‘‘सेल्फी विथ डॉटर’ के जनक ने कहा, पीएम के शब्दों ने मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्रिटेन के वेंबले स्टेडियम से दिए अपने संबोधन में ‘सेल्फी विथ डॉटर’ पहल की सराहना किए जाने पर इसके जनक सुनील जगलान ने कहा कि उनके :प्रधानमंत्री के: शब्दों ने मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ये भी कहा कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान को प्रोत्साहन देने के लिए हरियाणा में और काम किए जाने की जरूरत है।

जींद जिले में बीबीपुर गांव के मुखिया सुनील जगलान ने कहा कि अत्यंत निम्न लैंगिक दर वाले राज्य हरियाणा में केंद्रीय स्तर पर एक स्वतंत्र विभाग की स्थापना की जानी चाहिए और बालिकाओं के लिए अभियान को प्रभावकारी तरीके से उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

जींद में जून में ‘सेल्फी विथ डॉटर’ मुहिम की शुरूआत करने वाले जगलान ने बताया, ‘‘मोदीजी ने वैश्विक स्तर पर बार बार इस पहल के बारे में बात की जिसने मुझे उत्साहित किया और हरियाणा में मैं जो कुछ भी कर रहा हूं उसके लिए मुझे और प्रेरणा दी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कई मंचों पर प्रधानमंत्री ने बार बार इस बात का जिक्र किया कि किस तरह से ‘सेल्फी विथ डॉटर’ दुनिया में आंदोलन का रूप ले चुका है। जनवरी में प्रधानमंत्री ने हरियाणा के पानीपत से राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम शुरू किया था।’’

जगलान ने कहा कि खास दिनों में सरकार इस अभियान के संबंध में कार्यक्रम आयोजित करती है लेकिन इस संबंध में जमीनी स्तर पर और अधिक काम किए जाने की जरूरत है। मुझे लगता है कि ग्रामीण स्तर पर अभियान के संबंध में और अधिक गतिविधियां होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘महिला एवं बाल विकास विभाग :बेटी बचाओ अभियान को क्रियान्वित करने वाला प्रमुख विभाग: पर पहले से ही अन्य चीजों का भार है, इसलिए मुझे दृढ़ता से लगता है कि इससे निपटने के लिए एक स्वतंत्र विभाग दरकार है। एक ऐसी टीम होनी चाहिए जो पूरे साल इस पर काम करे।’’ उन्होंने कहा बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा को जुलाई में हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने राज्य में बेटी बचाओ अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया था। उन्हें इसमें सक्रिय भागीदारी के लिए कहना चाहिए।

जगलान ने कहा, ‘‘गुड़गांव में जुलाई में इस संबंध में हुए एक समारोह के बाद उन्होंने कभी भी राज्य का दौरा नहीं किया। इस अभियान के मकसद से उन्हें हरियाणा के गांव आना चाहिए।’’ जगलान ने बताया कि वह ‘सेल्फी विथ डॉटर’ पर एक किताब लिख रहे हैं, जिसमें लैंगिक असामनता के कारण पैदा हुई समस्याओं से निपटने की खातिर इस मुद्दे से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा और खासकर हरियाणा के बारे में बात की जाएगी, जहां युवकों को मजबूरन अन्य राज्यों से दुल्हन ढूंढनी पड़ती हैं।

साभार-पीटीआई