ऑर्डर’ के जरिये।

‘रिंग एंड ऑर्डर’ ये एक ऑनलाइन पोर्टल है जहां पर विभिन्न तरह की सेवाओं के लिए कई तरह के डिस्काउंट कूपन मौजूद हैं। ‘रिंग एंड ऑर्डर’ के संस्थापक अंकुर अवस्थी अपने इस स्टार्टअप को पढ़ाई के साथ कर रहे हैं। फिलहाल अंकुर देहरादून में मौजूद उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी से बीटेक के अंतिम वर्ष के छात्र भी हैं और उन्होने इस काम को तब शुरू किया जब वो बीटेक के तीसरे साल में थे। करीब डेढ़ साल पहले शुरू हुए इस स्टार्टअप के बारे में अंकुर का कहना है कि “मैंने देखा की ऑनलाइन बाजार तेजी से अपने पांव पसार रहा है ऐसे में ऑफलाइन बाजार काफी पिछड़ सकता है। तब मैंने सोचा कि ऑफलाइन बाजार को बचाने के लिए कुछ ऐसा किया जाए जिसके बारे में किसी ने नहीं सोचा हो।”

अंकुर अवस्थी
अंकुर अवस्थी

इस स्टार्टअप को शुरू करने से पहले अंकुर ने अपने दोस्तों के सामने ‘रिंग एंड ऑर्डर’ का विचार रखा। जिसे उनके साथियों ने काफी पसंद किया। लेकिन तकनीकी के क्षेत्र में वो कमजोर थे। ऐसे में उनको तलाश थी ऐसे मजबूत हाथ की जो तकनीक का अच्छा जानकार हो। तब उनकी मदद को आगे आये अनुराग जैन। जो इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय से बीटेक के अंतिम वर्ष के छात्र हैं। अनुराग ने वेबसाइट बनाने की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली। इसके बाद अंकुर ने अपने दोस्त अब्बास, आशीष, चित्रथ और गौतम के साथ मिलकर करीब दो महीने बाजार का सर्वे किया। जिसके बाद उन्होने इसका बीटा वर्जन लांच किया। अंकुर का कहना है कि उन्होने इस दौरान देहरादून में 50 से ज्यादा ऐसे लोगों को अपने साथ जोड़ा जो सेल्स और सर्विस के काम से जुड़े थे। सितंबर, 2014 में जब अंकुर ने ‘रिंग एंड ऑर्डर’ की शुरूआत की तो उनको बाजार से काफी अच्छी प्रतिक्रियायें मिलीं। जिसके बाद उनको लगने लगा कि उनका ये आइडिया काफी अच्छा काम कर सकता है। जिसके बाद उन्होने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इसे देहरादून के साथ साथ दिल्ली में भी शुरू कर दिया।

अनुराग जैन
अनुराग जैन

आज ‘रिंग एंड ऑर्डर’ के साथ 5सौ से ज्यादा ऐसे लोग जुड़ चुके हैं जो सेल्स और सर्विस के काम को देखते हैं। इसके बाद अंकुर की योजना इस काम को बड़े पैमाने पर ले जाने की है। अपने इस स्टार्टअप के साथ पढ़ाई कर रहे अंकुर का कहना है कि “फिलहाल मैं इसे बड़े स्तर पर नहीं ला सकता लेकिन पढ़ाई खत्म करने के बाद निश्चित रूप से मैं इसका विस्तार करूंगा। क्योंकि मैंने देखा है कि इसमें काफी संभावनाएं हैं।”

कैसे काम करता है ‘रिंग एंड ऑर्डर’

दरअसल ‘रिंग एंड ऑर्डर’ ऑफलाइन बाजार के लिए ऑनलाइन डिस्काउंट कूपन देता है। डिस्काउंट कूपन हासिल करने के लिए किसी भी ग्राहक को ‘रिंग एंड ऑर्डर’ की वेबसाइट में जाना होता है और अपने को मनचाही सेल्स और सर्विस के लिए रजिस्टर्ड करना होता है। जिसके बाद ‘रिंग एंड ऑर्डर’ की ओर से एक एसएमएस मिलता है जिसको दुकान में दिखाकर छूट हासिल की जा सकती है।

देहरादून और दिल्ली में काम कर रही ‘रिंग एंड ऑर्डर’ वेबसाइट की टीम में कुल 10 लोग हैं। इस स्टार्टअप की शुरूआत में पहले राउंड का निवेश हो चुका है। इसके अलावा अंकुर ने भी अपनी बचत को इसमें निवेश किया है। अब उनके इस काम को आगे बढ़ाने में उनके कुछ दोस्त मदद कर रहे हैं। आम लोगों को उनकी वेबसाइट कितनी पसंद आ रही है इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि हर रोज ‘रिंग एंड ऑर्डर’ से 12सौ के आसपास कूपन जारी किये जाते हैं। इन लोगों की आय का मुख्य स्रोत्र सर्विस प्रोवाइडर से मिलने वाला मामूली शुल्क है। खास बात ये है कि ये किसी भी सर्विस प्रोवाइडर से शुल्क लेने से पहले उसे तीन महीने तक अपनी सेवाएं मुफ्त में देते हैं। जिसके बाद अगर सर्विस प्रोवाइडर को लगता है कि उसे इनसे लाभ हो रहा है तो वो इनकी सेवाएं जारी रखने के लिए मामूली शुल्क देता है।

‘रिंग एंड ऑर्डर’ के संस्थापक अंकुर अवस्थी का कहना है कि इस काम को विस्तार देने के लिए वो निवेश के दूसरे राउंड में उतरना चाहते हैं। इसलिए उन्होने निवेश के रास्ते तलाशने शुरू कर दिये हैं। उनका कहना है कि उनकी मदद के लिए कई निवेशक आगे भी आए हैं। जिनके साथ जल्द बातचीत की जाएगी। अंकुर मानते हैं कि इस आइडिये को बड़े स्तर पर लाने में वक्त और पैसा दोनों लगेगा। अंकुर का कहना है कि “हमारी कोशिश है कि आने वाले वक्त में अगर कोई ग्राहक घर से बाहर किसी भी चीज के लिए निकले तो उसे रिंग एंड ऑर्डर की जरूरत पड़े।”

Website:- www.ringandorder.com

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