स्मार्टफोन बना रहा है लोगों को समय से पहले बूढ़ा

सेल्फी लेना है त्वचा के लिए खतरनाक

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जैसे -जैसे दुनिया एक नए युग की ओर से आगे बढ़ती जा रही है वैसे स्मार्टफोन पर इंसान की निर्भरता बढ़ती जा रही है। लेकिन हाल में इसके इस्तेमाल को लेकर जो शोध सामने आया है वह चौंकाने वाला है।

सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार: Shutterstock)
सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार: Shutterstock)
वैज्ञानिकों ने 250 से ज्यादा युवाओं पर स्मार्टफोन के प्रभाव को लेकर शोध किया और पाया कि रास्ते में चलते समय 46 फीसदी लोग स्मार्टफोन पर लगे रहते हैं।

सेल्फी लेते समय चेहरे के जिस हिस्से की अधिक तस्वीर ली जाती है, उस पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। साथ ही फोन की नीली लाइट भी त्वचा को नुकसान पहुंचाती है।

जल्दी बुढ़ापा आने के सामान्य कारणों के बारे में तो हम सभी को पता होगा लेकिन क्या आप जानती हैं बहुत अधिक स्मार्टफोन या फिर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के इस्तेमाल से त्वचा उम्र से पहले बूढ़ी नजर आने लगती है। स्मार्टफोन आज ऐसी उपयोगी वस्तु बन गया है जिसके बिना जीना असंभव लगता है। जैसे -जैसे दुनिया एक नए युग की ओर से आगे बढ़ती जा रही है वैसे स्मार्टफोन पर इंसान की निर्भरता बढ़ती जा रही है। लेकिन हाल में इसके इस्तेमाल को लेकर जो शोध सामने आया है वह चौंकाने वाला है।

रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल युवाओं को समय से पहले बूढ़ा कर सकता है। एक और शोध में ये बात फिर से साफ हो गई है कि स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से लोगों की रिश्तेदारियां तक खत्म हो रही हैं। लोगों के रिश्तों मे दरार आ रही है क्योंकि वे आपस में बहुत कम बात करते हैं।

क्या कहती है ये रिपोर्ट

रिपोर्ट में कहा गया है कि स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल सेहत के लिए खतरनाक है। स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल युवओं में खतरनाक प्रभाव देखने को मिला है। शोध रिपोर्ट के अनुसार, युवओं की चाल अभी से 80 साल के बुजुर्गों जैसी हो गई है। इतना ही नहीं दिनभर स्मार्टफोन पर लगे रहने वाले युवाओं में गर्दन दर्द और कमर दर्द की शिकायत भी बढ़ने लगी है। शोध करने वाले वैज्ञानिकों ने 250 से ज्यादा युवाओं पर स्मार्टफोन के प्रभाव को लेकर शोध किया। शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि रास्ते में चलते समय 46 फीसदी लोग स्मार्टफोन पर लगे रहते हैं।

भले ही यह इस्तेमाल किसी से बात करने के लिए हो, चैटिंग करने के लिए हो या फिर सोशल मीडिया पर अपडेटेशन के लिए हो। शोधकर्ताओं ने पाया कि चलते हुए स्मार्टफोन चलाने पर लोगों की चाल आमतौर पर धीमी हो जाती है और स्मार्टफोन चलाने वाला शख्स किसी बुजुर्ग की तरह चलता है। शोधकर्ता डॉ टिमिस के मुताबिक, 'उन्हें शोध के दौरान एक युवा को ऐसे को पीछे देखा जो ऐसे चल रहा मानो कई बोतला शराब पी रखा हो, लेकिन बाद में तब उसके सामने जाकर देखा तो पता चला कि वह स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहा है।'

सेल्फी युग है घातक

सेल्फी लेते समय चेहरे के जिस हिस्से की अधिक तस्वीर ली जाती है, उस पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। साथ ही फोन की नीली लाइट भी त्वचा को नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि वे व्यक्ति का चेहरा देखकर ये तक बता सकती हैं कि वे किस तरफ से सबसे ज्यादा सेल्फी लेते हैं। 

दरअसल, फोन से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन सीधे हमारे DNA पर असर डालती हैं। ये किरणें हमारे DNA से त्वचा में प्रवेश करती हैं। इस वजह से त्वचा खराब हो जाती है। इससे बचाव के लिए आपको आपको त्वचा पर एंटी-ऑक्सीडेंट वाली क्रीम लगानी चाहिए। किसी भी तरह का सनस्क्रीन लोशन इसमें आपकी मदद नहीं कर सकता।

एक जगह बैठकर फोन इस्तेमाल करते रहना खतरनाक

बहुत अधिक समय तक स्मार्टफोन यूज करने वालों की त्वचा भी समय से पहले ही खराब हो जाती है। एक ही जगह पर बहुत देर तक बैठे रहने से भी ढ़लती उम्र के लक्षण जल्दी नजर आने लगते हैं। लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहने से डीएनए में बदलाव आने लगता है। इससे उम्र से पहले ही बुढ़ापा आने का खतरा बढ़ जाता है। 

त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्टफोन से निकलने वाली रेडियशन किरणों की वजह से चेहरे पर झुर्रियां आ सकती हैं। 

पढ़ें: महिलाओं के पास होता है पुरुषों से तेज दिमाग: रिसर्च

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IIMC दिल्ली से पत्रकारिता की एबीसीडी सीखी। नेटवर्क-18 और इंडिया टुडे के लिए दो साल तक काम किया। घूमने का जुनून है। इस जुनून को chalatmusaafir.in पर देखा जा सकता है। देश के कोने-कोने में जाकर वहां की विरासत और खासियत को सामने लाने का सपना है।

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