एक कहानी ऐसी भी: बातों से हुआ प्रेम, पहली मुलाकात के दो दिन बाद ही कर ली शादी

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कहा जाता है कि इंसान प्यार में अंधा और पागल हो जाता है, यहां भी कहानी कुछ वैसी ही थी। स्नेहा ने तुरंत हां कह दी। लेकिन सोचने वाली बात है, दोनों कभी एक दूसरे से मिले नहीं, लेकिन पूरी जिंदगी बिताने का वादा कर लिया।

हर्ष और स्नेहा
हर्ष और स्नेहा
स्नेहा ने कहा कि वह किसी के साथ दस साल का समय बिताने के बाद भी वो कनेक्शन नहीं महसूस कर सकतीं जो उन्हें हर्ष के साथ महसूस हुआ। इसके बाद बात आई शादी की। दोनों ने कोर्ट मैरिज करने का फैसला किया था। हर्ष ऑस्ट्रेलिया से मुंबई आए।

जोड़ियां तो रब ही बनाता है; ऐसा कभी कहा जाता था। लेकिन आज वक्त बदल चुका है जहां सोशल मीडिया पर प्यार होता है और सात जन्म निभाने के वादे भी कर लिए जाते हैं। यह सुनकर अगर आपको हैरानी हो रही है तो हम आपको एक ऐसी रियल लव स्टोरी सुनाने जा रहे हैं जो फेसबुक पर शुरू हुई और हकीकत में शादी में बदल गई। स्नेहा ने अपनी कहानी फेसबुक पर ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे पेज पर शेयर की है। हम उस कहानी को आप तक हूबहू पहुंचा रहे हैं।

स्नेहा कहती हैं, 'मैं उस वक्त 28 की थी और मुझे लग रहा था कि अब शादी की उम्र हो गई है तो मुझे शादी कर लेनी चाहिए। इसलिए मैंने कुछ लड़कों को देखना शुरू कर दिया, लड़के तो कई अच्छे दिखे, लेकिन वो कनेक्शन नहीं महसूस हुआ। एक दिन मैं फेसबुक पर ऐसे ही कुछ देख रही थी तो अपने टाइमलाइन पर मुझे एक मैसेज मिला।' स्नेहा को हर्ष ने मैसेज भेजा था जिन्हें वह जानती भी नहीं थीं। हर्ष ने उनसे पूछा कि क्या वे एक दूसरे को जानते हैं? स्नेहा ने बिना वक्त बेकार किए रिप्लाई कर दिया।

दोनों की बातें शुरू हुईं। वे अपने म्युचूअल फ्रेंड्स से लेकर जिंदगी के अनुभवों तक बातें करते। हर्ष उस वक्त ऑस्ट्रेलिया में रहते थे और स्नेहा मुंबई में। लेकिन स्नेहा कहती हैं कि उन्हें कभी नहीं महसूस ही नहीं हुआ कि वे इतने दूर रहने वाले इंसान से बातें कर रही हैं। धीरे-धीरे वक्त आगे बढ़ रहा था और बातों का दायरा भी। ये बातें इतनी होने लगीं कि दोनों को वक्त का पता ही नहीं चलता। स्नेहा बताती हैं कि उनका दिन बिना हर्ष से बात किए नहीं गुजरता था। एक दिन तो बातों की इंतेहां हो गई। दोनों ने 18 घंटे बातें की। फोन की बैटरी खत्म होती तो चार्जिंग पॉइंट के पास बैठकर बातें कीं।

स्नेहा और हर्ष
स्नेहा और हर्ष

फोन से छूटे तो लैपटॉप पर बैठ गए और स्काइप पर शुरू हो गए। स्नेहा को लगा कि उन्हें हर्ष से बात करने की आदत पड़ गई है। उधर हर्ष के दिल में भी रिऐक्शन होने शुरू हो गए थे। उन्होंने अपना वॉट्सऐप स्टेटस बदलकर उसमें लिख दिया, 'आय एम इन लव'। लेकिन बात यहीं नहीं रुकी। उन्होंने अपना सब्र खो दिया और स्नेहा को सीधे आई लव यू बोल दिया। वे हर बातचीत के अंत में स्नेहा को आय लव यू बोलते। लेकिन स्नेहा सिर्फ इतना कहतीं, ' ओके, थैंक यू।' लेकिन स्नेहा भी खुद को रोक नहीं सकीं और एक दिन अपने प्रेम का इजहार कर ही दिया।

कुछ ही दिनों बाद स्नेहा को एक ईमेल मिला। उस मेल में तीन कंकड़ बने थे। स्नेहा को याद आया कि उन्होंने हर्ष को पेंग्विन और कंकड़ की कहानी सुनाई थी जिसमें पेंग्विन प्यार का इजहार करने के लिए तीन में से एक कंकड़ चुनते हैं। उन्होंने तुरंत मेल का रिप्लाई किया और झट से हर्ष का भी रिप्लाई आ गया, 'विल यू मैरी मी।' कहा जाता है कि इंसान प्यार में अंधा और पागल हो जाता है, यहां भी कहानी कुछ वैसी ही थी। स्नेहा ने तुरंत हां कह दी। लेकिन सोचने वाली बात है, दोनों कभी एक दूसरे से मिले नहीं, लेकिन पूरी जिंदगी बिताने का वादा कर लिया।

स्नेहा इस पर कहती हैं हो सकता है हमने बातों से एक दूसरे को उतना न जाना हो, लेकिन जब आप प्यार में होते हैं तो आप सिर्फ महसूस करते हैं, ज्यादा दिमाग नहीं लगाते। प्यार में कोई समयसीमा नहीं होती। स्नेहा ने कहा कि वह किसी के साथ दस साल का समय बिताने के बाद भी वो कनेक्शन नहीं महसूस कर सकतीं जो उन्हें हर्ष के साथ महसूस हुआ। इसके बाद बात आई शादी की। दोनों ने कोर्ट मैरिज करने का फैसला किया था। हर्ष ऑस्ट्रेलिया से मुंबई आए। स्नेहा उन्हें एय़रपोर्ट पर रिसीव करने गईं। मिलते ही दोनों गले मिले। स्नेहा बताती हैं कि यह लम्हा कुछ ज्यादा ही खास था। दो दिन बाद दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली।

स्नेहा और हर्ष की शादी को तीन साल हो गए हैं। वे एक दूसरे से अब भी वैसा ही लगाव महसूस करते हैं। दोनों किसी अनजान जगह पर ट्रिप पर जाते हैं, 90's के गाने सुनते हैं और एक दूसरे से ढेर सारी बातें करते हैं। एक बहुत दिलचस्प बात है जो आज भी दोनों नहीं जान सकें, वो ये कि वे फेसबुक पर कैसे जुड़े और किसने किसको रिक्वेस्ट भेजी थी। यह लाख टके का सवाल है जो दोनों अक्सर एक दूसरे से पूछते हैं और हंस पड़ते हैं।

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