IIT कानपुर के तीन स्नातकों के स्टार्टअप 'आईलेंज़' को मिला 5 लाख $ का निवेश

दृश्य खोज (Visual Search) स्टार्टअप है आईलेंज़ जो वास्तविक और आॅनलाइन दुनिया के भ्रम को दूर करता है...आशीष कुमार, कौस्तुभ सिंहल और अंकित सचान ने 6 महीनों की मेहनत के बाद जून 2015 में किया लाँच...सिंगापुर स्थित मर्काटस कैपिटल से 5 लाख अमरीकी डाॅलर का प्रारंभिक निवेश पाने में रहे हैं सफल...

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आशीष कुमार, कौस्तुभ सिंहल और अंकित सचान ने अपने जीवन सफर के लिये जो रास्ता चुना वह आकांक्षाओं और उम्मीदों से भरा हुआ था। बीते दौर के बारे में बात करते हुए आशीष को वह समय याद आता है जब अपने उद्यम की स्थापना से पहले से ही वे ज़ोमाटो के प्रति पूरी तरह से मोहित थे। उन्हें इस कंपनी की सेवाएं इतनी पसंद थी कि उन्होंने अपने निजी प्रयोग के लिये जिस पहली मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड किया था वह इसी कंपनी का थी।

लेकिन जीवन में सफलता को पाने के लिये सिर्फ आकांक्षाएं और उम्मीदें ही मुख्य घटक नहीं होती हैं बल्कि व्यक्ति को इन्हें दूरदृष्टि, दृढ़संकल्प और जुनून से भी सींचना पड़ता है और आईआईटी कानपुर के इन स्नातकों में यह सभी विशेषताएं कूट-कूट कर भरी हुई थीं। इन युवाओं ने एक ऐसी भारतीय कंपनी को तैयार करने का सपना देखा जो हर क्षेत्र में खुद को एक वैश्विक स्तर की कंपनी के रूप में स्थापित कर सके।

बीते 10 वर्षों से एक साथ रहने के बाद अब ये तीनों सहसंस्थापक खुद के भीतर तकनीकी बातों के प्रति एक सामान्य झुकाव पाते हैं। ये लोग अपने-अपने काम से वापस आते और पूरी रात कोडिंग के काम में लगे रहते। आशीष बताते हैं कि रेलवे टिकट की प्रतीक्षा सूची से संबंधित एक भविष्यवाणी मंच को तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान इन तीनों का रुझान इस काम की तरफ हुआ था। हालांकि वह प्रोग्राम कभी मूर्त रूप नहीं ले पाया लेकिन इसने इन्हें आगे जाने का रास्ता जरूर दिखा दिया।

अब इसके बाद क्या? इस तिकड़ी ने अपने जुनून पर पूरा ध्यान देने के लिये अपनी-अपनी नौकरियों को अलविदा कह दिया और जल्द ही फैशअप (Fashupp) के साथ दुनिया के सामने आए जो सामाजिक फैशन की खोज से संबंधित एक आॅनलाइन मंच था और यह उनके दूसरे उद्यम के लिये मील का पत्थर साबित हुआ। उन्हें अपने इस वर्तमान स्टार्टअप के लिये विचार एक स्काई-फाई फिक्शन से आया जिसमें मुख्य पात्र को जिस वस्तु के बारे में भी जानकारी चाहिये होती है वह उसपर अपनी नजरें गड़ाता है और उसे पूरी जानकारी मिल जाती है। उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि दृश्य प्रेरणा किसी भी उत्पाद के बारे में जानकारी पाने के लिये सबसे सहज दृष्टिकोण है।

अपने इस उत्पाद की सफलता के बाद इस तिकड़ी ने जनवरी 2015 में आईलेंज़ (iLenze) पर काम करना प्रारंभ किया और 6 महीनों की कड़ी मेहनत के बाद जून के महीने में अपने नए उत्पाद के साथ दुनिया के सामने आए।

मूलतः यह एक दृश्य खोज (Visual Search) स्टार्टअप है और आईलेंज़ वास्तविक और आॅनलाइन दुनिया के बीच की खाई को पाटने का एक प्रयास करता है। यह अपने उपयोगकर्ताओं को किसी भी उस वस्तु की खोज करने की आजादी देता है जिसे वह अपनी आंखों से देख सकता है। उत्पाद खोज (Product Discovery) की मूल अवधारणा को केंद्र में रखकर काम करने वाला स्टार्टअप फिलहाल फैशन, फर्नीचर और घर क सजावट से संबंधित उत्पादों के क्षेत्र में संचालित हो रहा है। काम करना प्रारंभ करने के तीन महीनों के भीतर ही यह स्टार्टअप ई-काॅमर्स के क्षेत्र में पहले से ही स्थापित खिलाडि़यों के साथ काम करने में सफल रहा है और उनके मंचों पर दृश्य आधारित खोज को एकीकृत और संभव बना रहा है।

वर्तमान में ये छः उपभोक्ताओं के साथ काम कर रहे हैं और पिछले महीने इन्होंने 3 हजार अमरीकी डाॅलर का व्यापार किया और इनके पास 10 हजार अमरीकी डाॅलर के अनुबंध मौजूद हैं। हालांकि अभी ये अपने समाने आने वाले बाजार के अवसरों को जानने और समझने में समय लगा रहे हैं लेकिन इन्हें उम्मीद है कि आने वाले छः महीनों में इनका उद्यम एक लाख अमरीकी डाॅलर का राजस्व पाने में सफल रहेगा।

अपनी आकांक्षाओं के पंखों पर सवार आशीष बताते हैं, ‘‘हमारा बड़ा सपना बाजार के लिये एक वृहद दृश्य खोज उपलब्ध करवाने वाला मंच बनना है। इस दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए हमने जमीनी कार्रवाई करनी प्रारंभ कर दी है और आप उम्मीद कर सकते हैं कि हम आने वाले कुछ महीनों में अपने उत्पाद को बाजार में लाने में सफल रहेंगे।’’

इनका इरादा उपभोक्ता बाजार में अपने उत्पादों को एक चरणबद्ध तरीके से पेश करना है और इसी क्रम में ये अक्टूबर में महीने में अपनी एक एप्लीकेशन उतारने की योजना को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। इसके अलावा यह कंपनी भागीदारी के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपनी छाप छोड़ने के प्रयास में है और इसके लिये इन्होंने सिंगापुर आधारित एक स्टार्टअप के साथ हाथ मिलाया है। आशीष का कहना है कि निकट भविष्य में इनका इरादा 10 वैश्विक साझीदारों को अपने साथ जोड़ने का है जो इनके राजस्व में 50 प्रतिशत से भी अधिक का योगदान करेंगे। इसके अलावा आने वाले 6 महीनों में आईलेंज़ का इरादा इलेक्ट्राॅनिक्स और एफएमजीसी जैसे कार्यक्षेत्रों में विस्तार करने का है।

अबतक पूरी तरह से अपने संस्थापकों के द्वारा जमा किये गए निवेश के दम पर संचालित हो रही आईलेंज़ सिंगापुर स्थित मार्कटस कैपिटल से 5 लाख अमरीकी डाॅलर का प्रारंभिक निवेश पाने में सफल रही है।

निवेश के बारे में विशेष रूप में याॅरस्टोरी के साथ अपने विचार साझा करते हुए आशीष बताते हैं कि उनका इरादा मुख्य रूप से इस धनराशि के माध्यम से एक बेहतरीन तकनीकी टीम को तैयार करने का है। वर्तमान में सिर्फ 3 लोगों की एक टीम के दम पर संचालित हो रहे इस उद्यम का इरादा आने वाले दिनों में अपनी तकनीकी टीम को सात से दस सदस्यों की एक टीम में बदलने का है। इसके अलावा यह कंपनी शिक्षाविदों को अपने साथ जोड़ने के अलावा एक सक्रिय सेल्स टीम के निर्माण पर भी अपना ध्यान केंद्रित कर रही है जो इस टीम के सदस्यों की गिनती को बढ़ाकर 20 तक ले जाएगी।

इसके अलावा इसके संस्थापकों का कहना है कि इस निवेश का इस्तेमाल एप्लीकेशन को तैयार करने में भी किया जाएगा।

मार्कटस कैपिटल की ओर से निवेश करने वाली ट्रेसी क्यूक टिप्पणी करते हुए कहती हैं, ‘‘हम निवेश करने के लिये ऐसे खिलाड़ी की तलाश में थे जिसमें विस्तार की संभावनाओं के अलावा अग्रणी होने विश्लेषणात्मक बढ़त भी हो। कई खिलाडि़यों के मूल्यांकन के बाद हमारी नजरों में आईलेंज़ व्यवसायिक तौर पर अपनी इस तकनीक को लागू करने में सफल रहा और इस क्षेत्र में एक नई कंपनी होने के बावजूद वे हमारा भरोसा जीतने में सफल रहे।’’

वे आगे कहती हैं कि इसके अलावा संस्थापक टीम द्वारा दिखाया गया समझदारी और काम के प्रति उनका जुनून उन्हें निवेश के लिये प्रोत्साहित करने वाले अन्य मुख्य कारक रहे।

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Worked with Media barons like TEHELKA, TIMES NOW & NDTV. Presently working as freelance writer, translator, voice over artist. Writing is my passion.

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